महासंघ ने 6 अक्टूबर से दी आंदोलन की धमकी
-मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से करेंगे शिकायत
देहरादून, उत्तराखंड गैर सरकारी संगठन (एनजीओ) महासंघ ने पंचायती राज निदेशालय के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। उन्होंने कहा कि बीते फरवरी में जारी एक विज्ञप्ति पहले से गतिमान है। उसे निरस्त किए बिना नवीन विज्ञप्ति निकालकर उत्तराखंड के बाहर के कंपनियों को प्रशिक्षण कार्य दिए जाने का षड्यंत्र किया जा रहा है। बैठक में कहा गया कि महासंघ निदेशालय में चल रही इस तरह की मनमानी को सहन नहीं करेगा। सरकार तथा शासन में इसकी शिकायत की जाएगी।
महासंघ की गुरुवार को व्हाइट हाउस में एक आवश्यक बैठक की गई। बैठक में उपस्थित महासंघ के घटक गैर सरकारी संगठन के प्रतिनिधियों ने पंचायती राज निदेशालय द्वारा आज प्रकाशित विज्ञापन को एक साजिश बताया।
उन्होंने कहा कि फरवरी 2025 में निकल गई विज्ञप्ति के अनुसार 104 से अधिक संस्थाओं ने आवेदन किया था। दो लाख रुपए की धनराशि का एफडीआर जमा किया गया था। इसके अतिरिक्त दस हजार रुपए की धनराशि प्रत्येक संस्था द्वारा डीडी के माध्यम से जमा किया गया था। निदेशालय द्वारा नियमों के विरुद्ध जबरन परीक्षा भी कराई गई। निदेशालय द्वारा फरवरी 2025 को जारी विज्ञापन को अभी तक निरस्त नहीं किया गया है।
उसके बावजूद एक नवीन विज्ञप्ति निकल गई है। इस विज्ञप्ति के अनुसार अब प्रशिक्षण कार्य को उत्तराखंड में रजिस्टर्ड नहीं होने के बाद भी कंपनी को दिया जा सकता है।
महासंघ के संयोजक जगत मर्तोलिया ने कहा कि लंबे समय से निदेशालय पंचायतीराज द्वारा गैर सरकारी संगठनों के साथ असम्मानजनक व्यवहार किया जा रहा है। कहा कि प्रथम चरण में शासन तथा सरकार से इसकी शिकायत की जाएगी।
अगर इस विज्ञप्ति को कैंसिल नहीं किया गया तो महासंघ 6 अक्टूबर से निदेशालय में प्रदर्शन करते हुए आंदोलन शुरू कर देगा। इसकी सूचना सरकार तथा शासन को दे दी जाएगी।



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