Friday, July 19, 2024
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रिखणीखाल ब्लाॅक के सेरोगाड गांव में घात लगाकर बैठे दो बाघों ने एक वृद्ध पर किया हमला

कोटद्वार, उत्तराखंड में कोटद्वार के रिखणीखाल ब्लाॅक के सेरोगाड गांव में खेतों में जा रहे एक वृद्ध पर दो बाघों ने हमला कर दिया। वृद्ध ने हिम्मत नहीं हारी और उनका डटकर मुकाबला किया। वृद्ध ने शोर मचाते हुए कुदाल से बाघों पर कई प्रहार किए और उन्हें भागने पर मजबूर कर दिया। संघर्ष में वृद्ध बुरी तरह जख्मी हो गया। लेकिन जान बच गई। सूचना मिलते ही डॉक्टर को लेकर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और घायल का उपचार किया।

बृहस्पतिवार को रिखणीखाल ब्लाॅक के ग्राम पंचायत तोल्यूडांडा के सेरोगाड गांव के मरगांव तोक निवासी मनवर सिंह रावत (70) सुबह 7:30 बजे हाथ में कुदाल लेकर खेतों में धान की पौध में पानी लगाने जा रहे थे। इसी दौरान रास्ते में घात लगाए बैठे दो बाघों ने उन पर हमला कर दिया। खतरे को भांपते हुए उन्होंने हिम्मत जुटाई और शोर मचाते हुए बाघों पर कुदाल से हमला करना शुरू कर दिया। इस दौरान बाघ ने उन पर कई बार हमले का प्रयास किया, लेकिन उन्होंने बार-बार कुदाल से वार कर बाघ के सभी हमले विफल कर दिए

इसके बाद एक बाघ नीचे झाड़ियों में भाग गया तो मनवर सिंह भी जान बचाने के लिए भागे। मगर एक बाघ ने उनका करीब 100 मीटर तक पीछा किया। इस बीच शोर सुनकर ग्रामीण घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े। इसके बाद दूसरा बाघ भी झाड़ियों की ओर भाग गया। बाघ के हमले में वृद्ध का पांव जख्मी हो गया।

 

शिक्षा एवं शोध की गुणवत्ता विश्वविद्यालयों का मूल सिद्धान्त होना चाहिए : राज्यपाल

नैनीताल, राज्यपाल/कुलाधिपति कुमाऊं विश्वविद्यालय, लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) ने शुक्रवार को डीएसबी परिसर में कुमाऊं विश्वविद्यालय के संकायाध्यक्षों एवं निदेशकों की बैठक ली। पहली बार हुई इस तरह की बैठक में राज्यपाल ने प्रत्येक संकायाध्यक्षों एवं निदेशकों से अलग-अलग वार्ता कर उनके विभाग की उपलब्धियों, समाज में दिये गये योगदान और उनके मिशन और विजन के साथ-साथ इनकी चुनौतियों की जानकारी प्राप्त की। कुलाधिपति ने प्रत्येक से संबंधित विभागों की उपलब्धियों, विभागों के प्रकाशित शोध पत्र, अवार्ड, एम.ओ.यू व प्रकाशन सहित भविष्य की योजनाओं के संबंध में जानकारी ली।

राज्यपाल ने कहा कि कुमाऊं विश्वविद्यालय शोध एवं शिक्षण के क्षेत्र में प्रसिद्ध रहा है। यहां पढ़े छात्र-छात्राओं ने देश एवं विदेश में उत्तराखण्ड का नाम रोशन किया है। उन्होंने कहा कि शिक्षा एवं शोध की गुणवत्ता विश्वविद्यालयों का मूल सिद्धान्त होना चाहिए। विश्वविद्यालयों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को गुणवत्तापरक शिक्षा मिले यह हमारा उद्देश्य होना चाहिए। राज्यपाल ने निर्देशित किया कि फेकेल्टी अधिक से अधिक राष्ट्रीय एवं अंतर्राट्रीय स्तर के उत्कृष्ट शोध पत्र प्रकाशित करें। उन्होंने कहा कि शोध एवं तकनीक सही मायनों में तभी उपयोगी है जब उसका लाभ लागों को मिले। उन्होंने कहा कि सभी संकायाध्यक्ष अपने आर्थिक संसाधनों के स्त्रोत स्वंय खोजें और उन्हें विश्वविद्यालय पर निर्भर न रहना पड़े। केंद्रीय संस्थानों और सीएसआर की मदद से आर्थिक संसाधनों की पूर्ति के भी प्रयास किए जाएं।

राज्यपाल ने कहा कि विश्वविद्यालय से अनेक छात्रों ने उपलब्धियां हासिल की हैं और वे उच्च पदों पर हैं। पूर्व छात्रों के लिए एलुमनी मीट को आयोजन किया जाय और उन्हें विश्वविद्यालय हेतु आर्थिक संसाधनो की पूर्ति के लिए प्रेरित किया जाय। राज्यपाल ने कहा कि विश्वविद्यालय की प्रत्येक समस्याओं और चुनौतियों को दूर करने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने अधिक से अधिक प्रकाशनों पर जोर देने की बात कही। उन्होंने प्रत्येक संकायाध्यक्षों व निदेशकों से विश्वविद्यालय की बेहतरी के संबंध में अपने सुझाव भी प्रेषित करने को कहा। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. मनमोहन चौहान भी उपस्थित रहे।

 

‘हिमालय और उसके लोग’ विषय पर सुपरिचित छायाकार भूमेश भारती का स्लाइड शो

देहरादून, दून लाइब्रेरी एंड रिसर्च सेंटर की ओर से शुक्रवार की शाम को ‘हिमालय और उसके लोग’ विषय पर सुपरिचित छायाकार भूमेश भारती का स्लाइड शो आयोजित किया गया। स्लाइड शो का यह कार्यक्रम संस्थान के सभागार में सम्पन्न हुआ ।
तकरीबन एक घण्टे से अधिक अवधि के इस स्लाइड प्रदर्शन के समय छायाकार भूमेश भारती ने प्रस्तुत विषयवस्तु पर विस्तार से जानकारी प्रदान की। ‘हिमालय और उसके लोग ‘ थीम के तहत भूमेश भारती ने एक से बढ़कर एक अनूठी तस्वीरें साझा की । भूमेश भारती द्वारा उनके अनुपम छाया चित्रों के संग्रह से चयनित किये गए यह फोटोग्राफ्स अद्वितीय हिमालयी पहाड़ों के दृश्यों को चित्रित करते हैं। एक तरह से इन चित्रों में प्रकृति के दृश्य और प्रकृति के मध्य मनुष्य के पदचिह्न दोनों ही समान रूप में पाए जाते हैं। इन चित्रों में यहां के रहवासियों हिमालयी जन जीवन और उनकी विषम परिस्थितियों का जीवन्त दर्शन मिलता है।

भूमेश भारती ने 1995 से एक पेशेवर फोटोग्राफर के रूप में काम किया है। शुरुआत में उन्होंने देहरादून प्रेस के साथ एक पत्रकार के रूप में काम किया, जहाँ से उन्हें अपने सभी लेखों के लिए फोटोग्राफी करने में रुचि जागृत हुई। यहीं से इस शौक ने उन्हें में एक पूर्णकालिक प्रोफेशनल फोटोग्राफर के रूप में पहचान दिलाई। उन्होंने भारत ज्ञान विज्ञान समिति के दिल्ली मुख्यालय में राष्ट्रीय साक्षरता मिशन के साथ काम किया। इस कार्य अनुबन्ध के माध्यम से उन्होंने भारत भर के कई गाँवों की यात्रा का आनंद लिया। इसकी वजह से ही उनकी सामाजिक जीवन फोटोग्राफी में उनकी विशेष रुचि पैदा हुई। द टाइम्स ऑफ इंडिया का प्रकाशन “द टाइम्स ऑफ दून ने अपने पहले अंक से ही (जब इसका नाम दून प्लस था) इनके छायाचित्रों काम को नई पहचान दिलाई है। इस प्रकाशन में भारती की हजारों तस्वीरें 20 से अधिक वर्षों से प्रकाशित हुई हैं। उन्होंने हाल ही में भूमेश भारती केंद्र की स्थापना की है। जिसमे वे फ़ोटोग्राफ़ी के लिए – छात्रों और काम करने वाले शौकीनों और पेशेवरों के लिए फोटोग्राफ़ी का एक स्कूल संचालित करते हैं इस स्कूल के माध्यम से वे हाथों-हाथ फ़ोटोग्राफ़ी कौशल सिखाते हैं। वह कलर्ड लीफ़ के प्रमुख भी हैं। वे एक कुशल वीडियो निर्माता, वीडियो और फोटो संपादक, वेब डिजाइनर और ग्राफिक डिजाइनर हैं।
इस अवसर पर कर्नल वी के दुग्गल, पूर्व मुख्य सचिव सुरजीत किशोर दास, कल्याण सिंह रावत, ममता चौहान, एम एस रावत, अतुल शर्मा,विभूतिभूषण भट्ट,वाई भट्टाचार्य,सुंदर एस. बिष्ट, सुशीला भंडारी, सलिल दास, विजय शुक्ल व एम हुसैन सहित सामाजिक अध्येता, फ़िल्म व रंगमंच से जुड़े व्यक्ति, पुस्तकालय के युवा पाठक सदस्य व अन्य लोग मौजूद रहे। स्लाइड शो के बाद सभागार में मौजूद दर्शकों ने उनसे सवाल-जवाब भी किये।

 

घमंड के आखंड में डूब चुके है भाजपा नेता : भूपेन्द्र सिंह भोज

 

अल्मोड़ा, उत्तराखण्ड के पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत द्वारा राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे को देशभक्त बताना बेहद निंदनीय ऒर मानसिक दिवालियापन का संदेश हैं, काँग्रेस जिलाध्यक्ष भूपेन्द्र सिंह भोज गुडडू ने कहा कि भाजपा के नेता अपने मातृसंगठन आर एस एस से ऎसी शिक्षा लेकर राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी के हत्यारे को देशभक्त बताकर देश की जनता को गुमराह करके देश को पतन की राह में डालने का कृत्य कर रहे हैं । केन्द्र की मोदी सरकार से लेकर प्रदेश की धामी सरकार झूठ की बुनियाद पर खड़े होकर आम जनता के हितों के साथ-साथ देश की परम्परा ऒर धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र को कमजोर करके देश के संविधान को कमजोर कर रहे हैं , झूठ की पाठशाला से निकले ऎसे पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत शर्मनाक बयानबाजी करके अपने आकाओ को खुश करने का प्रयास कर रहे हैं, उन्होंने कहा कि भाजपा के नेता उन महान ज्ञात-अज्ञात स्वतंत्रता सेनानियों को भी अपमानित करके घमंड के आखंड में डूब चुके है। भाजपा के भ्रमजाल की चपेट में आयी देश एंव प्रदेश की जनता इनके कुशासन को नॊ साल से झेल रही हैं। ऒर अब इनको आने वाले लोकसभा चुनावों में सबक सिखाने के लिए आतुर हैं। श्री भोज ने कहा कि अगर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत में कुछ शर्म बची है। तो उन्हें अपने बेहद शर्मनाक ऒर निंदनीय बयान पर देश एंव उत्तराखण्ड की जनता से माफी माँगकर पश्चाताप करना चाहिए ।

 

जाति मुक्त भारत और नफरत के खिलाफ मोहब्बत यात्रा पहुंची अल्मोड़ा

अल्मोड़ा, जाति मुक्त भारत और नफरत के खिलाफ मोहब्बत यात्रा अल्मोड़ा पहुंची। इस दौरान यात्रा में शामिल कार्यकर्ताओं ने यात्रा के उद्देश्य के बारे में बताया।

बीते दिवस यह यात्रा कौसानी पहुंची थी,कौसानी में यात्रा दल के सदस्यों ने लक्ष्मी आश्रम कौसानी पहुंचकर राधा बहन से मुलाकात की और उनसे देश में हो रहे राजनीतिक गति​विधियों पर चर्चा की। राधा बहन ने यात्रा दल के सदस्यों से इस तरह की यात्रा पूरे भारत में करने की जरूरत पर बल दिया।
कौसानी के बाद यह यात्रा आज अल्मोड़ा पहुंची। अल्मोड़ा के नगरपालिका सभागार में यात्रा दल के सदस्यों का उत्तराखण्ड परिवर्तन पार्टी के कार्यकर्ताओं ने स्वागत किया। यात्रा में शामिल रोहित कुमार ने कहा कि पिछले 9 साल से देश में नफरत का माहौल बन गया है। और मोहब्बत का पैगाम लेकर यह यात्रा निकली है। रमेश भंगी ने कहा कि समाज में भेदभाव खत्म हो,जाति,धर्म के आधार पर नहीं बल्कि इंसानियत के नाते प्रेम और मोहब्बत से रहे,यही इस यात्रा का उद्देश्य है। उत्तराखंड सर्वोदय मंडल के अध्यक्ष इस्लाम हुसैन ने कहा
अल्मोड़ा से उनका पुराना नाता रहा हैं,उन्होने अल्मोड़ा से जुड़ी अपनी यादों को सबके साथ साझा किया। इस्लाम हुसैन ने कहा कि महात्मा गांधी ने जिस समाज की कल्पना की थी उसे आने वाली पीढ़ी को बताने की जरूरत हैं ,कहा की गांधी जी ने जो किया और जो अपेक्षा की कि रचनात्मक कार्य करने चाहिए, जिसमें पहला कौमी एकता है। कहा कि कौमी एकता तभी होगी जब समझ के अभी लोग समान स्तर पर सोचे,जब देश जाति मुक्त हो,सभी धर्मो का सम्मान हो,कोई ऊंच नीच ना हो। कहा कि देश के बेरोजगारों को रोजगार चाहिए और रोजगार का माहौल हो,देश में शांति और सद्भाव का माहौल हो, यही इस यात्रा का मूल उद्देश्य है। इस्लाम हुसैन ने कहा कि हमारे पड़ोस में बांग्लादेश का उदाहरण सबके सामने है,वह भारत से आगे निकल गया है। पहले 30 टका के एक रुपया होता था,आज वह भारतीय रुपए के बराबर पहुंच गया है।
इस्लाम हुसैन ने कहा कि देश में आज लोग लव जेहाद की बात करते है,जातीय दुराग्रह के कारण जगदीश राम की हत्या हो गई,चंपावत में दलित भोजन माता के साथ दुर्व्यवहार की घटनाएं हुईं है। जबकि उत्तराखण्ड का इतिहास ऐसा नही है। उन्होने कहा कि आज देश में जो भय का माहौल बना हुआ है वह देश की उन्नति के लिए घातक है,और इन सबको छोड़कर ही देश उन्नति के रास्ते में आगे बढ़ सकता हैं।इस्लाम हुसैन ने कही कि उत्तराखंड में बाहर के लोग आकर यहां के संसाधनों पर कब्जा कर रहे है,जबकि पहाड़ी लोग अपने को ठगा हुआ महसूस कर रहे है,कहा कि ऐसी नीतिया बननी चाहिए जिससे कि यहां के लोग खूब तरक्की कर सके। कहा कि ऐसे माहौल जिसमे नफरत सिखाई जा रही हो इसे बदलने की जरूरत हैं। यात्रा के बारे में बताते हुए इस्लाम हुसैन ने कहा कि उनका एजेंडा खुला हुआ है, कहा किव लोकतांत्रिक ढंग से अपनी बात रखते है। उन्होंने कहा कि विकास का मतलब यह नही होना चाहिए कि कितने पुल बने,कितनी बिल्डिंगे बनी, उनकी नजर में विकास का मतलब हैं की हमारे जीवन मूल्य क्या है,शिक्षा व्यवस्था कैसी है, रोजगार की क्या स्थिति है,स्वास्थ्य की क्या स्थिति है।
जाने माने गांधीवादी कार्यकर्ता हिमांशु कुमार ने कहा कि उनके दादा पंडित बिहारी लाल शर्मा आर्य समाज के महर्षि दयानंद को आर्य समाज को फैलाने के लिए यूपी लेकर आए थे। कहा कि आज हम संकीर्ण हो गए हैं। हिमांशु कुमार ने कहा कि ​जिस धर्म में आलोचना,विश्लेषण और सुधार नहीं होता तो वह सड़ जाता है। हिमांशु कुमार ने कहा कि उन्होने अपनी जिंदगी के 20 वर्ष छत्तीसगढ़ में आदिवासियों के बीच में गुजारे है।उन्होने कहा कि छत्तीसगढ़ में आदिवासियों पर बहुत ज्यादतिया हुई है और वहां के प्राकृतिक संसाधनो को कोरपोरेट हथियाना चाहते है। पिछले साल सुप्रीम कोर्ट ने उनकी एक याचिका को खारिज करते हुए उन पर 5 लाख का जुर्माना लगाया दिया।
उन्होंने कहा कि हेमवती नंदन बहुगुणा के मुख्यमंत्री काल में जब सरकार ने सीलिंग एक्ट लागू कर जमीने जब्त की तो इसके बाद बहुगुणा ने बिनोबा भावे से कहा कि इसे भूमिहीनों में किस तरह से बांटना है तो विनोबा भावे ने उनके ताऊजी ब्रह्म प्रकाश का नाम सुझाया। उनके सुझाव के बाद सीएम बहुगुणा ने ब्रहम प्रकाश को कैबिनेट मिनिस्टर बनाया और ब्रहृम प्रकाश ने 20लाख एकड़ जमीन भूमिहीनों में बांट दी,लेकिन खुद भूमिहीन रहे।
भारतीय सामाजिक व्यवस्था की बात करते हुए हिमांशु कुमार ने कहा कि करोड़ो भारतीय लोगो को सदियों तक भारत की अर्थव्यवस्था,सामाजिक व्यवस्था में भागीदारी नहीं दी,और नतीजा यह हुआ कि भारत पिछड़ता चला गया। कहा अमेरिका में जब तक कालो लोगो को रोका गया तो उसका कोई नाम नहीं था, लेकिन जैसे ही उनको भागीदारी दी गई अमेरिका हर क्षेत्र में छा गया ओर आज खेल,विज्ञान,संगीत हर क्षेत्र में काले लोग आगे है।
हिमांशु कुमार ने कहा कि देश में दहशत का माहौल बना दिया गया है। कहा कि नूह मेवात क्षेत्र में मुसलमान सदियों से गौपालन का कार्य करते थे,लेकिन उनके बीच के 4 लोगो को मार दिया गया,नतीजतन आज कोई मुसलमान गाय नहीं पाल रहे हैं। इसी नफरत के कारण छोटे उद्योग,छोटे व्यापारी खत्म किए जा रहे है। कहा कि छोटा व्यापार खत्म होगा तो बड़ा व्यापारी पनपेगा ही। कहा कि छत्तीसगढ़ में आदिवासियों को जंगलों से बाहर कर पूंजीपतियो को लाया जा रहा है। वही जनता को हिंदू मुसलमान में फसाया जा रहा है,और देश को बेचा जा रहा है।हिमांशु कुमार ने कहा कि आजादी की लड़ाई हिंदी मुसलमान ने मिलकर लड़ी। कहा कि इंसानो में केवल ईश्वर अल्लाह का ही तो फर्क है। इस दौरान उत्तराखण्ड परिवर्तन पार्टी के केंद्रीय महासचिव एड नारायण राम,कमला,भावना पाण्डे,राजेंद्र कुमार,कृष्णा आर्या,दीपांशु पाण्डे,हीरा देवी,मोहम्मद वसीम,अनीता बजाज,कुंती देवी,हेमा पाण्डे आदि मौजूद रहे।

 

लालढांग में बाल साहित्य और सामाजिक सरोकार ‘ विषय पर राष्ट्रीय संगोष्ठी, 11 पुस्तकों का लोकार्पण

-बाल कवि सम्मेलन में 22 बच्चों ने पढ़ी स्वरचित कविता
-11 राज्यों के 100 साहित्यकारों
की सहभागिता।

लालढांग (हरिद्वार ), नेताजी सुभाष चंद्र बोस आवासीय छात्रावास लालढ़ांग तथा अल्मोड़ा से प्रकाशित बच्चों की पत्रिका बालप्रहरी व बालसाहित्य संस्थान अल्मोड़ा द्वारा लालढांग में आयोजित राष्ट्रीय बाल साहित्य संगोष्ठी में देश के विभिन्न राज्यों के साहित्यकारों ने प्रतिभाग किया ।
‘बाल साहित्य और सामाजिक सरोकार’ विषय पर आयोजित सत्र की अध्यक्षता करते हुए एम बी पी जी कालेज हल्द्वानी की हिंदी विभागाध्यक्ष प्रो. प्रभा पंत ने कहा कि इलैक्ट्रानिक मीडिया के आज के दौर में संयुक्त परिवारों के विघटन,शहरीकरण तथा रोजगार के लिए माता-पिता दोनों का घर से बाहर रहने व मोबाइल के प्रचलन से बच्चों को दादा -दादी व माता पिता से प्राकृतिक प्यार नही मिल रहा है । बच्चे मिट्टी पानी व प्रकृति से खेलने के बजाय वीडियो गेम से मार धाड़ व हिंसक प्रवृति के हो रहे हैं ।
प्रतापगढ़ से आए दयानंद मौर्य ने कहा कि अब बच्चों को दादा दादी की कहानी सुनने को नही मिलती है । सिक्किम से आई मीना सुब्बा ने कहा कि आज का अभिभावक बच्चों को पैसा कमाने की मशीन बतौर इंजीनियर व डाक्टर बनाना चाहता है । जबकि जरूरत है कि बच्चा एक अच्छा इंसान बने इसके लिए प्रयास किए जाने की जरूरत है । इस सत्र में मीना सुब्बा,स्नेहलता ने भी अपने विचार रखे
संगोष्ठी की शुरुआत ‘ज्ञान का दीया जलाने’ समूह गीत से हुई । उत्तराखंड का बालसाहित्य विषय पर आयोजित सत्र में मुख्य अतिथि राजकिशोर सक्सेना, के. पी. एस. अधिकारी, हरिमोहन, आनंदसिंह बिष्ट, प्रमोद तिवारी आदि ने संबोधित किया । अध्यक्षता के पी एस अधिकारी व संचालन डॉ महेंद्र प्रताप पांडे ‘नंद’ ने किया।
‘बालसाहित्य और सामाजिक सरोकार ‘ विषय पर आयोजित संगोष्ठी से पहले नेताजी सुभाष चंद्र बोस आवासीय छात्रावास के बच्चों ने दीप जलाकर कार्यक्रम का उद्घाटन किया । इस अवसर पर आयोजित बाल कवि सम्मेलन में 22 बच्चों ने स्वरचित कविताओं का पाठ किया। बाल कवि सम्मेलन का संचालन करनपाल व उत्तम ने किया। नेताजी सुभाष चंद्र बोस आवासीय छात्रावास के अधीक्षक योगेश्वर सिंह ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए छात्रावास के बारे में जानकारी दी ।
इस अवसर पर बालप्रहरी पत्रिका के नए अंक, प्रो प्रभा पंत, राज सक्सेना , रामलखन प्रजापति , डॉ रमेश आनंद, डॉ आर पी सारस्वत , स्नेहलता, रत्ना लक्सम , डॉ चंद्रावती जोशी आदि सहित 11 पुस्तकों का लोकार्पण हुआ । बालप्रहरी व बालसाहित्य संस्थान अल्मोड़ा द्वारा देश की 85 दुर्लभ बाल पत्रिकाओं की प्रदर्शनी विशेष आकर्षण का केंद्र रही। नेताजी सुभाष चंद्र बोस आवासीय छात्रावास लालढ़ांग के बच्चों द्वारा तैयार हस्तलिखित पुस्तकों व अन्य रचनात्मक गतिविधियों की प्रदर्शनी को सभी ने सराहा।
सायंकालीन सत्र में हरदेव सिंह की अध्यक्षता में काव्य गोष्ठी हुई।
इस अवसर पर शशि ओझा(भीलवाड़ा ),महेंद्र भट्ट (ग्वालियर ), किसान दीवान (छत्तीसगढ़ ), डॉ मेजर शक्तिराज(सिरसा),सुरेखा शर्मा (गुरुग्राम), लखन प्रतापगढ़) प्रकाश जोशी ( अल ),महेंद्र सिंह राणा ( पौड़ी ),डॉ इंदु गुप्ता (फरीदाबाद ),सुशील सरित(आगरा ), रावेंद्र रवि(खटीमा ) रत्ना लक्सम (सिक्किम ), गोविंद शर्मा (संगरिया), राकेश चक्र (मुरादाबाद )कविता मुकेश (बीकानेर ) हीरा लाल साहनी(दरभंगा),वेद मित्र शुक्ल (दिल्ली )आदि उपस्थित थे ।आज अलग-अलग सत्रों का संचालन डॉ. महेंद्र प्रताप पांडे ‘नंद’, नीरज पंत व इंदु तिवारी ‘इंदु’ ने किया।

 

महानगर कांग्रेस कमेटी हल्द्वानी ने किया पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत का पुतला फूंका

हल्द्वानी, उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत द्वारा राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे को राष्ट्रभक्त बताएं जाने के विरोध में महानगर कांग्रेस कमेटी हल्द्वानी द्वारा विधायक हल्द्वानी सुमित हृदयेश के नेतृत्व में पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत एवं भाजपा का प्रदर्शन कर पुतला फूंका।
विधायक सुमित हृदयेश, जिला अध्यक्ष राहुल छिमवाल एवं महानगर अध्यक्ष गोविंद सिंह बिष्ट ने त्रिवेंद्र सिंह रावत के बयान को भाजपा का विचार बताया और कहा की राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के हत्यारे को राष्ट्रभक्त बताकर भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री ने अपनी पार्टी की विचारधारा को स्पष्ट कर दिया है। उनके इस बयान से आज भारत माता की आत्मा बहुत दुखी होंगी क्योंकि उन्होंने भारत माता के मातृ भक्त, राष्ट्रभक्त लाल के हत्यारे को राष्ट्रभक्त कहा है। उन्होंने एक ऐसे व्यक्ति को राष्ट्रभक्त कहा है जिसे देश की सर्वोच्च अदालत ने सजा दी थी। उनके इस बयान ने देश की सर्वोच्च अदालत के साथ-साथ देश का भी अपमान किया है, जिनके लिए उन्हें संपूर्ण देश से अविलंब माफी मांगनी चाहिए।
पुतला दहन में ब्लॉक अध्यक्ष मोहन बिष्ट, प्रदेश महामंत्री महेश शर्मा, सचिव सोहेल सिद्धकी, भीमताल नगर पंचायत अध्यक्ष देवेंद्र चुनौतियां, एनबी गुणवंत युवा कांग्रेस के जिला अध्यक्ष हर्षित भट्ट, विधानसभा अध्यक्ष मोकिंन सैफी, एनएसयूआई जिलाध्यक्ष विशाल भोजक, कमला तिवाड़ी, पार्षद राधा आर्य, मुकुल बलुटिया, राजेंद्र जीना, तौफीक अहमद, राजेंद्र बिष्ट, ग्रुप्रीत प्रिंस संजय बिष्ट, शैलेन्द्र दानु, गोविंद बगडवाल, हेमंत साहू,राजू सुयाल कौशलेंद्र भट्ट, नितिन भट्ट, मनोज बिष्ट, गिरीश पांडे, प्रदीप कुमार, नदीम अहमद, विनय भट्ट, शुभम, अक्षत, रक्षित जोशी आदि उपस्थित थे।

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