देवेन्द्र चमोली
रुद्रप्रयाग – प्रकरण जनपद के दशज्यूला छैत्र की सीमांत ग्राम पंचायत विजराकोट का है, यहां 72 वर्षीय देवकी देवी का आवासीय भवन आपदा की जद मे हैं। भू-धंसाव से देवकी देवी के आवासीय भवन के आंगन सहित कई हिस्सों में दरारें आ गयी। जिस कारण भय के साये में रातें बिताने को मजबूर हैं। प्रशासन की ओर से कोई सुध न लेने से देवकी देवी आहत हैं।
बता दें कि अतिवृष्टि के कारण अगस्त्यमुनि विकास खण्ड का सीमांत गांव विजराकोट के कई तोक आपदा की जद में हैं। अमोला व गैर तोक में जबरदस्त भू धंसाव से कुछ परिवार रात को अन्यत्र शरण लेने को मजबूर हैं। वहीं गांव में अनेक भवनों में दरारें आई है। गांव निवासी देवकी देवी का मकान भी भू धंसाव की जद में हैं भवन के आंगन सहित भवन पर दरारें आ चुकी है। जिससे खतरा बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि जानकी देवी द्वारा अपने पास सभी जमा पूंजी 10 लाख रुपये कोरोना काल में प्रधानमंत्री राहत कोष में मानव सेवा के लिये समर्पित किये गये लेकिन आज जब उन पर आपदा की मार पड़ी तब प्रशासन सुध लेने को भी तैयार नहीं है। वहीं देवकी देवी भी प्रशासन के रवैये से आहत हैं। छैत्र पंचायत सदस्य नीमा देवी, पूर्व छैत्र पंचायत कुलदीप नेगी आदि ने जिला प्रशासन से सक्षम अधिकारियों द्वारा गांव का सर्वे कराने की मांग की है। वहीं अपर जिलाधिकारी श्याम सिंह राणा ने बताया कि शीघ्र ही भू धंसाव प्रभावित गांवों में प्रशासनिक टीम भेजकर स्थिति का जायजा लिया जायेगा।
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