Saturday, July 11, 2026
HomeTrending Nowदर्शकों के दिलों में उतरी 'बेबी डू डाई डू', आभार जताने देहरादून...

दर्शकों के दिलों में उतरी ‘बेबी डू डाई डू’, आभार जताने देहरादून पहुंची हुमा कुरैशी और स्टार कास्ट

देहरादून किसी फिल्म की असली कामयाबी केवल बॉक्स ऑफिस के आंकड़ों या पर्दे तक सीमित नहीं होती, बल्कि तब मानी जाती है जब वह दर्शकों के दिलों में अपनी जगह बना ले। इन दिनों उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में कुछ ऐसा ही अभूतपूर्व नजारा देखने को मिल रहा है, जहां हाल ही में रिलीज हुई फिल्म ‘बेबी डू डाई डू’ को दर्शकों का अपार स्नेह मिल रहा है।

देहरादून के राजपुर रोड स्थित ‘एलोरा मेल्टिंग मोमेंट्स’ में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बॉलीवुड अभिनेत्री हुमा कुरैशी ने मीडिया से बातचीत की। उन्होंने फिल्म की शानदार सफलता और देहरादून के दर्शकों से मिल रहे रिस्पॉन्स पर खुशी जाहिर की। हुमा कुरैशी ने बताया कि फिल्म ‘बेबी डू डाई डू’ पिछले एक सप्ताह से लगातार हाउसफुल शो के साथ दर्शकों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। उन्होंने कहा, “सिनेमाघरों में उमड़ रही यह भीड़ इस बात का प्रमाण है कि यदि कहानी अच्छी हो और भावनाएं सच्ची हों, तो वह सीधे लोगों के दिलों तक पहुंचती हैं।”

देहरादून के दर्शकों से मिले इस आत्मीय और अथाह प्रेम ने फिल्म की पूरी टीम को भावुक कर दिया। टीम का मानना था कि जब कोई शहर किसी कहानी को इतनी शिद्दत से अपना ले, तो केवल दूर से धन्यवाद कहना पर्याप्त नहीं होता। इसी आभार को व्यक्तिगत रूप से व्यक्त करने के लिए फिल्म के ‘इंडिया दर्शन’ अभियान के अंतर्गत अभिनेत्री हुमा कुरैशी, अभिनेता रचित सिंह, मरुधर शेखावत, निर्देशक नचिकेत सामंत और निर्माता साकिब सलीम स्वयं देहरादून पहुंचे।

शहरवासियों और प्रशंसकों से मुलाकात के दौरान कलाकारों ने भावुक होते हुए कहा कि दर्शकों का प्यार किसी भी बड़े पुरस्कार या ट्रॉफी से कहीं अधिक मूल्यवान होता है। देहरादून ने जिस गर्मजोशी के साथ ‘बेबी डू डाई डू’ को स्वीकार किया है, उसने पूरी टीम का हौसला बढ़ाया है। यह सफलता केवल टिकट खिड़की तक सीमित नहीं है, बल्कि उन हजारों दिलों का विश्वास है जिन्होंने फिल्म के हर दृश्य, किरदार और उसकी मूल भावना को अपना समझा है।

“सिनेमा केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि लोगों की भावनाओं को जोड़ने वाली एक मजबूत कड़ी है। जब दर्शक किसी कहानी को इतना प्यार देते हैं, तो कलाकारों का भी कर्तव्य बनता है कि वे उस प्रेम का सम्मान करें।”

फिल्म ‘बेबी डू डाई डू’ की टीम

कलाकारों ने अंत में कहा कि देहरादून के लोगों की तालियां, उनकी मुस्कान और आंखों में दिखाई देने वाला अपनापन उनके लिए सबसे बड़ी पूंजी है। इस शहर की आत्मीयता और सिनेमा के प्रति गहरे प्रेम ने फिल्म की इस यात्रा को हमेशा के लिए अविस्मरणीय बना दिया है। दून से मिला यही जज्बा पूरी टीम को भविष्य में भी इसी तरह की संवेदनशील और मनोरंजन से भरपूर कहानियां लाने के लिए प्रेरित करता रहेगा।

RELATED ARTICLES
- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments