-सिर्फ पिथौरागढ़ जिले में निकाली विज्ञप्ति
-युवा कल्याण विभाग के कार्य प्रणाली पर सवाल खड़े
देहरादून, एक और प्रदेश में राष्ट्रीय खेलों का आयोजन करने के बाद प्रदेश को खेल का हब बनाने की दिशा में सीएम पुष्कर धामी लगातार कार्य कर रहे हैं वहीं सिर्फ मुख्यमंत्री के गृह जनपद पिथौरागढ़ में युवा कल्याण विभाग के द्वारा अजब का गजब करारनामा कर दिखाया है जहां पर ग्रामीण खेलकूद स्वास्थ्य संवर्द्धन योजना के तहत दैनिक मानदेय पर रखे जिले के आठों विकास खंडों के खेल प्रशिक्षकों को बाहर कर दिया है ये खेल प्रशिक्षक पिछले पांच वर्षों से न्याय पंचायत स्तर से लेकर राज्य स्तर आयोजित विभिन्न खेलकूद सहित अन्य कार्यक्रमों में सहयोग कर रहे थे।
लेकिन प्रदेश के अन्य 12 जनपदों में दैनिक खेल प्रशिक्षकों को पुनः नियुक्ति मिल गई है लेकिन पिथौरागढ़ जिले में युवा कल्याण विभाग के द्वारा विज्ञप्ति निकालकर पिछले 5 वर्षों से कार्य कर रहे हैं खेल प्रशिक्षकों को बाहर करने की तैयारी की जा रही है। जिससे खेल प्रशिक्षकों में आक्रोश फैल गया है खेल प्रशिक्षकों ने बताया कि 12 जनपदों में कोई शासनादेश नहीं है सिर्फ पिथौरागढ़ जिले में विभाग शासनादेश होने की बात कर रहा है। जिससे वर्तमान तक कार्य कर रहे खेल प्रशिक्षकों के सामने रोजगार का संकट पैदा होने के साथ ही परिवार के भरण पोषण के लिए दिखत पैदा हो गई है
पूर्व जिला पंचायत सदस्य जगत मर्तोलिया ने बताया कि मुख्यमंत्री के गृह जनपद में दैनिक वेतन में कार्य करने वाले खेल प्रशिक्षकों को बाहर कर सरकार की मंशा पर सवाल खड़े हो रहे हैं यदि 12 जनपदों में पूर्व से कार्य कर रहे खेल प्रशिक्षकों को बाहर नहीं किया गया तो सिर्फ पिथौरागढ़ में बाहर करने की साजिश क्यों रची गई। और बताया की वर्तमान में जिला युवा कल्याण अधिकारी पर नियमों के खिलाफ मोटी धनराशि लेकर माननीय हाईकोर्ट के नियुक्ति में रोक आदेश के बाद भी गुपचुप तरीके अप्रशिक्षित लोगों को पीआरडी में रोजगार देने का आरोप भी लगाया है वही खेल प्रशिक्षकों को हटाकर अपने चहेतों को रखने के लिए विज्ञप्ति निकालने का आरोप लगाते हुए कहा की पूर्व इसके द्वारा पीआरडी जवानों को भी बाहर करने का आदेश जारी किया गया था लेकिन जवानों के विरोध प्रदर्शन के कारण जवानों को बाहर नहीं कर पाया। उन्होंने युवा कल्याण विभाग की सीबीआई से जांच कराकर दोषियों के खिलाफ का करने की भी मांग की है। यदि शीघ्र पहले से कार्य कर रहे खेल प्रशिक्षकों को नियुक्ति नहीं देने और दोषी अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई नही होने पर सीएम आवास और युवा कल्याण मंत्री के आवास में धरना देने की चेतावनी दी है।
खेल और युवा कल्याण विभाग खेल प्रशिक्षकों के नियम अलग
देहरादून, खेल विभाग के द्वारा भी ब्लाक स्तर पर कांट्रैक्ट पर खेल प्रशिक्षकों की नियुक्ति की गई है जबकि पहले से कार्य कर रहे खेल प्रशिक्षकों को नियुक्ति दी गई है जबकि युवा कल्याण विभाग में सिर्फ़ पिथौरागढ़ जिले में बाहर किया जा रहा है। जबकि दोनों विभागों के खेल प्रशिक्षकों का काम एक ही तो फिर युवा कल्याण विभाग के दैनिक वेतन भोगी खेल प्रशिक्षकों को क्यों बाहर किया जा रहा है। इससे विभाग के कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
चार महीने तक बजट दबाया क्यों रखा
देहरादून, ग्रामीण खेलकूद संवर्द्धन योजना के तहत दैनिक वेतन भोगी खेल प्रशिक्षकों की नियुक्ति के लिए निदेशक युवा कल्याण विभाग के द्वारा चार माह पूर्व सभी जिला युवा कल्याण अधिकारी को बजट भेज दिया गया था। जिस पर पिथौरागढ़ जिले में जिला युवा कल्याण चार महीने तक बजट पर कुंडली मारकर बैठा रहा।



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