पुलिस भर्ती और प्रमोशन में ढिलाई पर सीएम योगी नाराज, प्रक्रिया को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पुलिस में भर्ती और प्रोन्नतियों के मामले में विलंब पर सख्त नाराजगी जताई है। उन्होंने नोएडा में एसटीएफ के साइबर थाने केलिए जमीन मुहैया कराने व भवन निर्माण की जिम्मेदारी नोएडा प्राधिकरण को सौंपने को कहा है।

बृहस्पतिवार देर शाम मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पुलिस विभाग के कार्यों की समीक्षा करते हुए भर्ती और प्रोन्नतियों की प्रक्रिया को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। सीएम ने जहां अपराधों पर कुछ जिलों के अधिकारियों के रवैये पर नाराजगी जताई, वहीं उन्होंने साफ कहा कि जो काम अरसे से लंबित पड़े हैं उन्हें शीघ्रता के साथ पूरा कराया जाए।

समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने हाल में ही निरस्त हुई पुलिस भर्ती परीक्षा को जल्द ही पारदर्शिता से संपन्न कराने को कहा। इसी क्रम में सीएम ने एसटीएफ द्वारा प्रस्तावित नोएडा में साइबर थाना के लिए जमीन उपलब्ध कराने और भवन बनाने की जिम्मेदारी नोएडा अथॉरिटी को देने का निर्देश दिया है।

शामली में पीएसी की नई बटालियन शुरू करने का निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने तीन अन्य स्थानों पर भी पीएसी की बटालियन स्थापित करने के बारे में चर्चा की। मुख्यमंत्री ने बदायूं में खाली जमीन को भी देखने को कहा है।

इसके अलावा नक्सल प्रभावित क्षेत्र में एक, लखनऊ में एक और आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे के बीच में किसी स्थान पर एक पीएसी की बटालियन स्थापित करने को लेकर भी मुख्यमंत्री ने अधिकारियों केसाथ विचार-विमर्श किया।

इस मौके पर पुलिस महानिदेशक ओपी सिंह ने सुझाव दिया कि केन्द्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसफ) की तर्ज पर प्रदेश स्तर पर भी ‘राज्य औद्योगिक सुरक्षा बल’ का गठन किया जाना चाहिए।

इसपर मुख्यमंत्री ने प्रस्ताव तैयार करने को कहा है। वहीं प्रमुख सचिव गृह अरविंद कुमार ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि मेट्रो की सुरक्षा सीआईएसएफ को सौंपे जाने के संबंध में केन्द्रीय गृह मंत्रालय को पत्र लिखा गया है और उनसे मेट्रो की सुरक्षा-व्यवस्था में राज्य पुलिस और सीआईएसएफ की भूमिका भी स्पष्ट करने का अनुरोध किया गया है। इस मुख्यमंत्री ने कहा है कि केन्द्र यह पूछा जाए कि कब तक मेट्रो की सुरक्षा व्यवस्था हैंडओवर किया जाएगा।

पुलिस महानिदेशक (अभिसूचना) भावेश कुमार साइबर लैब शुरू करने के प्रस्ताव केबारे में अवगत कराया। इसपर मुख्यमंत्री ने साइबर लैब और फॉरेंसिक यूनिवर्सिटी की स्थापना के प्रस्तावों पर तेजी से काम शुरू करने के निर्देश दिए हैं। इसके  अलावा उन्होंने आतंकवाद संबंधी विशेष कोर्ट शुरू करने के भी निर्देश दिए हैं। बैठक में मुख्य सचिव डॉ. अनूप चंद्र पांडेय समेत गृह व पुलिस विभाग के कई अधिकारी मौजूद थे।