उक्रांद ने की उत्‍तराखंड को विशेष दर्जा देने की मांग, राज्य शहीद आंदोलनकारियों की भावनाओं के अनुरूप नहीं बन पाया : दिवाकर

‘उक्रांद नए सिरे से जनता के बीच जाएगा और आगामी विस चुनाव में सभी 70 सीटों पर चुनाव लड़ेगा’

देहरादून, उक्रांद के केंद्रीय अध्यक्ष दिवाकर भट्ट ने कहा कि राज्य गठन के दो दशक बाद मंत्रियों व विधायकों की संख्या जरूर बढ़ी, पर विकास का पहिया थम गया। राज्य शहीद आंदोलनकारियों की भावनाओं के अनुरूप नहीं बन पाया है। उन्होंने कहा कि उक्रांद नए सिरे से जनता के बीच जाएगा और आगामी विस चुनाव में सभी 70 सीटों पर चुनाव लड़ेगा। केंद्र सरकार से उन्होंने उत्तराखंड को विशेष राज्य का दर्जा व ग्रीन बोनस देने की मांग की है।

शुक्रवार को केंद्रीय कार्यालय में पत्रकारों से वार्ता करते हुए भट्ट ने बताया कि पिछले दिनों हरिद्वार में दल की केंद्रीय कार्यकारिणी की बैठक हुई है। जिसमें कई अहम बिंदुओं पर चर्चा की गई। आगामी विस चुनाव को लेकर भी दल की रणनीति तैयार की गई है। उन्होंने कहा कि पूरी शिद्दत के साथ विस चुनाव में उतरा जाएगा। दल के संरक्षक काशी सिंह ऐरी ने कहा कि पलायन रोकने के लिए राज्य सरकार ने पलायन आयोग का गठन किया, लेकिन आयोग ने खुद ही पहाड़ से पलायन कर लिया। कोरोना महामारी के दौरान जो प्रवासी वापस लौटे थे उन्हें यहां पर रोजगार की कोई व्यवस्था नहीं की गई। ऐसे में वापस लौटे ये प्रवासी दोबारा महानगरों की ओर पलायन करने को मजबूर हैं।

पूर्व विधायक डॉ. नारायण सिंह जंतवाल ने कहा कि दल प्रदेश में बड़ी बांध परियोजनाएं बनाने का शुरू से ही विरोध करता रहा है, लेकिन सरकारों ने सभी मानकों को ताक पर रखकर व आम जन की आवाज को दबाकर नदियों की धारा को रोककर बांध बना दिए हैं। इसका परिणाम अब जलप्रलय के रूप में सामने आ रहा है। पूर्व विधायक पुष्पेश त्रिपाठी ने कहा कि पंचेश्वर बांध से भी बड़ी त्रासदी को आमंत्रण दिया जा रहा है। दल इस बांध बनने का पुरजोर विरोध करेगा।