उमेश डोभाल स्मृति ट्रस्ट ने पत्रकारिता के साथ ही समाजसेवा एवं राष्ट्र उत्थान के लिए काम करने वालों को जो प्रोत्साहन दिया: नरेन्द्र सिंह नेगी

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हरिद्वार, (कुल भूषण शर्मा) उमेश डोभाल स्मृति ट्रस्ट के तत्वावधान में गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय के सभागार में आयोजित 29वें स्मृति समारोह के दूसरे दिन आज गंगा की दिशा और दशा पर व्याख्यान के साथ ही राज्य की विभिन्न क्षेत्रों में काम करने वाली प्रतिभाओं का सम्मान कर हर क्षेत्र को उपयोगी बनाने का अनूठा प्रयास किया गया।

व्याख्यान सत्र को मुख्य अतिथि पद से सम्बोधित करते हुए गढ़वाल के प्रख्यात लोक गायक नरेन्द्र सिंह नेगी ने कहा कि उत्तराखण्ड में प्रतिभाओं का भण्डार है और उमेश डोभाल स्मृृति ट्रस्ट ने पत्रकारिता के साथ ही समाजसेवा एवं राष्ट्र उत्थान के लिए काम करने वालों को जो प्रोत्साहन दिया है उससे निश्चित ही राज्य में रचनात्मकता की वृद्धि होगी। उमेश डोभाल को उत्तराखण्ड का गणेश शंकर विद्यार्थी बताते हुए कहा कि उन्होंने कुरीतियों एवं जरायम पेशेवरों के विरोध में अपनी लेखनी का जिस प्रकार प्रयोग किया आज की युवा पीढ़ी को उनके आदर्शों को आत्मसात करना होगा। ट्रस्ट की ओर से सम्मान पाने वालों का उत्साहवर्द्धन करते हुए उन्होंने कहा कि आप सभी में हमें उमेश डोभाल जैसा जज्बा प्रतीत हो रहा है। अध्यक्षीय उद्बोधन में वरिष्ठ पत्रकार राजीव लोचन शाह ने उमेश डोभाल की शहादत एवं वर्तमान पत्रकारिता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आज का मीडिया सत्ता के सामने साष्टांग कर रहा है। मीडिया बदलते वक्त की नब्ज नहीं पकड़ पा रहा है जबकि सत्ता व्यवस्था की गलत नीतियों का विरोध करना ही पत्रकारिता का धर्म है जिसका हम सबको निर्वाह करना चाहिए।

प्रख्यात समाज वैज्ञानिक रवि चोपड़ा ने गंगा की दशा और दिशा पर एक वृहद डाकूमेन्ट्री के माध्यम से बताया कि जल स्रोतों को जीवित रखना आज समय की आवश्यकता है और गंगा को जीवित रखना है तो प्रदूषण से हटकर पहले उसके बहाव को सुरक्षित रखना होगा। गंगा संरक्षण के लिए आम जनता एवं समाजसेवी संस्थाओं को आगे आने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि जब तक गंगा का नियंत्रण सरकार के हाथों में रहेगा तब तक सफलता वहीं मिलेगी। ट्रस्ट के अध्यक्ष गोविन्द पन्त राजू ने उमेश डोभाल की विचारधारा को निरन्तर जारी रखने की योजना प्रस्तुत करते हुए कहा कि हरिद्वार की पहचान गंगा से है और गंगा आधे भारत ही नहीं बल्कि चार देशों की व्यवस्था एवं संस्कृति का पोषण करती है।

उन्होंने उमेश डोभाल स्मृति सम्मान पाने वालों की घोषणा करते हुए कहा कि लोक संस्कृति के क्षेत्र में कार्य करने के लिए डॉ. डी.आर. पुरोहित तथा गिरीश तिवारी गिर्दा जनगीत सम्मान के लिए डॉ. श्रीश मौर्य एवं राजेन्द्र रावत जन सरोकार सम्मान के लिए राजेन्द्र सिंह विष्ट के नामों की घोषणा की। इसके अतिरिक्त प्रिंट मीडिया पुरस्कार मयंक जोशी, इलैक्ट्रिक मीडिया पुरस्कार रोबिन सिंह तथा सोशल मीडिया पुरस्कार से चन्द्रशेखर जोशी को सम्मानित किया गया साथ ही भुवनेश्वरी जोशी सम्मान से नीलम पाटनी को तथा ब्रजमोहन भगत को भी सम्मानित किया गया। इस अवसर पर एस.एम. जेएन पीजी कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सुनील बत्रा, वरिष्ठ पत्रकार रतनमणि डोभाल तथा डॉ. सुशील उपाध्याय ने भी उमेश डोभाल के अदम्य साहस की सराहना करते हुए पुरस्कार पाने वालों को साधुवाद दिया।

इस अवसर पर उमेश डोभाल के कृतित्व एवं व्यक्तित्व पर आधारित डॉ. सुशील उपाध्याय द्वारा संपादित स्मारिका का भी अतिथियों ने विमोचन किया। कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ पत्रकार गणेश कुशाल गणी ने किया तथा कार्यक्रम के आयोजक सुनीलदत्त पाण्डेय ने सभी का आभार व्यक्त किया। अन्तिम खुला सत्र की अध्यक्षता प्रेस क्लब अध्यक्ष राजेश शर्मा ने की तथा कुलसचिव दिनेश चन्द भट्ट, पुरुषोत्तम शर्मा गांधीवादी मुख्य अतिथि रहे एवं दिवाकर भट्ट तथा त्रिलोकचन्द भट्ट ने विचार व्यक्त किये।
इस अवसर पर गंगासभा के पूर्व अध्यक्ष पुरुषोत्तम शर्मा गांधीवादी, सत्यानन्द रतूड़ी, त्रिलोकचन्द भट्ट, सत्येन्द्र तिवारी, डॉ. शिवा अग्रवाल, रामेश्वर गौड़, दीपक नौटियाल, संदीप रावत, रामनरेश यादव, जगमोहन रौतेला, दिवाकर भट्ट, यमुना राम, विनय शाह, कुलभूषण शर्मा, त्रिभुवन उनियाल, रवि रावत, रुपेश कुमार, गीता गैरोला, दयाल पाण्डेय, योगेश जुगरान इत्यादि उपस्थित थे।