देहरादून, वेस्ट वॉरियर्स संस्था के गठित बोर्ड सदस्यों द्वारा देहरादून स्थित धनौला प्लास्टिक कचरा प्रबंधन केंद्र एवं हर्रावाला स्वच्छता केंद्र का संयुक्त निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान सदस्यों ने दोनों केंद्रों की कार्यप्रणाली का गहन अवलोकन किया और क्षेत्र का भ्रमण कर चल रहे कार्यों का मूल्यांकन किया।
निरीक्षण के दौरान बोर्ड सदस्यों ने पर्यावरण सखियों द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना की। यह सखियां समुदाय स्तर पर घर-घर जाकर कचरा संग्रहण, स्रोत पर ही सूखे व गीले कचरे के पृथक्करण और जनजागरूकता को लेकर एक प्रेरणादायी भूमिका निभा रही हैं।
धनौला केंद्र वर्तमान में रायपुर ब्लॉक की 6 पंचायतों से निकलने वाले सूखे कचरे, विशेष रूप से प्लास्टिक अपशिष्ट, का वैज्ञानिक तरीके से संग्रहण, छंटाई और निस्तारण कर रहा है। यह पहल ग्रामीण क्षेत्रों में सतत एवं विकेंद्रीकृत कचरा प्रबंधन प्रणाली के लिए एक मॉडल के रूप में उभर रही है।
वहीं हर्रावाला स्वच्छता केंद्र पर प्रति माह लगभग 75 मैट्रिक टन कचरे का समुचित प्रबंधन किया जा रहा है, जिससे क्षेत्र में स्वच्छता बनाए रखने में उल्लेखनीय योगदान मिल रहा है। हर्रावाला वार्ड अब एक मॉडल के रूप में उभर कर सामने आ रहा है, और इस मॉडल का उत्तराखंड के अन्य जिलों व गांवों में विस्तार होना अत्यंत आवश्यक है।
इस अवसर पर संस्था के बोर्ड सदस्य गौरव सोनी, संजय अग्रवाल, तरणप्रीत सिंह, तरित मोहन तथा संस्था से जुड़े प्रतिनिधि विशाल कुमार, नवीन कुमार सडाना, मयंक, भास्कर आदि विशेष रूप से उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में वेस्ट वॉरियर्स संस्था के प्रतिनिधियों ने सभी उपस्थित सदस्यों को केंद्रों की कार्यप्रणाली, चुनौतियाँ, और भविष्य की योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। साथ ही इस मॉडल को अन्य ग्राम पंचायतों एवं शहरी क्षेत्रों में भी लागू करने की योजना पर चर्चा की गई।



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