धर्मानन्द उनियाल राजकीय महाविद्यालय में डा. अनिल कुमार नैथानी की स्मृति में काव्य-गोष्ठी का हुआ आयोजन

टिहरी, धर्मानन्द उनियाल राजकीय महाविद्यालय नरेन्द्रनगर में हिन्दी दिवस के अवसर पर कॉलेज के दिवंगत हिन्दी प्राध्यापक डॉ. अनिल कुमार नैथानी की स्मृति में काव्य-गोष्ठी का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का आरम्भ कॉलेज प्राचार्य प्रो. प्रीति कुमारी ने दीप प्रज्जवलन एवं दिंगत प्राध्यापक के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया। उपस्थित प्रतिभागियों और कॉलेज कर्मचारियों को सम्बोधित करते हुए प्राचार्य ने कहा कि भाषा का प्रयोग संवेदनशीलता के साथ करना चाहिए। उन्होंने प्रत्येक कार्मिक को निष्ठापूर्वक कार्य करने का मंत्र भी दिया।

काव्य पाठ में प्रतिभाग करते हुए कॉलेज प्राध्यापक डॉ. विक्रम सिंह बर्त्वाल ने डॉ. नैथानी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए हिन्दी के इतिहास पर सारगर्भित वक्तव्य के साथ ‘तुम व्यक्त थे, व्यक्त हैं, व्यक्त रहेंगे‘ कविता का पाठ किया। वरिष्ठ प्राध्यापिका डॉ सपना कश्यप ने साहिर लुधयानवी के पंक्तियों का गायन किया। पर्यटन विभाग के प्राध्यापक डॉ. संजय महर ने स्वरचित कविता अनिल तुम कहॉ हो? रंग में, तरंग में, उडती उमंग में… कविता पाठ कर अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

डॉ. हिमांशु जोशी ने नैथानी की स्मृति में ‘जोश ज़ोर का, यादाश्त का जवाब नहीं, हृदय बाल्य था, उग्रता का सवाल नहीं‘ कविता का पाठ किया।
भावुक होते हुए कॉलेज प्राध्यापिका डॉ. ईरा सिंह ने ‘जिंदगी कैसी है पहेली‘ गीत की पक्तियां गुनगुनायी। डॉ0 विजय प्रकाश भट्ट ने सरल शब्दों में स्मृति शेष कविता का पाठ कर अपने  संस्मरण को शब्द रूप दिया।
पत्रकारिता विभाग की प्राध्यापिका डॉ. सृचना सचदेवा ने ‘उसे भी कहॉ पता था….‘ कविता की पाठ कर दिवंगत आत्मा को श्रद्धाजंलि अर्पित की।

कविता पाठ करते हुए डॉ. अराधना सक्सेना ने ‘कहीं पल भर भी आराम नहीं….‘ कविता का गायन किया। डॉ. पारूल मिश्रा की कविता ‘कुछ जोडना है…‘ का पाठ डॉ. ईरा सिंह ने किया। गृह विज्ञान की प्राध्यापिका डॉ. सोनी तिलारा ने ‘यादें…..यादें….यादें ‘ कविता पाठ कर उपस्थितजनों का हृदय द्रवित कर दिया। हिंदी विभाग के डॉ. जितेन्द्र नौटियाल ने ‘हिंदी अपनी शान है, हिंदी से हिंदुस्तान है‘ कविता का पाठ किया। डॉ. चेतन भट्ट ने हिंदी की समृद्धता के लिए विज्ञान विषयों में हिंदी साहित्य के अभाव को रेखांकित किया। डॉ0 नुपूर गर्ग ने हिंदी और राजनीति में चोली दामन का रिश्ता बताया। मुनेन्द्र कुमार ने ‘सच तो यह है गुज़रा हुआ वक्त लौट कर ना आयेगा‘ कविता पाठ किया।
कार्यक्रम संयोजिका डॉ0 रश्मि उनियाल ने वैज्ञानिक तथ्यों का पिरोकर कविता पाठ किया। उल्लेखनीय है कि उक्त कार्यक्रम का आयोजन कॉलेज की सेमिनार एवं अकादमिक क्रियाकलाप समिति द्वारा किया गया।  इस अवसर पर सभी शिक्षक एवं कर्मचारीगण उपस्थित रहे।