Sunday, May 4, 2025
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विजय कप्रवाण बने श्री बद्री- केदार मंदिर समिति के उपाध्यक्ष, कार्यकर्ताओं ने जताई खुशी

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रुद्रप्रयाग- भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता व पूर्व जिलाध्यक्ष विजय कप्रवाण को श्री बद्री-केदार मंदिर समिति का उपाध्यक्ष नियुक्त होने पर भाजपा कार्यकर्ताओं सहित जनपद वासियों ने खुशी ब्यक्त की है।
बता दें कि श्री बद्री- केदार मंदिर समिति के नये अध्यक्ष की कल शासन स्तर से घोषणा की गयी। जिसमे हेमंत द्धिवेदी को अध्यक्ष नियुक्त किया गया इसी के साथ पहली बार मंदिर समिति में दो उपाध्यक्षों की भी नियुक्ति की गयी है। जिसमें ऋषि प्रसाद सती व विजय कप्रवाण को श्री बद्री केदार मंदिर समिति में उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया।
जनपद रुद्रप्रयाग निवासी विजय कप्रवाण लम्बे समय से पार्टी के समर्पित कार्यकर्ता रहे है तथा जनपद रुद्रप्रयाग भाजपा अध्यक्ष सहित जनपद चमोली व जनपद पौडी के संगठन प्रभारी की जिम्मेदारी भी निभाई। इसके साथ ही वे जनपद में लगातार सामाजिक, धार्मिक, सांस्कृतिक गतिविधियों में सक्रिय भूमिका में रहे। सरकार द्वारा उन्हे श्री बद्री-केदार मंदिर समिति में उपाध्यक्ष नियुक्त करने पर जनपद में खुशी की लहर है।
भाजपा पदाधिकारी व कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का आभार जताया। विधायक रुद्रप्रयाग भरत सिंह चौधरी, केदारनाथ आशा नौटियाल, जिलाध्यक्ष भारत भूषण भट्ट, अजय सेमवाल, सभाषद सुरेन्द्र रावत, विकास डिमरी, महन्त शैलेन्द्र गोस्वामी, महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष सबिता भंडारी, आदि ने विजय कप्रवाण की नियुक्ति पर खुशी ब्यक्त की।May be an image of ticket stub and textMay be an image of 2 people and text

‘श्री बद्रीनाथ एवं श्री केदारनाथ मंदिर समिति’ के अध्यक्ष बने हेमंत द्विवेदी

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देहरादूनः- सीएम पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर “श्री बद्रीनाथ एवं श्री केदारनाथ मन्दिर समिति” में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष नियुक्त किये गए है। इस बार अध्यक्ष के अतिरिक्त दो उपाध्यक्ष भी नियुक्त किये गए हैं ।
श्री हेमन्त द्विवेदी, जनपद पौड़ी गढ़वाल को “श्री बद्रीनाथ एवं श्री केदारनाथ मन्दिर समिति” में “अध्यक्ष” के पद पर जबकि श्री ऋषि प्रसाद सती, जनपद चमोली और श्री विजय कपरवाण, जनपद रूद्रप्रयाग को “श्री बद्रीनाथ एवं श्री केदारनाथ मन्दिर समिति” में “उपाध्यक्ष” के पद पर कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से नामित किया गया है।

“श्री बद्रीनाथ एवं श्री केदारनाथ मंदिर समिति” के कार्यक्षेत्र में विस्तार, तीर्थयात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए चारधाम यात्रा के बेहतर प्रबंधन और समिति के कार्यों का कुशल संचालन और बेहतर समन्वय के लिए एक से अधिक उपाध्यक्ष नियुक्त किये गए हैं। पौङी, चमोली और रुद्रप्रयाग जिलों से स्थानीय जनप्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया गया है। इससे निर्णय प्रक्रिया तेज़ होगी और यात्रियों को बेहतर सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा सकेंगी।
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“श्री हेमन्त द्विवेदी जी को ‘श्री बद्रीनाथ एवं श्री केदारनाथ मंदिर समिति’ के अध्यक्ष पद पर तथा श्री ऋषि प्रसाद सती जी और श्री विजय कपरवाण जी को उपाध्यक्ष पद पर नियुक्त किए जाने पर हार्दिक बधाई देता हूं। इन दायित्वों के माध्यम से मुझे पूर्ण विश्वास है कि सभी सम्मानित पदाधिकारीगण अपने अनुभव, समर्पण और दूरदृष्टि से समिति के कार्यों को नई गति और दिशा प्रदान करेंगे।
दो उपाध्यक्षों की नियुक्ति का निर्णय तीर्थ क्षेत्रों के व्यापक संचालन, बेहतर समन्वय और यात्रियों को अधिक सुविधाएं प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। मुझे आशा है कि यह नई टीम भगवान बद्री-केदार के दिव्य धामों के प्रबंधन को और अधिक सशक्त और पारदर्शी बनाएगी। सरकार की ओर से हर संभव सहयोग सुनिश्चित किया जाएगा।”

पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री

उत्तराखंड यूरोलॉजिकल सोसाइटी का तृतीय वार्षिक सम्मेलन

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हरिद्वार ( कुलभूषण )। ऋषिकेश एम्स में चल रही UKUSCON 2025 यूरोलॉजिकल सोसाइटी के तीसरे वार्षिक सम्मेलन में आए हुए देश के प्रतिष्ठित चिकित्सकों जिनमें प्रमुख रूप से डॉ शिवम् प्रियदर्शी, डॉ एस एन संखवार, डॉ संजय सिन्हा ,डॉ मल्लिकार्जुन ,डॉ पंकज वाधवा ,डॉ शशिकांत मिश्रा, डॉ गगन गौतम, डॉ अनीश श्रीवास्तव, डॉ राजीव रंजन, डॉ धर्मेंद्र अग्रवाल, डॉ आदित्य प्रधान एवं लगभग 150 से अधिक चिकित्सकों ने हरकी पौड़ी ब्रह्मकुंड पर श्री गंगा आरती में भाग लिया। आरती के पश्चात श्री गंगा सभा हरिद्वार के द्वारा सभी चिकित्सकों का स्वागत और अभिनन्दन कर गंगाजल और प्रसाद भेंट किया गया।सभा के महामंत्री तन्मय वशिष्ठ ने सभी को हरिद्वार तीर्थ की महिमा और सभा के कार्यों से अवगत कराया।इस अवसर पर गंगा सभा के स्वागत मंत्री डॉ सिद्धार्थ चक्रपाणी, प्रचार सचिव शैलेश गौतम,अनमोल मल,अभय त्रिपाठी आदि उपस्थित रहे।

उत्तराखंड ने यूसीसी लागू कर देश के सामने एक उदाहरण प्रस्तुत किया- मुख्यमंत्री

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वर्तमान समय की मांग है समान नागरिक संहिता- डॉ. चिन्मय पण्ड्या
समान नागरिक संहिता के जनजागरूकता हेतु सभी शिक्षण संस्थान में विशेष पहल की शुरुआत देसंविवि से
हरिद्वार 3 मई।(कुलभूषण)उच्च शिक्षा विभाग एवं देव संस्कृति विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वाधान में अखंड भारत रू समान नागरिक संहिता के परिप्रेक्ष्य में नागरिक कर्तव्य पर कार्यशाला का आयोजन देसंविवि के मृत्युंजय सभागार में किया गया। इस कार्यशाला का उद्घाटन उत्तराखंड के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी जी, उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत जी एवं देसंविवि के प्रतिकुलपति डॉ. चिन्मय पंड्या ने संयुक्त रूप से किया। समान नागरिक संहिता को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से इस कार्यशाला का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री पुष्कर सिंह धामी जी ने कहा कि समान नागरिक संहिता किसी धर्म और पंथ के खिलाफ नहीं बल्कि समाज में समानता एवं समरसता लागू करने का एक सफल प्रयास है। इसमें सभी धर्म, जाति, लिंग आदि का भेद-भाव मिटाकर सभी को समान कानूनी अधिकार प्रदान किया गया है। इसके माध्यम से अब कोई महिला अपने उत्तराधिकार से वंचित नहीं होगी। उन्होंने कहा कि यूसीसी लागु कर उत्तराखंड ने देश के सामने एक उदाहरण प्रस्तुत किया, जिस प्रकार मां गंगा देवभूमि उत्तराखंड से निकलकर पूरे भारत को पवित्र करती है, उसी प्रकार यूसीसी उत्तराखंड की भूमि से निकलकर पूरे भारत में लागू होगा। उन्होंने कहा कि अखिल विश्व गायत्री परिवार ज्ञान और संस्कार की छाया दे रहा है। यहां आध्यात्मिक चेतना के साथ ही राष्ट्र निर्माण की चेतना प्रवाहित होती है। उन्होंने कहा कि युवाओं का कर्तव्य है कि यूसीसी के विषय में भ्रांति फैलाने वालों को रोके एवं यूसीसी के सही पहलुओं को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य करें। उन्होंने यूसीसी में सभी परिवारों का पंजीकरण करवाने के लिए प्रेरित किया।
देसंविवि के प्रतिकुलपति युवा आईकॉन डॉ. चिन्मय पण्ड्या ने कहा कि वर्तमान समय की मांग है सच्चे मन से नागरिक कर्त्तव्यों को निर्वहन। भारत की एकता, अखंडता एवं समता के लिए प्रत्येक नागरिकों को अपने जिम्मेदारियों को ईमानदारी के साथ पालन करना ही चाहिए। तभी भारत सहित संपूर्ण विश्व का जागरण संभव है। युवा आइकान ने कहा कि अखिल विश्व गायत्री परिवार के संस्थापक युगऋषि परम पूज्य पं. श्रीराम शर्मा आचार्य जी ने सन 1962 में युग निर्माण सत्संकल्प में नागरिक कर्तव्यों के पालन एवं समान नागरिकता की सूत्र सभी जनमानस को दिए, जिसे उन्होंने नवयुग का संविधान के रूप में प्रतिपादित किया है। इस सत्संकल्प में 18 सूत्र हैं।
उच्च शिक्षा मंत्री श्री धन सिंह रावत जी ने कहा कि समान नागरिक संहिता के जनजागरूकता हेतु सभी शिक्षण संस्थान में विशेष पहल की शुभारंभ देसंविवि से हो रहा है। उन्होंने कहा कि पूरे उत्तराखंड में 12 सरकारी विश्वविद्यालय एवं 25 निजी विश्वविद्यालय हैं, जिसमें 5 लाख से अधिक विद्यार्थी हैं, इसमें 62 प्रतिशत लड़कियां है। सभी युवाओं में यूसीसी की समझ विकसित करने हेतु आने वाले 100 दिनों में 40 एक दिवसीय कार्यशालाओं का आयोजन किया जाएगा।
इससे पूर्व अतिथियों ने शौर्य दीवार में अपनी श्रद्धांजलि अर्पित कर अखंड भारत के लिए सैनिकों के बलिदान को याद किया। प्रतिकुलपति ने मुख्यमंत्री, उच्च शिक्षा मंत्री एवं सभी सम्मानित अतिथियों का गायत्री महामंत्र लिखित चादर, युगसाहित्य, प्रतीक चिह्न आदि भेंटकर सम्मानित किया। युवा आइकान एवं अतिथियों ने विवि द्वारा संपादित कई पत्रिकाओं आदि का विमोचन किया। इस अवसर पर यूसीसी आधारित विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को प्रमाण पत्र देकर मंचासिन अतिथियों ने सम्मानित किया।
इस दौरान उच्च शिक्षा सचिव डॉ रणजीत सिन्हा, यूसीसी ड्राफ्ट समिति के सदस्य श्री मनु गौड़, दून विश्वविद्यालय की कुलपति डॉ. सुरेखा डंगवाल, राज्य सलाहकार समिति, आपदा प्रबंधन विभाग के उपाध्यक्ष श्री विनय रूहेला, शांतिकुंज व्यवथापक श्री योगेन्द्र गिरि, कुलपति श्री शरद पारधी सहित स्थानीय प्रशासन के अधिकारीगण, देसंविवि-शांतिकुंज परिवार, मीडिया कर्मी, गणमान्य नागरिक, देसंविवि के सभी विद्यार्थिगण उपस्थित रहें।
कार्यशाला में समान नागरिक संहिता से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विभिन्न सत्रों का आयोजन किया गया। जिसमें यूसीसी ड्राफ्ट समिति के सदस्य श्री मनु गौड एवं दून विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सुरेखा डंगवाल ने विद्यार्थियों को यूसीसी के सभी महत्वपूर्ण कानून एवं नागरिक कर्तव्यों को विस्तार पूर्वक बताया। अनेक विद्यार्थियों के प्रश्नों का समाधान भी उन्होंने दिया।
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी अपने सहयोगियों के साथ शांतिकुंज पहुंचकर अखिल विश्व गायत्री परिवार प्रमुखद्वय डॉ. प्रणव पण्ड्या एवं श्रद्धेया शैलजीजी से भेंट कर आर्शीवाद लिया, साथ ही विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श किया। प्रमुखद्वय ने मुख्यमंत्री एवं उनके सहयोगियों को युगसाहित्य एवं पीतवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया।

यूसीसी लागू होने से प्रदेश में महिला सशक्तिकरण के एक नये अध्याय की हुई शुरूआत: मुख्यमंत्री

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 -उच्च शिक्षा विभाग एवं देव संस्कृति विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वाधान में समान नागरिक संहिता पर आयोजित की गई कार्यशाला।
 -मुख्यमंत्री धामी ने मुख्य अतिथि के रूप में कार्यशाला में किया प्रतिभाग।
देहरादून(आरएनएस)।  मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को देव संस्कृति विश्व विद्यालय में आयोजित ‘‘समान नागरिक संहिता‘‘ कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रतिभाग किया। उच्च शिक्षा विभाग और देव संस्कृति विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित कार्यशाला को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में अग्रसर है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में उत्तराखंड यूसीसी लागू करने वाला देश का पहला राज्य बना है। समान नागरिक संहिता किसी के खिलाफ नहीं है और न ही किसी को टारगेट किया गया है, बल्कि समाज की कुप्रथाओं को हटाकर सभी नागरिकों के लिए समानता और समरसता स्थापित करने का कानूनी प्रयास है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यूसीसी लागू होने से राज्य के सभी नागरिकों के न्यायिक अधिकार समान हुए हैं और महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक नए अध्याय की शुरुआत भी हुई है। अब कोई महिला उत्तराधिकार या संपत्ति के अधिकार में भेदभाव का शिकार नहीं होगी। उन्होंने कहा कि यूसीसी में लिव-इन रिलेशनशिप के रजिस्ट्रेशन का प्राविधान भी किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड ने समान नागरिक संहिता को लागू कर देश के सामने एक उदाहरण प्रस्तुत किया है। यूसीसी किसी धर्म या पंथ के खिलाफ नहीं हैै। उन्होंने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि यूसीसी में सभी पंजीकरण अवश्य करवाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ लोगों द्वारा ये अफवाह फैलायी जा रही है कि यूसीसी के अंतर्गत रजिस्ट्रेशन करवाने पर किसी बाहरी व्यक्ति को उत्तराखंड का मूल निवास प्रमाण पत्र मिला जाएगा। इस तरह की बातें पूरी तरह से भ्रामक और असत्य हैं, यूसीसी में ऐसा कोई भी प्रावधान नहीं है।
इस अवसर पर उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, दर्जाधारी राज्यमंत्री विनय रोहिला, प्रति कुलपति देव संस्कृति विश्व विद्यालय डॉ चिन्मय पंड्या, दून विश्वविद्यालय की कुलपति डॉ. सुरेखा डंगवाल, उच्च शिक्षा सचिव रंजीत सिन्हा, समाजिक कार्यकर्त्ता व यूसीसी नियमावली समिति के सदस्य रहे मन्नू गौड़, जिलाधिकारी देहरादून सविन बंसल, जिलाधिकारी हरिद्वार कर्मेन्द्र सिंह, एसएसपी हरिद्वार प्रमेन्द्र सिंह डोभाल सहित अनेक जन-प्रतिनिधि एवं छात्र छात्राएं उपस्थित थे।

सीएम धामी ने किया  आईएसबीटी, ऋषिकेश में संयुक्त रोटेशन यात्रा व्यवस्था समिति द्वारा आयोजित “ऋषिकेश से चारधाम यात्रा 2025“ के शुभारंभ कार्यक्रम में प्रतिभाग

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देहरादून(आरएनएस)।   मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को  आईएसबीटी, ऋषिकेश में संयुक्त रोटेशन यात्रा व्यवस्था समिति द्वारा आयोजित “ऋषिकेश से चारधाम यात्रा 2025“ के शुभारंभ कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने चारधाम यात्रा पर जा रहे श्रद्धालुओं का स्वागत किया एवं श्रद्धालुओं को चारधाम यात्रा के लिए ले जा रही 10 बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चारधाम यात्रा के लिए आए सभी श्रद्धालुओं का स्वागत करते हुए बाबा केदार, बद्रीविशाल, मां गंगोत्री और मां यमनोत्री से सबकी सकुशल यात्रा की प्रार्थना की। उन्होंने आशा व्यक्त की कि इस वर्ष  चारधाम यात्रा अपने पिछले सभी पुराने रिकॉर्ड तोड़ेगी और एक नया कीर्तिमान स्थापित करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सुरक्षित चारधाम यात्रा के लिए दृढ़ प्रतिज्ञ है। सरकार द्वारा प्रत्येक स्तर पर चारधाम यात्रा संबंधी तैयारियों की निरंतर समीक्षा की जा रही है। सरकार का प्रयास है कि जब श्रद्धालु, यात्रा पूरी करने के बाद अपने घर लौटें, देवभूमि उत्तराखंड में बिताए गए समय की स्वर्णिम यादों और सुखद अनुभव को साथ लेकर जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश विदेश से लाखों की संख्या में श्रद्धालु उत्तराखंड आते हैं। इससे राज्य में लोगों के रोजगार के अवसर बढ़ते हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड की चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं को हर संभव सुविधा उपलब्ध कराने के प्रयास किये गये हैं। मुख्यमंत्री ने सभी श्रद्धालुओं और पर्यटकों से अपील की है कि देवभूमि को पवित्र और स्वच्छ बनाए रखने में अपना सहयोग दें। उन्होंने कहा कि हरित चारधाम यात्रा के साथ ही स्वच्छता पर राज्य सरकार का विशेष फोकस है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में केदारनाथ के पुनर्निर्माण और बदरीनाथ के मास्टर प्लान पर तेजी से कार्य हुए हैं। गौरीकुंड से केदारनाथ तक रोपवे का कार्य पूर्ण होने के बाद यात्रा और ज्यादा सुगम होगी। ऑल वेदर रोड के निर्माण से पहले के मुकाबले आज यात्री काफी कम समय में ऋषिकेश से चार धाम पहुंच रहे हैं। मुख्यमंत्री ने संयुक्त रोटेशन यात्रा व्यवस्था समिति द्वारा श्रद्धालुओं को यात्रा कराने में सहयोग प्रदान कराने की पहल की सराहना की।
इस दौरान कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, विधायक प्रेमचन्द अग्रवाल, मेयर शंभू पासवान, जीएमओयू अध्यक्ष भास्करानंद भारद्वाज, टीजीएमओसी अध्यक्ष जितेंद्र सिंह नेगी, गढ़वाल मंडल कॉन्ट्रैक्ट अध्यक्ष संजय शास्त्री, सचिव देवेंद्र सिंह रावत, नंदन सिंह रावत, रमेश चंद्र उप्रेती, हर्षवर्धन सिंह कृष्णा विभिन्न राज्यों से चार धाम यात्रा के लिए आए श्रद्धालु एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

श्री केदारनाथ धाम : 31 मई तक सभी हैलीकॉप्टर टिकटें फुल, 9 हेैली कंपनियां दे रही हैं सेवायें

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“कैसे करें केदारनाथ यात्रा के लिए हैलीकॉप्टर बुकिंग, जानिये..!”

देहरादून (एल मोहन लखेड़ा) , चारधाम यात्रा को सुगम बनाने के लिये इसबार सरकार ने हैली सेवाओं के पुख्ता इंतजाम किये हैं, शुक्रवार कपाट खुलने से श्री केदारनाथ धाम की यात्रा के लिए पहले चरण में 2 मई से 31 मई तक की सभी हैलीकाप्टर टिकटे फुल हो गयी है। 1 जून से 30 जून तक की हैलीकॉप्टर टिकटों की बुकिंग के लिए दिनांक 7 मई 2025 को आईआरसीटीसी की वेबसाइट पर बुकिंग शुरू की जायेगी।
श्री केदारनाथ धाम यात्रा के पहले चरण यानि 2 मई से 31 मई तक की सभी हैलीकॉप्टर टिकटें फुल हो चुकी हैं। 1 जून से 30 जून तक की हैलीकॉप्टर टिकटों की बुकिंग के लिए दिनांक 7 मई 2025 को आईआरसीटीसी की वेबसाइट पर बुकिंग शुरू होगी। इसके अतिरिक्त केदारनाथ धाम हेतु हैलीकॉप्टर टिकट बुकिंग का अन्य कोई माध्यम नहीं है। यदि किसी प्रकार के फेसबुक लिंक या पेज, इंस्टाग्राम लिंक, व्हट्सएप चैटिंग या इन्टरनेट पर ढूंढी गयी कोई सी भी वेबसाइट से आप टिकट बुकिंग का प्रयास करते हैं तो आप निश्चित रूप से साइबर ठगी का शिकार हो सकते हैं। इसलिए यदि आपकी टिकट बुकिंग नहीं हो पायी तो आप पैदल, घोड़े—खच्चर, पालकी, डण्डी कण्डी इत्यादि से भी जा सकते हैं।

केदारनाथ धाम के लिए हैली सेवा शुरू :

केदारनाथ के लिए कपाट खुलने के दिन से ही 9 हैलीकॉप्टर कंपनियों ने अपनी सेवाएं शुरू कर दी हैं। पहले ही दिन हैलीकॉप्टर कंपनियों में यात्रियों की भीड़ लगी रही। शुक्रवार सुबह से ही केदारघाटी के अनेक हैलीपैडों से हैलीकॉप्टरों की उड़ानें शुरू हुई। बड़ी संख्या में यात्री एवं अन्य लोग केदारनाथ पहुंचे। चारधाम यात्रा पर जाने से पहले तीर्थ यात्रियों को वेबसाइट registrationandtouristcare.uk.gov.in पर रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य किया गया है। साथ ही मोबाइल ऐप touristcareuttarakhand पर भी पंजीकरण कराया जा सकेगा।
हैलीकॉप्टर यात्रा के लिए हेली टिकट heliyatra.irctc.co.in पर बुक किए जा सकेंगे। किसी भी समस्या के लिए टोल फ्री नंबर 0135-1364 पर श्रद्धालु 24 घंटे संपर्क कर सकते हैं। इसके साथ ही टेलीफोन नंबर 01352559898 और 01352552627 पर भी संपर्क कर सकेंगे।

कैसे करें केदारनाथ यात्रा के लिए हैलीकॉप्टर बुकिंग :

इसके लिए आप सबसे पहले registrationandtouristcare.uk.gov.in पर जाकर अपना चार धाम यात्रा का रजिस्ट्रेशन करें, यहां बिना रजिस्टर किए आप हैलीकॉप्टर की टिकट बुक नहीं कर पाएंगे,
रजिस्ट्रेशन होने के बाद फोन में www.heliyatra.irctc.co.in खोलें और यहां अपने नाम, फोन नंबर और ईमेल आईडी डालकर साइन अप कर लें l इसके बाद अगर आप अकेले यात्रा करने वाले हैं, तो अपना रजिस्ट्रेशन नंबर डालें. अगर आप ग्रुप के साथ केदारनाथ जा रहे हैं, तो चारधाम रजिस्ट्रेशन ग्रुप आईडी डालें,
इतना करने के बाद अपनी पसंदीदा डेट, हैलीपैड और विमानन कंपनी चुनें l
अब, पैसेंजर की डीटेल भरें, आपको बता दें कि एक आईडी से आप 6 टिकट बुक कर पाएंगे और ग्रुप बुकिंग 12 तक की अनुमति है. 12 से अधिक के ग्रुप के लिए आपको दूसरा IRCTC हैली यात्रा खाता बनाना होगा l
इतना प्रोसेस करने के बाद अपने पंजीकृत मोबाइल नंबर या ईमेल पर भेजे गए OTP को सबमिट करें.
नियम और शर्तें स्वीकार करें और भुगतान के लिए आगे बढ़ें, टिकट प्राइस देते ही अपना टिकट डाउनलोड कर लें और इसका प्रिंट निकाल लें l
बता दें कि आप अलग-अलग हैलीपैड से हैलीकॉप्टर लेकर केदारनाथ के लिए जा सकते हैं, इस साल की यात्रा के लिए हैलीकॉप्टर सेवाएं गुप्तकाशी, फाटा और सिरसी जैसे तीन प्रमुख हैलीपैड्स से संचालित की जा रही हैं वहीं, हर हेलीपैड का किराया अलग-अलग है l
-फाटा से केदारनाथ जा रहे हैं, तो इसके लिए हैलीकॉप्टर का एकतरफा किराया 6,074 रुपये है l
-सेरसी से केदारनाथ जाने का एकतरफा किराया 6,072 रुपये है l
-गुप्तकाशी से केदारनाथ जाने के लिए हैलीकॉप्टर प्राइस 8,426 रुपये तय किया गया है l

रिफंड प्रक्रिया :
अगर आप टिकट कैंसिल करना चाहते हैं, तो इसके लिए 5-7 दिन में पैसे वापस आपके अकाउंट में आ जाएंगे l लेकिन इसके लिए आपको तय कैंसिलेशन फीस देनी होगी l
वहीं, अगर आप अपने बुक टाइम स्लॉट से 24 घंटे पहले सर्विस कैंसिल करते हैं, तो इस कंडीशन में आपको कोई रिफंड नहीं मिलेगा l

इन बातों का रखें खास ध्यान :

-आईआरसीटीसी (IRCTC) की गाइडलाइंस के मुताबिक, हेलीकॉप्टर से केदारनाथ जाने के लिए 2 साल से ज्यादा उम्र के बच्चों को अपनी अलग सीट की जरूरत होगी और इसके लिए उन्हें पूरा किराया देना होगा l
-2 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए निःशुल्क यात्रा की सुविधा है,
अधिकतम प्रति उड़ान: 4 अडल्ट + 2 बच्चे + 2 शिशु
-अपने साथ अपना ओरिजनल आईडी प्रूफ रखें, शिशुओं के लिए जन्म प्रमाण पत्र दिखाना जरूरी है l
-अपने बुक किए गए स्लॉट से कम से कम 1 घंटा पहले हेलीपैड पर पहुंचें l
-वजन और परिचालन आवश्यकताओं के आधार पर सीटों को अलग-अलग किया जा सकता है l
-यात्रा के दिन आप वैध फोटो आईडी जरूर साथ रख लें l

उत्तराखंड को शांति की प्रयोगशाला बनाने का संकल्प

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“सामाजिक संगठनों ने नफरत के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ने की रणनीति तैयार की”

देहरादून, उत्तराखंड में लगातार नफरत फैलाने के प्रयासों के बीच विभिन्न सामाजिक संगठनों ने इस राज्य को शांति की प्रयोगशाला बनाने और पुराना भाईचारा वापस लौटाने का संकल्प लिया है। एक दर्जने से ज्यादा सामाजिक संगठनों और कांग्रेस सहित विभिन्न विपक्षी दलों की शनिवार को हुई चार घंटे लंबी मैराथन बैठक में आने वाले दिनों के लिए कई कार्यक्रम तय किये गये। इनमें सद्भावना रैली, शांति मार्च, जन संपर्क और महापुरुषों की प्रतिमा के पास भजन सांस्कृतिक कार्यक्रमों को आयोजन शामिल है। हालांकि ये कार्यक्रम कब और किस रूप में होंगे, इस बारे में फिलहाल कोई जानकारी नहीं दी गई।
शहीद स्मारक में हुई बैठक में लिये गये फैसलों की जानकारी देते हुए उत्तराखंड इंसानियत मंच के डॉ. रवि चोपड़ा ने कहा कि उत्तराखंड में शांति चाहने वाले बहुत बड़ी संख्या में हैं, लेकिन मौजूदा माहौल में वे डरे हुए हैं। ऐसे सभी लोगों को एक मंच पर लाने का प्रयास किया जाएगा। नफरत के खिलाफ चरणबद्ध अभियान चलाया जाएगा। उत्तराखंड महिला मंच कीे कमला पंत ने कहा कि एसएसपी से मिलकर नफरत फैलाने और मारपीट के लिए उकसाने वाले जिस व्यक्ति के खिलाफ पिछले दिनों केस दर्ज करवाया गया था, वह इस वक्त में सोशल मीडिया पर लाइव आकर मुकदमा दर्ज करवाने वालों को धमकियां दे रहा है। उन्हांेने कहा कि ऐसा सरकार की शह पर ही संभव है।
सीपीआई एमएल के राज्य सचिव इंद्रेश मैखुरी ने कहा कि बैठक में आने वाले दिनों के लिए कई कार्यक्रम तय किये गये हैं। दिन तय होने के बाद इन कार्यक्रमों की विधिवत जानकारी दी जाएगी। उन्होंने कहा कि सामाजिक वैमनस्य फैलाने वालों के खिलाफ हर तरह की कार्रवाई करने का बैठक में फैसला किया गया। इसमें पुलिस में मुकदमें लिखवाने, कोर्ट में याचिकाएं दायर करने और विभिन्न आयोगों में शिकायत दर्ज करने जैसे कदम शामिल हैं।
सीपीआई के समर भंडारी ने कहा कि राज्य में नफरत फैलाने वालों की संख्या अंगुलियों में गिनी जाने लायक है। इन लोगों की सूची और नफरत फैलाने की गतिविधियों को संकलित किया जाएगा, ताकि कोर्ट में मजबूती के साथ याचिका दायर की जा सके। सीपीआई एम के सुरेन्द्र सिंह सजवाण ने कहा कि उत्तराखंड में जो नफरत फैलाई जा रही है, वह सरकार की शह पर है। इससे निपटने के लिए जनता के बीच जाएंगे। कांग्रेस प्रवक्ता गरिमा दसौनी ने सर्वदलीय बैठक बुलाने की बात कही। मसीह समाज के एसएस चौहान ने कहा कि ईसाई समुदाय के लोगों को भी निशाने पर लिया जा रहा है। चकराता में चर्च का रास्ता तक बंद कर दिया गया है। सपा के डॉ. एसएन सचान और जनता दल एस के हरजिन्दर सिंह ने नफरत के खिलाफ मुहिम में पूरी ताकत के साथ जुटने की बात कही।
बैठक में अनंत आकाश, नन्दनंदन पांडेय, स्मृति नेगी, त्रिलोचन भट्ट, विमला कोहली, निर्मला बिष्ट, इंद्रजीत कौर, लताफत हुसैन, हिमांशु चौहान, कविता कृष्णपल्लवी, आरिफ खान, आशीष विश्वकर्मा, भोपाल सिंह, राघवेन्द्र सिंह, अलमासुद्दीन सिद्धिकी, विजय भट्ट, रिजवान अली, यशवीर आर्य, विजयपाल सिंह रावत, चंद्रकला, रजिया बेग आदि ने नफरत के खिलाफ अभियान को लेकर सुझाव दिये। नैनीताल में नफरती हिंसा के बीच अमन की बात कहने वाली शैला नेगी को दी जा रही धमकियों पर गंभीर चिन्ता व्यक्त करते हुए धमकी देने वालों को तुरंत गिरफ्तार करने की मांग की गई। सोशल मीडिया पर लगातार नफरती पोस्ट करने वाले भूपेश जोशी के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने के बावजूद उसे गिरफ्तार न किये जाने पर भी नाराजगी जताई गई।

एलिवेटेड रोड तथा एनजीटी प्रभावितों ने सभा कर सरकार से मांगा न्याय

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देहरादून, बस्ती बचाओ आन्दोलन ने कहा है कि देहरादून के बिन्दाल नदी में बड़ी संख्या में गरीबों के मकान चिन्हित किये जा रहे हैं ,जिन्हें जून माह तक बेघरबार किया जायेगा।
सभा में वक्ताओं ने आरोप लगया कि एनजीटी के आदेश की खानापूर्ति के लिये केवल गरीबों को ही बलि का बकरा बनाया जा रहा है,बड़े रसूखदारों तथा सरकारी कब्जों को सरासर नजरअन्दाज किया जा रहा है। वक्ताओं ने कहा रिस्पना बिन्दाल के फ्लड जोन गरीब लोगों का दुखदर्द न सत्ता, न ही कोर्ट संज्ञान ले रहा है, नैसर्गिक न्याय एवं माननीय सर्वोच्च न्यायालय के पुर्नवास एवं मुआवजे के प्रावधान की खुलेआम धज्जियां उड़ रही हैं।इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि अनियोजित विकास गरीब लोगों एवं पर्यावरण के लिऐ भारी खतरा बन चुका है।
वक्ताओं ने सरकार निम्नलिखित बिन्दुओं पर आवश्यक कार्यवाही की मांग कि है ।
(1) एनजीटी के आदेश के नाम पर अवैध घोषित मकानों पर सर्वोच्च न्यायालय के दिशानिर्देशों के अनुरूप मुआवजा एवं पुर्नवास की व्यवस्था हो ।
(2)एलिवेटेड रोड़ के सभी प्रभावितों को नियमानुसार मुआवजे एवं पुर्नवास की व्यवस्था हो ।
(3) लोगों को जोर जबरदस्ती बिस्थापित करने के बजाय पहले से तय मानकों के अनुसार बाजार रेट के हिसाब से तय मुआवजे एवं समुचित पुनर्वास की व्यवस्था सुनिश्चित हो ।
(4)सरकार यह बताये कि उन्होंने प्रभावितों के लिऐ क्या व्यवस्था कर रखि है और कहाँ व्यवस्था कर रखी है ।
इस अवसर अनन्त आकाश ,मोहम्मद अल्ताफ, नुरैशा अन्सारि,संजय भारति ,अदनान ,अन्जु भारती,तमरेज ,रज्जो ,सलिम ,हसीन, हामिद,असगर अलि आदि ने विचार व्यक्त किये ।

सभी राज्यों को  एनसीईआरटी से उपलब्ध हो पाठ्यपुस्तकेंः डॉ. धन सिंह रावत

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– एनसीईआरटी की 59वीं आम सभा में शिक्षा मंत्री ने रखे कई सुझाव
 – कहा, बच्चों को पहली कक्षा में प्रवेश को 6 वर्ष की बाध्यता में मिले रियायत
देहरादून(आरएनएस)।  प्रदेश के विद्यालयी शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) की 59वीं आम सभा में कई अहम सुझाव रखे। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में डा. रावत ने सभी राज्यों को 12वीं कक्षा तक की पाठ्य पुस्तकें एनसीईआरटी से उपलब्ध कराने का सुझाव रखा। साथ ही बच्चों को पहली कक्षा में प्रवेश हेतु निर्धारित 06 वर्ष की आयु सीमा में रियायत देने तथा विद्यालयों में गुणवत्तापरक शिक्षा के लिये टीचर्स ट्रेनिंग कराने की बात बैठक में रखी।
केन्द्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान की अध्यक्षता में आज एनडीएमएस सम्मेलन केन्द्र, नई दिल्ली में एनसीईआरटी जनरल काउंसिल की 59वीं बैठक सम्पन्न हुई। जिसमें केन्द्रीय शिक्षा मंत्री ने कहा कि नई शिक्षा नीति-2020 की अनुशंसा के अनुरूप पाठ्यपुस्तकों एवं अन्य शैक्षिक सामग्रियों को तैयार किया गया है ताकि शिक्षा की गुणवत्ता में और अधिक सुधार हो सके। इस दौरान बैठक में एनसीईआरटी के कई प्रस्तावों को भी अनुमोदित किया गया। बैठक में प्रदेश के विद्यालयी शिक्षा मंत्री डा. धन सिंह रावत ने कई अहम सुझाव रखे। उन्होंने कहा कि 12वीं कक्षा तक की पाठ्यपुस्तकें एनसीईआरटी के माध्मय से सभी राज्यों को उपलब्ध कराई जाय ताकि नये शैक्षणिक सत्र शुरू होने पर विद्यालयों में छात्र-छात्राओं को पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध हो सके। वर्तमान में कई राज्य अपने स्तर पर पाठ्यपुस्तकें प्राकशित कर विद्यालयों में उपलब्ध कराते हैं जिनमें तमाम खामियां सामने आती है साथ ही समय पर बच्चों को किताबें भी नहीं उपलब्ध हो पाती है। इसके अलावा उन्होंने पहली कक्षा में बच्चों के प्रवेश के लिये 6 वर्ष की आयु सीमा में रियायत देने की बात रखी और कहा कि उम्र की बाध्यता के चलते इस शैक्षिक सत्र में कई बच्चे प्रवेश से वंचित रह गये हैं। उन्होंने सभी राज्यों में बालवाटिका लागू करने का भी सुझाव दिया। बैठक में उन्होंने कहा कि गुणवत्तापरक शिक्षा के लिये एनसीईआरटी को टीचर्स ट्रेनिंग पर विशेष फोकस करना चाहिये ताकि राज्य भी एससीईआरटी के माध्यम से अपने प्रदेश के शिक्षकों को रोटेशन के आधार पर विशेष प्रशिक्षण देकर एनईपी-2020 के अनुरूप दक्ष बना सके। डॉ. रावत ने कहा कि निपुण भारत योजना के तहत उत्तराखंड में अच्छा कार्य किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में एनईपी-2020 की अनुशंसा के अनुरूप सभी राजकीय एवं निजी विद्यालयों में बैगलेस डे लागू कर दिया गया है और बच्चों के बस्ते का बोझ भी मानकों के अनुरूप कर दिया गया है, इसके अलावा राज्य में कलस्टर विद्यालय भी बनाये जा रहे हैं। डॉ. रावत ने प्रदेश में पीएम-श्री स्कूल के अंतर्गत चयनित अन्य विद्यालयों को स्वीकृति प्रदान करने तथा एनसीईआरटी की आमसभा की अगली बैठक उत्तराखंड में आयोजित करने की मांग केन्द्रीय शिक्षा मंत्री के समक्ष रखी।