Sunday, April 19, 2026
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देहरादून के परेड ग्राउंड में 4 अप्रैल से शुरू होगा नौ दिवसीय ‘दून पुस्तक महोत्सव 2026’ का उद्घाटन

  • दून में सजेगा किताबों का संसार, देश-दुनिया के दिग्गज लेखक और विचारक होंगे शामिल

    देहरादून |  दून घाटी के सबसे प्रतिष्ठित सास्कृतिक कार्यक्रमों में से एक बनने के लिए पूरी तरह तैयार, दून पुस्तक महोत्सव 2026′ का आयोजन 4 से 12 अप्रैल 2026 तक देहरादून के परेड ग्राउंड में किया जाएगा। शिक्षा मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले राष्ट्रीय पुस्तक न्यास, भारत द‌द्वारा आयोजित यह महोत्सव, पुस्तकी, विचारों और संस्कृति का एक ऐसा अनूठा उत्सव होने का वादा करता है. जो पूरे देश से पाठकों, लेखकों, कलाकारों और विचारकों को एक मंच पर लाएगा।

    इस महोत्सव का उद्‌द्घाटन 4 अप्रैल 2026 को सुबह 10:30 बजे, देहरादून के परेड ग्राउंड में उत्तराखंड के माननीय मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ‌द्वारा किया जाएगा। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि, उत्कृष्ट विद्‌वान आचार्य बालकृष्ण, राष्ट्रीय पुस्तक व्यास के अध्यक्ष प्रो. मिलिंद सुधाकर मराठे, राष्ट्रीय पुस्तक न्यास, भारत के निदेशक श्री युवराज मलिक और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहेंगे। नौ दिनों तक चलने वाले इस महोत्सव में गढ़वाली और कुमाऊँनी सहित कई आवाओं की लाखो पुस्तके प्रदर्शित की जाएँगी, जो इसे पुस्तक प्रेमियों के लिए एक स्वर्ग बना देगा। इस महोत्सव में प्रवेश निःशुल्क है। इसका उ‌द्देश्य पढ़ने की आदतों को बढ़ावा देना और साहित्य की व्यापक जनसमुदाय के लिए सुलभ बनाना है।📚✨ देहरादून तैयार हो जाइए! ज्ञान, साहित्य और संस्कृति का भव्य संगम—दून  पुस्तक महोत्सव 2026 आपके लिए लेकर आ रहा है पुस्तकों की अनोखी दुनिया ...

    पुस्तकों के अलावा, दून पुस्तक महोत्सव 2026 में बच्चों के लिए प्रतिदिन रोचक गतिविधियों होगी, जिनमें स्टोरी टेलिंग सत्र, रचनात्मक कार्यशाला, क्विज़ और इंटरैक्टिव सीखने के अनुभव शामिल है। इस महोत्सव में कई सास्कृतिक प्रस्तुतियाँ और म्यूजिकल कॉन्सर्ट भी होंगे, जो एक जीवंत और उत्सव जैसा माहौल बनाएंगे।

    इस महोत्सव का मुख्य आकर्षण ‘दून साहित्य उत्सव है, जहाँ जाने-माने लेखक, फिल्मकार, विचारक और जानी-मानी हस्तियाँ पैनल चर्चाओं और इंटरैक्टिव सत्रों के जरिए पाठकों से जुड़ेंगी। नितिन सेठ, इम्तियाज अली, अखिलेंद्र मिश्र, आचार्य प्रशांत, शुभाशु शुक्ला, ब्रिगेडियर सुशील तवर, संजीव चोपड़ा, लेफ्टिनेंट जनरल सतीश दुआ जैसी जानी-मानी हस्तियों विविध सत्रों में हिस्सा लेंगी। वक्ता सिनेमा और साहित्य, दून घाटी से महिलाओं की आवाज, वहीं में नेतृत्व और साहस, आरत के अतीत में देशभक्ति और क्रांति, इंसान और सशील के बदलते रिश्ते, और 1946 के नौसेना विद्रोह और सुभाष चंद्र बोस की विरासत जैसे ऐतिहासिक विषयों पर चर्चा करेंगे।

    साहित्यिक जुड़ाव को बढ़ावा देने की अपनी प्रतिबद्धता को आगे बढ़ाते हुए, राष्ट्रीय पुस्तक न्यास ने क्षेत्रीय अत्षाओं को पोत्साहित करने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। पिछले साल इसने एक विशेष कार्यशाला का आयोजन किया था, जिसमें उत्तराखंड के लेखक, अनुवादक और आषा विशेषज्ञ एक साथ आए थे। इस पहल के परिणामस्वरूप, बाल कहानियों और साहित्यिक कृतियों की एक विस्तृत शृंखला की पहचान की गई और उनका गढ़‌वाली तथा कुमाऊँनी भाषाओं में अनुवाद किया गया, यह इस क्षेत्र की समृध सास्कृतिक और भाषाई विरासत को दर्शाता है। इस प्रयास के परिणाम स्वरूप, दोनों आषाओं में 13 पुस्तके तैयार की गई है. जिन्हें ‘दून पुस्तक महोत्सव 2026′ में औपचारिक रूप से जारी किया जाएगा।

    साहित्य ज्ञान और लाइव पेशकश के अपने अनोखे मेल के साथ, दून पुस्तक महोत्सव 2026 देहरादून और पूरे उत्तराखंड क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक सांस्कृतिक आयोजन बनने का वादा करता है। इस महोत्सव की परिकल्पना न केवल पुस्तकों के उत्सव के रूप में की गई है, बल्कि इसे संवाद, रचनात्मकता और सांस्कृतिक आदान-प्रदान के लिए एक जीवत मंच के तौर पर भी देखा जा रहा है। यह पूरे देश में पढ़ने की संस्कृति को बढ़ावा देने के प्रति राष्ट्रीय पुस्तक न्यास की निरंतर प्रतिब‌द्धता को दर्शाता है।

    जहाँ पुस्तके, बातचीत और संस्कृति एक ही छत के नीचे एक साथ आते हैं. वही दून पुस्तक महोत्सव’, 4 से 12 अप्रैल 2026 तक परेड ग्राउंड में आयोजित होने वाली इस साहित्यिक और सांस्कृतिक गाथा का हिस्सा बनने के लिए सभी को आमंत्रित करता है।

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