(देवेन्द्र चमोली)
रुद्रप्रयाग – जनपद में बृहस्पति वार की रात आफत लेकर आई। बादल फटने व अतिवृष्टि के कारण बसुकेदार छैत्र के छेना गाड़ सहित कई इलाकों मे भारी तबाही हुई। लगभग आठ लोग लोगों लापता बताये जा रहे हैं जबकि कई घायलों को राहत एवं बचाव दल द्वारा रेस्क्यू किया गया। उधर जखोली के में मकान की दीवार ढहने से एक महिला की मौत हो गयी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दुःख जताते हुते जिला प्रशासन से राहत व बचाव कार्य का जायजा लिया।
तहसील बसुकेदार अंतर्गत अलग अलग छैत्रों में बादल फटने व अतिवृष्टि से भारी नुक़सान हुआ है। खेत खलिहान सहित जन हानि से एक बार केदारनाथ त्रासदी की याद ताजा हो गयी। मध्य रात्रि बाद हुये प्राकृतिक प्रकोप की त्रासदी को समझने में लोगों को बहुत देर लगी। आपदा ने जखोली विकासखंड का बांगर छैत्र , ब्लाक मुख्यालय जखोली के आस पास के छैत्र के साथ साथ अगस्त्यमुनि विकासखंड के कई गांवों में कहर बरपाया। बसुकेदार छैत्र के बढैथ, डुंगर सेमला, ताल जामण , छैना गाड़ सहित जखोली के कई छैत्रो में भारी नुक़सान हुआ है। वहीं विकासखंड जखोली मुख्यालय में मकान टूट जाने से सरिता देवी (45) पत्नी जसपाल मूल निवासी ललूडी टेंडवाल का मकान टूट जाने से महिला की दबकर मौत हो गई है।
सुबह से जिला प्रशासन राहत एवं बचाव कार्यों में तत्परता से जुट गया। जिलाधिकारी व छैत्रीय विधायक ने प्रभावित छैत्रों में जाकर प्रभावितों नुक़सान का जायजा लिया।
प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंचने के लिए वैकल्पिक मार्गों को चिन्हित कर राहत एवं बचाव दल भेजे गये। जिला स्तर से विभिन्न अधिकारियों को संबंधित राजस्व निरीक्षक एवं अन्य कार्मिकों के साथ प्रभावित ग्रामों में तत्काल कार्यवाही के लिए भेज भेजा गया है।
जिला प्रशासन प्रभावित लोगों को त्वरित सहायता एवं सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाने में जुटा है। राहत व बचाव कार्यों में एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पुलिस एवं राजस्व विभाग की टीमें सक्रिय रूप से जुटी हुई हैं।



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