21 से 22 मार्च तक कोरोना को हराने के लिए भूमा निकेतन में यज्ञ का आयोजन

हरिद्वार मार्च 19 (कुल भूषण शर्मा) भूमा निकेतन आश्रम के परमाध्यक्ष स्वामी अच्युतानन्द तीर्थ महाराज ने करोना वायरस के प्रभाव को लेकर कहा कि भारत आध्यात्मिक ऊर्जा का देश है । आस्था एवं विश्वास हर भारतीय के खून मंे है । सम्पूर्ण भारतवर्ष जो विश्व की धरोहर एवं आध्यात्मिक ऊर्जा का केन्द्र है जैसे मुम्बई में सिद्धि विनायक, वृन्दावन में बाँके बिहारी, आन्ध्रप्रदेश में तिरुपति बाला जी, हिमाचल में शक्ति पीठ, जम्मू कश्मीर में वैष्णो देवी, मध्य प्रदेश में महाकालेश्वर, ऋऋि-सिद्धि तथा भारत में जो अन्य मन्दिर है, उनको कोरोना वायरस की वजह से बन्द कर दिया गया, यह बहुत दुखद विषय है । इस प्रकार से मन्दिर, न अग्रेंजो के राज में बन्द हुए और न ही मुसलमानों के राज में बन्द हुए वर्तमान सरकार ने किस मापदण्ड के आधार पर मन्दिरों को बन्द करने का अभिमान चलाया, हर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने यह आदेश दिया ।
गौमुख से निकलने वाली गंगा, यमनोत्री से निकलने वाली जमना जी, झेलम, कावेरी, नर्मदा आदि भारतवर्ष की समस्त नदियों मंे करोड़ो लोग अपने हाथ धोते है, स्नान करते है व जल ग्रहण करने है – सरकार के पास उनको रोकने का क्या उपाय है । इन्हीं नदियों का जल, वाटर वक्र्स के द्वारा घरों में जाता है, सभी उसका प्रयोग करते है । इसलिए मन्दिरों को बन्द करना एक दुखद घटना है । सरकारों से हमारा आग्रह है कि सावधानी का प्रयोग करें और मन्दिरों को बन्द न करें
उन्होने कहा हमारा, अपने गुरु जी व भगवान को मानकर कहना है कि 14 अप्रैल, 2020 तक भारत, करोनो वायरस पर विजय प्राप्त कर लेगा । यह देश ऋषि-मुनियों की पुण्य भूमि है और हम उन्हीं की सन्तान है । हर व्यक्ति अपने घर में जैसे नवरात्रों में हवन (यज्ञ) करते है वैसे ही रोज सुबह-शाम ‘महा मृत्युजय मंत्र’ से यज्ञ करें, हवन करें । हमने ‘कोरोना से डरना नही, उसे डराना है’ एक पैम्पलेट भी  बटवायां है । हम सिद्धपीठा भूमा निकेतन की ‘यज्ञशाला’ में दिनांक 21-22 मार्च, 2020 से कोरोना को हराने के लिए यज्ञ प्रारम्भ कर रहे है । ‘कोरोना हारेगा, देश से भागेगा’ यही हमारे संकल्प शक्ति होनी चाहिए ।