उत्तराखण्ड : 21 सितंबर से नहीं खुलेंगे स्कूल, सूबे के शिक्षा मंत्री ने दिये निर्देश

देहरादून, उत्तराखण्ड में कोरोना की वैश्विक महामारी चलते मार्च से शिक्षण संस्थान बंद हैं, दूसरी तरफ कोरोना संक्रमण राज्य में लगातार विस्फोटक स्थिति ओर बढ़ रहा है, खतरे को देखते हुए प्रदेश में आगामी 21 सितंबर से विद्यालयों को नहीं खोलने का निर्णय लिया गया है। सूबे के शिक्षा मंत्री अरविंद पाण्डेय ने शिक्षा विभागीय के अधिकारियों को इससे संबंधित निर्देश दिए हैं।

विदित हो कि पूर्व में प्रदेश सरकार ने केन्द्र से मिली अनुमति के आधार पर आगामी 21 सितंबर से कक्षा 9 से 12 तक की कक्षाओं के संचालन को अनुमति प्रदान की थी। हालांकि यह अनुमति भी सशर्त दी गई थी, जिसमें कहा गया था कि यदि अभिभावक अपने बच्चों को स्कूल भेजना चाहें तो वह भेज सकते हैं।

दूसरी ओर वर्तमान में अब प्रदेश में कोरोना के लगातार मामले बढ़ रहे हैं। रोजाना एक हजार से अधिक नये मामले सामने आ रहे हैं। प्रदेश में कोरोना की रफ्तार थमने का नाम नहीं ले रही है। इसी को देखते हुए सूबे के शिक्षा मंत्री ने अभी पूर्व के उसे आदेश को निरस्त कर दिया है जिसमें कक्षा 9 से 12 तक के स्कूल आगामी 21 सितंबर से खोलने के लिए कहा गया था। प्रदेश में कोरोना महामारी के सामान्य होने के बाद ही अब स्कूल खुल सकेंगे

कोरोना महामारी के तहत स्कूल ना खोलने के निर्णय का AIKVTA ने स्वागत किया

देहरादून, प्रदेश में कोरोना महामारी के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए शिक्षा मंत्री उत्तराखंड माननीय अरविंद पांडे जी द्वारा अगले आदेशो तक विद्यालय ना खोलने के आदेशों के निर्णय का अखिल भारतीय केंद्रीय विद्यालय शिक्षक संघ स्वागत करता है ! संघ के अध्यक्ष डी एम लखेड़ा ने इसे बच्चों के हित में उनके स्वास्थ्य सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए समय से लिया गया सही निर्णय बताया !

शिक्षा मंत्री द्वारा लिये गये निर्णय के बाद उन्होंने शिक्षकों को आह्वाहन किया कि संकट की इस घड़ी में वह बच्चों का भरपूर मार्गदर्शन एवं शिक्षण कार्य में सहयोग देकर देश का भविष्य सवारने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करे ! शिक्षा मंत्री के इस निर्णय का राजेश कुकरेती , पीयूष निगम, वीरेंद्र भंडारी , अमित कपरवांन,सी पी थपलियाल, नबील अहमद , प्रदीप कुमार , आशीष जोशी , डी पी थपलियाल, ए पी सिंह कुलदीप कुमार एवं राकेश गोयल आदि शिक्षकों ने स्वागत किया है !