आप भी इस तरह से चलाते हैं अपनी कार ताे 15 नहीं 5 साल में ही हाे जाएगी कबाड़

नई दिल्ली. सरकार काराें काे लेकर स्क्रैप पॉलिसी (Car scrap policy) लाई है. जिसके तहत 15 साल के बाद काराें काे स्क्रैप करना अनिवार्य किया जा रहा है. लेकिन यह ताे तब की बात है जब आपकी कार 15 साल तक भी चल पाए क्याेंकि कई लाेगाें की आदत कार काे इस तरह से चलाने की हाेती है कि वाे 15 ताे दूर पांच साल में ही कार काे कबाड़ कर देते है. आज जानते है कि उन तरीकाें के बाराें में जाे कार की उम्र काे कम करती है . और आप भी यह देखें कि कही आप भी इनमें से किसी तरीके से कार काे ड्राइव नहीं करते. क्याेंकि यदि करते है ताे यह आदत आज से ही बदल डाले. फिर भले ही आपने चाहे अभी-अभी कार चलाना सीखी हाे, या फिर आपकाे पहले से आती हो या फिर एक्सपीरियंस ड्राइवर हाे तीनाें ही स्थिति में भी कार चलाने के इन तरीकाें से आपकाे भी बचना चाहिए. कार एक्सपर्ट शहजाद ने न्यूज 18 काे बताई वो आदतें जिसका अक्सर लाेग कार चलाते समय ध्यान नहीं रखते है नतीजतन कार उम्र ताे कम ही हाेती है खर्च भी बढ़ता जाता है .

1 – शहजाद कहते हैं कि ज्यादातर लाेग गाड़ी चलाते समय अपना एक हाथ स्टेयरिंग के ऊपर रखे होते है ताे दूसरा हाथ गियर के ऊपर या उसे पकड़े हुए रहते है. देखने और करने में इसमें कुछ भी गलत नहीं लगता लेकिन क्या आप जानते है कि ऐसा करने से गियर बॉक्स काे नुकसान पहुंचा रहे हाेते है. जानिए कैसे.. गियर लीवर शिफ्टिंग रील्स के ऊपर हाेता है ट्रांसमिशन के अंदर दिए गए शिफ्टिंग फॉक्स हमेशा तैयार रहते है कि एक गियर से दूसरे गियर में शिफ्ट हाेने के लिए गियर के ऊपर लगातार हाथ रखे हाेने से शिफ्टिंग रेल्स नीचे काे दब रही हाेती है .जिसके चलते शिफ्टिंग फॉक्स नीचे प्रेशर बनाती रहती है. जिसके चलते वहां लगातार फ्रिक्शन बना रहता है जिसके चलते गियर टीथ बेहद जल्दी घीस जाते है. जिसके बाद कुछ समय में गियर फिसलना शुरू हाे जाते है. इसलिए कभी भी दूसरा हाथ गियर पर ना रखे उसे स्टेयरिंग पर या फिर आर्म रेस्ट पर रखे.

2- अमूमन देखा गया है कि लाेग गाड़ी चलाते समय क्लच या ब्रेक पैड के ऊपर पैर रखकर उसे फुट रेस्ट की तरह इस्तेमाल करते है खासताैर से लॉग ड्राइव में. ब्रेक या क्लच प्लेट जल्द घिसने का यही सबसे बड़ा एक कारण हाेता है. यहां एक बात और ध्यान देने वाली है जब आप गाड़ी रेड लाइट पर या किसी से बात करने के लिए साइड में लगाए ताे कभी भी स्टार्ट गाड़ी में क्लच काे दबा कर ना रखे बल्कि गियर न्यूट्रल करके हैंड ब्रेक लगा ले यदि आप ऐसा नहीं करते हाे ताे आप जान ले कि आपके इंजन और क्लच दाेनाें पर ही लाेड पड़ रहा हाेता है.

3 – जब आप गाड़ी काे ऊंची जगह से नीचे उतारते है ताे अपने पैर काे लगातार ब्रेक के ऊपर रखे हाेते है. ताकि जरूरत पढ़ने पर जल्द ब्रेक लगा सके. कुछ लाेग ताे पेट्राेल बचाने के लिए कार भी बंद कर देते है लेकिन ऐसा करना खतरनाक हाे सकता है ना सिर्फ कार के लिए बल्कि आपके लिए भी. ऐसा इसलिए क्याेंकि कार बंद करने पर पावर स्टेयरिंग लॉक हाे जाती है और लगातार ब्रेक पर पैर रखने से ब्रेक शू काे नुकसान हाेता है . और यदि वाे पहले से ही खराब तब ऐसा करने से नुकसान और ज्यादा हाेगा. नीचे उतारते समय या ताे कार पहले या दूसरे गियर पर रखे. जब गाड़ी काे चढ़ाई पर ले जा रहे हाेते है और किसी कारणवश उसे बीच में ही राेकना पड़ जाते ताे ज्यादातर लाेग हाफ क्लच और एक्सलेरेटर स्पीड देकर उसे दाेाबारा चलाते है एक बात याद रखिए यदि आप भी ऐसा करते है ताे यकीनन गाड़ी की क्लच प्लेट खराब हाे जाएगी. इसलिए ऐसी स्थिति में पहले कार काे न्यूट्रल करे, हैंडब्रेक लगाए फिर धीरे-धीरे रफ्तार देकर हैंड ब्रेक काे रिलीज करे. तीनाें कामाें काे एक साथ करना हाेगा.

4- जब भी कही बाहर से घर या ऑफिस या कही भी जाते है ताे गाड़ी राेकने के बाद ही इंजन तुरंत बंद कर देते है बिलकुल गलत है अगर आपकी गाड़ी में टर्बाे चार्जर है ताे ऐसा इसलिए क्याेंकि आजकल ज्यादातर गाड़ियाें में पावर बूस्ट करने के लिए टर्बाे टार्जर का इस्तेमाल हाे रहा है. यह टर्बाे चार्जर इंजन से कई ज्यादा आरपीएम पर घूम रहे हाेते है. जिसके चलते इनका टेम्प्रेचर काफी ज्यादा रहता है. ऐसे में यदि आप इंजन काे तुरंत बंद कर देंगे ताे आपका टर्बाे चार्जर खराब हाे सकता है या फिर धीरे-धीरे काम करना कम कर सकता है. इसलिए गाड़ी रूकने के तुरंत बाद इंजन काे बंद करने के बजाय कम से कम 15 से 30 सेंकड तक रूके. खासताैर पर ऐसा तब जरूर करे जब आप लंबी ड्राइव या हाईवे पर गाड़ी चलाकर आ रहे है.

5 – रास्ते में स्पीड ब्रेकर आने पर हम गाड़ी की रफ्तार ताे कम करते है लेकिन उसके निकल जाने पर कई लाेग उसी गियर में गाड़ी काे एक्सलिरेट करते है जाे कि गलत है. ऐसे में आप जिस गियर में गाड़ी रखे है इंजन काे वापस उस तक पहुंचने के लिए काफी मेहनत करनी पड़ती है जिसके चलते सिलेंडर हेड , गियर बॉक्स और क्लच जैसी चीज डैमेज हाेने लगती है. इसलिए आगे से जब भी आप स्पीड कम करे ताे उसके साथ गियर भी डाउन करे. आजकल गाड़ियाें में गियर चेंज करने के इंडीकेटर भी दिए जाते है ऐसा इसलिए ही ताकि जिस गियर में जितनी स्पीड से कार चलनी चाहिए आप उसे मेंटेंन करके रखे.

6 – आटाेमैटिक कार चलाने वाले पार्किंग करने के दाैरान अपनी कार काे सिर्फ पी माेड यानि पार्किंग माेड पर लगाकर चले जाते है . जबकि यह गलत है. दरअसल पी माेड पर गाड़ी पार्क करने से सारा लाेड ट्रांसमिशन पर आता है . ट्रांसमिशन में आपकी छाेटी उंगली के बराबर एक पिन हाेती है जिसे पार्किंग पाउल कहते है पूरा प्रेशर उसके ऊपर आ रहा हाेता है जिससे वाे डैमेज भी हाे सकती है. इसलिए आटाेमैटिक कार काे पार्क करते समय हैंडब्रेक का इस्तेमाल जरूर करना चाहिए.