आढ़त बाजार की शिफ्टिंग होने जाम से मिलेगी निजात, फर्राटा भर सकेंगे वाहन
देहरादून, जाम की स्थिति से जूझ रहा दून कोलेकर मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण कई तरह से प्लान बनाकर समस्या से निजात दिलाने की कवायद में लगा है, अब शहर को डी-कंजेस्ट करने की दिशा में एमडीडीए बड़ा कदम उठाने जा रहा है। दरअसल, शासन के वित्त विभाग से हरी झंडी के बाद प्राधिकरण के आढ़त बाजार शिफ्टिंग के प्रस्ताव को धामी कैबिनेट में लाने की तैयारी हो रही है। राज्य मंत्रिमंडल की मुहर लगते ही शहरवासियों को बड़ा तोहफा मिलना लगभग तय है।
जनपद के सबसे व्यस्तम क्षेत्र सहारनपुर चौक से लेकर प्रिंस चौक तक सड़क के बेहद संकरा होने के कारण यहां गाड़ियों की रफ्तार मानो थम सी जाती है। यहां जाम की मुख्य वजह आढ़त बाजार ही है। सड़क संकरी होने और सुबह शाम कमर्शियल वाहनों की लोडिंग-अनलोडिंग के कारण यहां जाम लगता है। आने वाले दिनों में 24 मीटर तक होगी सड़क की चौड़ाई इसके साथ ही हरिद्वार बायपास पर कबाड़ी बाजार के पास यहां की दुकानें शिफ्ट होंगी |
एमडीडीए बीते एक दशक से इस बाजार की शिफ्टिंग के लिए प्रयासरत रहा है। इस बाजार की शिफ्टिंग का सबसे पहला प्रस्ताव तत्कालीन उपाध्यक्ष आर मीनाक्षी सुंदरम के समय आया। तब व्यापारियों के साथ कई दौर की वार्ता भी हुई, व्यापारी भी राजी हुए लेकिन बजट की कमी के चलते तब मामला लटक गया।
अब, एमडीडीए के वीसी वंशीधर तिवारी के प्रयासों से यह योजना लगभग 10 साल बाद तेजी से आगे बढ़ रही है। सूत्रों का कहना है कि प्राधिकरण ने बीते दिनों इसका प्रस्ताव शाषन में वित्त विभाग को भेजा था जहां से अब इसे मंजूरी मिलने की जानकारी सामने आई है। अब यह प्रस्ताव कैबिनेट में रखने की तैयारी चल रही है। जनपद के सहारनपुर चौक के इस बॉटल नेक के खुलने से काफी राहत मिलेगी जैसा कि पूर्व में चकराता रोड का बॉटल नेक खुलने से लोगों को राहत मिली है। विदित हो कि पटेलनगर में नए बाजार का लेआउट भी बनकर तैयार हो गया है।
एमडीडीए ने सरकार से जमीन की कीमत करीब 222 करोड़, लैंडयूज परिवर्तन के 33 करोड़ और साढ़े तीन करोड़ रुपये के करीब रजिस्ट्री स्टांप शुल्क पर छूट भी मांगी है। इसी को कैबिनेट में मंजूरी दी जानी है। कैबिनेट से मंजूरी के बाद इस सड़क पर बार बार जाम की स्थिति से जनता को राहत मिलेगी |



