गलवान घाटी में क्या हुआ उस रात : एक घायल सैनिक की जुबानी

✒️Rajender Singh Negi

गलवान घाटी में ड्रैगन सेना के कायरतापूर्ण हमले की परते अब धीरे धीरे खुलने लगी हैं | चीनी सैनिकों की मक्कारी और धोखे की पूरी दास्तान सुनाई एक भारतीय जाँबाज ने अपने परिजनों को | उसने बताया कि किस तरह 15 जून की उस खूनी रात में 250 भारतीय सैनिकों पर 1000 से अधिक चीनी सैनिकों ने साजिश के तहत जानलेवा हमला किया | दिलोदिमाग को सन्न करने वाली इस लड़ाई को बयां करते हुए घायल सैनिक ने बताया कि खून जमाने वाली उस ठंड में दुश्मन सिर्फ चीनियों की अधिक संख्याए कटीले तार बंधे डंडे और साजिश ही नहीं नदी का बर्फ़ीला पानी भी था जिसमें गिराए जाने से संघर्ष करने की क्षमता समाप्त होना तय था |

लद्दाख के गलवान घाटी में हुए संघर्ष में घायल जवान सुरेंद्र सिंह ने अलवर, राजस्थान में अपने पिता बलवंत सिंह को फोन किया तो चीनी सैनिकों के धोखे की कहानी धीरे.धीरे सामने आने लगी । एक निजी टीवी चैनल और समाचार पत्र के अनुसार, जवान ने उन्हे अपने परिवार वालों को बताया कि वह लेह के आसपास अस्पताल में है और घायल है लेकिन ठीक ठाक है । उसने कहा कि घटना के दिन हम 250 जवान थे और अपनी नियमित गश्त पर थे । जिस समय उन पर धोखे से यह हमला किया गया हम सभी घाटी से निकलने वाली एक नदी के किनारे से गुजर रहे थे | रास्ता इतना संकरा था कि एक बार में सिर्फ एक ही व्यक्ति निकाल सकता था । ऐसे समय में तकरीबन 1000 से अधिक चीनी सैनिकों ने कटीले तार बंधे डंडों से अचानक उनपर हमला किया | पाँच घंटे तक चले इस संघर्ष में हमने उन्हे करारा जबाब दिया लेकिन संकरी जगह होने से हमारे कई सैनिक 5 फिट गहरी नदी के बर्फीले पानी में गिरकर गभीर रूप से घायल हो गए | स्वयं सुरेन्द्र के सिर पर एक चीनी सैनिक ने कटीले तार बंधे डंडों से पीछे से हमला किया जिससे वह बेहोश हो गया । शायद चीनी सैनिक मुझे मरा समझकर भारतीय टुकड़ी के आने पर छोड़ कर भाग गए । उसे लद्दाख के मिलिट्री हॉस्पिटल लाया गया। उसके सिर में 12 टांके आए हैं और हाथ में भी फ्रैक्चर है।

उसके भाइयों ने बताया कि करीब 15 घंटे बेहोश रहने के बाद भी उसका चीनी सैनिको को सबक सिखाने का जज्बा अभी भी बरकरार है । उसने कहा कि उन लोगों ने कायरों की तरह हमला किया, आमने.सामने होते तो चीनी सैनिकों को वहीं धूल चटा देते। जाबांज सुरेंद्र करीब ने स्पष्ट किया कि उसके होशोहवाश में रहने तक हमने चीनी सैनिकों को भी जबर्दस्त नुकसान पहुंचाया, स्वयं उसने भी दो दुश्मनों को मार गिराया था |