देहरादून, उत्तराखंड़ राज्य बनने के बाद से जमीन खरीद फरोख्त का धंधा खूब फलने फूलने लगा, बाहर के लोगों ने भी यहां आकर जमीन के धंधे में शामिल होकर खरीद फरोख्त शुरू कर दी, लेकिन इस दौरान जमीनों और सम्पत्तियों की क्रय विक्रय के खेल में धोखाधड़ी के मामले भी लगातार सामने आने लगे, ऐसा ही एक मामला राजधानी देहरादून का है जहां सम्पति लेने की चाह ने लोगों की गाड़ी कमाई पर कैसे प्लीता लगाया यह हैरत में डाल देता है, ऐसा ही एक मामला हाल ही में प्रकाश में आया है, जहां जालसाजों ने एक ही मकान को अलग अलग लोगों को दिखाया और उनसे लाखों रूपये बयाने के तौर पर ले लिए और जब मकान की रजिस्ट्री करवाने को कहा गया तो आरोपी मौके से फरार हो गये, मिली जानकारी के अनुसार देहरादून के निजी रेस्टोरेंट में आयोजित पत्रकार वार्ता में बल्लुपुर उद्दीवाला निवासी विपिन गुप्ता ने बताया कि उनके दोस्त प्रवीण नेगी ने उनको पटेलनगर देहराखास में एक मकान दिखाया, जो की उनको पसंद आ गया, मकान के दस्तावेज किसी राजेंद्र नेगी टिहरी गढ़वाल निवासी के नाम पर थे, सभी दस्तावेज देखने के बाद उन्होंने 11 लाख रूपये बयाने के तौर पर राजेंद्र योगी को दे दिए गये, लेकिन जब मौके पर जाकर उन्होंने पता किया तो पता चला की, यह मकान पहले भी दो अन्य लोगों को बेचा जा चुका है और तब जाकर उनको अपने साथ ठगी किये जाने का अहसास हुआ, वही इसी ठगी के शिकार हरपाल सिंह चौहान ने बताया की उनके साथ भी राजेंद्र योगी ने ऐसी ही ठगी की है और उन्होंने भी 21 लाख रूपये राजेंद्र योगी को दिए है, और एक अन्य भी ने भी इसी मकान के लिए पैसे दिए है, और देहरादून पुलिस में शिकायत दर्ज करने के बाद भी इसमें कोई कार्यवाही नहीं की जा रही है l इस ठगी के शिकार हरपाल सिंह चौहान वरिष्ठ नागरिक हैं और वह गांधी इंटर कालेज से शिक्षक के रुप में सेवानिवृत हो चुके हैं, उन्होंने भी इस जालसाजी की रिपोर्ट पुलिस को दी है लेकिन अभी तक पुलिस की तरफ कोई कार्यवाही जालसाजों के खिलाफ नहीं हो पायी l


Recent Comments