विश्व पर्यावरण दिवस : क्वाराइंटिन सेन्टर में बने बीज बम, जंगलों में फेंके गये

उत्तरकाशी, पर्यावरण के क्षेत्र में अपनी सक्रियता के चलते हिमालय पर्यावरण जड़ी बुटी एग्रो संस्थान जाड़ी उत्तराखण्ड ने खेल खेल में पर्यावरण संरक्षण व वन्यजीवों के लिये जंगलों में ही आहार की व्यवस्था के लिये वर्ष 2018 से बीज बम अभियान का शुभारंभ किया जो अभी भी निरंतर चलता आ रहा है। बागी कमद गावँ से शुरू हुआ यह अभियान ने आज राष्टीय स्तर पर अपनी पहचान बना चुका है।
वैश्विक महामारी कोविड 19 के कारण घर वापस आये प्रवासियों की क्वराइन्टीन के दौरान उनको प्रकृति के द्वारा मानव समाज पर किये उपकार का आभार प्रगट करने के लिये बीज बम बनाने के लिये संस्था द्वारा प्रेरित किया गया | प्रवासियों को पहाड़ की सबसे बड़ी समस्या वन्यजीवों के आतंक को कम करने के लिये बीज बम की उपयोगिता के बारे मे जानकारी दी गई ।
उत्तरकाशी के 5 क्वाराइन्टिन सेंटर में बीज बम के प्रेणता द्वारिका प्रसाद सेमवाल के दिशा निर्देशन में 20 प्रवासियों ने हजारों में चुली, आड़ू, सह्तूत, कदु , लोकी, बांज के बीज बम बनाये इन बीज बमों को पर्यावरण दिवस के अवसर पर पर्यावरण संरक्षण हेतु गांव वालों की मदद से जंगलो में डाला गया | बीज बम बनाने में टीका राम सिंह, हिकमत सिंह बंगलौर, सुरेश भट्ट चंडीगढ़, गजेंद्र सिंह, अब्बल सिंह राणा, यशवीर राणा, हुकम सिंह ,जयेंदर सिंह मलुरा बारामाती महाराष्ट आदि शामिल रहे | दिखोली में शिक्षक नरेश बिजल्वांण एवं ठान्ड़ी में सामाजिक एकता परिवार के अब्बल सिंह राणा के नेतृत्व में जिले में बीज बम अभियान चलाया गया |