जेवर में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का प्रधानमंत्री मोदी ने किया शिलान्यास

पहले की सरकारों ने उत्तर प्रदेश को अंधकार में रखा, उसे हमेशा झूठे सपने दिखाए : पीएम

नोएडा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को ग्रेटर नोएडा के जेवर में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का शिलान्यास किया, यह दुनिया का चौथा सबसे बड़ा एयरपोर्ट होगा | शिलान्यास समारोह में प्रधानमंत्री ने कहा कि पहले की सरकारों ने उत्तर प्रदेश को अंधकार में रखा, उसे हमेशा झूठे सपने दिखाए |
पीएम ने कहा इससे पहले दिल्ली में जो सरकार थी, उसने उत्तर प्रदेश सरकार को चिट्ठी लिखकर बकायदा कह दिया था कि जेवर एयरपोर्ट के प्रोजेक्ट को बंद कर दिया गया है. लेकिन डबल इंजन की हमारी सरकार ने इस सपने को साकार किया, पहले की सरकारों ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश को नजरअंदाज किया, उसका उदाहरण ये जेवर एयरपोर्ट भी है, यह एयरपोर्ट पिछले कई सालों तक पिछली सरकारों की खींचतान में उलझा रहा था

पीएम के भाषण की खास बातें :

पहले की सरकारों ने जिस उत्तर प्रदेश को अंधेरे में रखा, हमेशा झूठे सपने दिखाए, उसी उत्तर प्रदेश को आज राष्ट्रीय ही नहीं अंतरराष्ट्रीय पहचान मिल रही है. आजादी के 7 दशक बाद, पहली बार उत्तर प्रदेश को वो मिलना शुरू हुआ है, जिसका वो हमेशा से हकदार रहा है |

आजादी के इतनों सालों तक उत्तर प्रदेश को ताने सुनने के लिए मजबूर किया गया, कभी जातिवादी के ताने, कभी अपराधी माफिया के राजनीति गठजोड़ के ताने. लोगों में मन में यही सवाल था कि उत्तर प्रदेश की सकारात्मक छवि बन पाएगी या नहीं |

जब एयर कनेक्टविटी बढ़ती है तो टूरिज्म सेक्टर को बढ़ावा मिलता है. जेवर में बनने वाले इस एयरपोर्ट से भी टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा | मेरठ की स्पोर्ट्स इंडस्ट्री, मुरादाबाद के पीतल उद्योग, आगरा का फुटवियर और पेठा या सहारनपुर के फर्नीचर उद्योग को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाना जेवर एयरपोर्ट के बनने से और आसान होगा |

इंफ्रास्ट्रक्चर हमारे लिए राजनीति का हिस्सा नहीं है, बल्कि राष्ट्रनीति का हिस्सा है. हम सुनिश्चित कर रहे हैं कि तय समय के अंदर ही प्रोजेक्ट पूरे किए जाएं. देर करने पर कंपनी पर जुर्माने का भी प्रावधान किया गया है |

पहले राजनीतिक लाभ के लिए आनन-फानन में रेवड़ियों की तरह इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट की घोषणाएं होती थीं, लेकिन योजनाएं जमीन पर कैसे उतरेंगी, धन का प्रबंध कैसे होगा, इस पर विचार ही नहीं होता था. यह वजह है कि प्रोजेक्ट दशकों तक तैयार नहीं होते थे | हवाई अड्डे के निर्माण के दौरान रोजगार के हजारों अवसर बनते हैं हवाई अड्डे को सुचारु रूप से चलाने के लिए भी हज़ारों लोगों की आवश्यकता होती है. जेवर एयरपोर्ट पश्चिमी यूपी के हजारों लोगों को नए रोजगार देगा |

पश्चिम उत्तर प्रदेश के अलीगढ़, मथुरा, बिजनौर, बरेली, मुरादाबाद में औद्योगिक क्षेत्र हैं. एग्रीकल्चर सेक्टर में भी पश्चिम क्षेत्र की बड़ी हिस्सेदारी है. इसीलिए यह एयरपोर्ट यहां के लोगों के लिए एक नई गति देगा |
इस एयरपोर्ट के निर्माण में तीन साल का समय लगेगा. इसके निर्माण पर 10 हजार करोड़ रुपये से अधिक की लागत आएगी. बन जाने के बाद यह दुनिया का चौथा सबसे बड़ा हवाई अड्डा होगा |