हरिद्वार। हरिद्वार चरक सहितां प्राचीन भारतीय चिकित्सा का मूल आधार है।जिसमें सभी असाध्य रोगों का निदान समाहित है। आज भारत ही नही समूची दुनिया प्राचीन भारतीय आयुर्वेदिक पद्वति व हिंदी भाषा के प्रति आकर्षित हो उसे तेजी से अपना रही है। यह विचार नगर के जानेमाने नाडी वैद्य एम.आर.शर्मा ने हिंदी प्रोत्साहन समिति द्वारा गुरुकपा औषधालय मे सम्मानित किये जाने के अवसर पर व्यक्त किये।उन्होंने कहा की वह यह सम्मान हरिद्वार नगर की जनता को समर्पित करते है।उनका जीवन जनसेवा को समर्पित है।उन्होंने कहा की उनके पास आने वाले रोगियों मे बडी संख्या ग्रामीण परिवेश से आने वाले रोगियों की होती है।जिनसे वह हिंदी भाषा के माध्यम से सरल व साधारण भाषा मे संवाद कर उनके रोग का उपचार करते है।
उन्होंने लोगों से अपने दैनिक जीवन मे अधिक से अधिक हिन्दी भाषा को अपनाने का अनुरोध किया।
इस अवसर पर संस्था के प्रदेश अध्यक्ष डा.पंकज कौशिक,प्रदेश महामंत्री कुलभूषण शर्मा व प्रदेश कोषाध्यक्ष हेमंत नेगी ने कहा की जब समाज मे विशेष स्थान रखने वाले व्यक्ति आम जनता से कोई अपील करते है तो उसका सकरात्मक संदेश समाज मे जाता है।
वैध जी द्वारा आगे आकर हिन्दी भाषा को प्रोत्साहित करने से समाज मे एक नया संदेश जायेगा जो लोगों को हिन्दी भाषा के प्रति प्रोत्साहित करेगा।
इस अवसर पर डॉ पंकज कौशिक,कुलभूषण शर्मा,अरविंद शर्मा विजय प्रताप सिंह आदि उपस्थित रहे।
Recent Comments