देहरादून, हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी किताबों पर लगभग चालीस प्रतिशत हुई व्रद्धि से आर्थिक दबाव झेल रहे अभिभावकों के लिए एक बार फिर से सहारा बना है एनएपीएसआर बुक बैंक l
बुक बैंक के संस्थापक व एनएपीएसआर के राष्ट्रीय अध्यक्ष आरिफ खान ने बताया की जहां एक ओर महंगी होती शिक्षा अभिभावकों की पहुंच से बाहर होती जा रही है और सरकार व शिक्षा विभाग इन पर अंकुश लगाने मे नाकाम हैं वहीं एनएपीएसआर द्वारा संचालित बुक बैंक अभिभावकों को तो आर्थिक राहत पहुंचा रहा है आप कहीं से भी निःशुल्क किताबों की जानकारी हेतु 7830548108 पर सम्पर्क कर सकते हैं ।
एनएपीएस छात्र -छात्राओं के जीवन मे ज्ञान का दीपक जला रहा है । इस साल सरकार द्वारा कई कक्षाओं की किताबें बदली जाने के कारण और नई शिक्षा नीति की किताबों एवं निजी पब्लिशर की किताबों के दामों मे हुई बेतहाशा व्रद्धि के कारण अभिभावकों का बजट गड़बड़ा रहा है । सबसे ज्यादा लाभ कम्पटीशन एवं विभिन्न प्रतियोगिता परीक्षाओं की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों को हो रहा है उन्हें प्रतियोगिता की तैयारी के लिए महंगी महंगी पुस्तकें निःशुल्क उपलब्ध हो रही हैं । आरिफ खान के अनुसार इस साल मार्च के शुरुआत से लेकर अब तक लगभग छःसौ पचास से अधिक बच्चों ने हमारे बुक बैंकों से निःशुल्क किताबों का लाभ उठाया है । जबकि अभी बोर्ड के रिजल्ट आना बाकी है । पिछले वर्ष एनएपीएसआर बुक बैंक से सत्ताईससौ बच्चों को किताबें वितरित की गई थी अनुमान है कि इस साल ये आंकड़ा और भी अधिक पहुंचने वाला है ।
एनएपीएसआर द्वारा पूरे जिला देहरादून मे इस समय 13 बुक बैंक संचालित किए जा रहे हैं जिनके माध्यम से प्ले ग्रुप से लेकर हायर एजुकेशन,कम्पटीशन,मेडिकल,बैंकिंग,लॉ,सीए,टीचिंग,एनडीए,आईएस व पीसीएस की किताबें निःशुल्क उपलब्ध कराई जाती हैं ।
बता दें कि वर्ष 2017 मे चार किताबों और एक मेज से शुरू किया गया एनएपीएसआर द्वारा संचालित बुक बैंक आज आसाम,गुवाहाटी,सुवालकुची,कोलकाता और गोण्डा इत्यादि बाहरी राज्यों मे भी संचालित हो रहे हैं ।
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