देहरादून, दून के एक नर्सिंग होम में चिकित्सीय लापरवाही के चलते जच्चा-बच्चा की मौत के मामले में पीड़ित पक्ष और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने बुधवार को पत्रकार कर मुख्य चिकित्सा अधिकारी और जांच समिति की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि जांच में लापरवाही साबित होने के बावजूद दोषियों के खिलाफ अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
प्रेस वार्ता में पीड़ित पक्ष ने बताया कि सीएमओ द्वारा गठित जांच समिति ने 23 जून को अपनी रिपोर्ट में नर्सिंग होम की लापरवाही को स्वीकार करते हुए संस्थान का लाइसेंस निरस्त करने की संस्तुति की थी। इसके बावजूद नर्सिंग होम से जुड़े डॉक्टरों और अन्य जिम्मेदार कर्मचारियों के खिलाफ अभी तक कोई वैधानिक अथवा अनुशासनात्मक कार्रवाई नहीं की गई है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि तय समय सीमा में कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।




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