अफवाहों पर ध्यान न दें, नहीं बंद होगा आपका टीवी, ट्राई ने दी सफाई

ट्राई के नए नियम के लागू होने में अब महज दो दिन बचे हैं। टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (ट्राई) ने हाल ही में निर्देश जारी किए हैं जिसके बाद ब्रॉडकास्ट सेक्टर को अपने ग्राहक को चैनल चुनने और उसी के मुताबिक भुगतान करने का विकल्प देना होगा। ट्राई के इस आदेश के बाद खबरें आ रहीं थीं कि पहले से सब्सक्राइब्ड चैनलों की सेवा भी बाधित हो सकती है। हालांकि ट्राई ने इसका खंडन किया है और पूरे मामले में सफाई दी है।

ट्राई की ओर से जारी की गई रिपोर्ट में कहा गया है कि हम यह स्पष्ट करना चाहते हैं कि नए नियम की वजह से टीवी के प्रसारण सेवा में कोई बाधा नहीं आएगी।

हालांकि,इसका असर आपके पॉकेट पर पड़ेगा यह सब आपके केबल ऑपरेटर्स और डीटीएच सर्विस प्रोवाइडर पर निर्भर करेगा। फिलहाल डीटीएच सर्विस प्रोवाइडर भी नई कीमतों के आधार पर अपने पैकेज बनाने में लगे हैं। अब तक यह डीटीएच सर्विस प्रोवाइडर्स वेबसाइट्स और अपने चैनल्स के माध्यम से लोगों को नए पैक्स की जानकारी दे रहे हैं।

बहरहाल वक्त कम बचा है और आम उपभोक्ता के मन में सबसे पहला सवाल यह है कि 29 दिसंबर के बाद क्या होगा, क्या उसने जो पैक ले रखा है वही जारी रहेगा या कोई नए पैक्स डीटीएच सर्विस प्रोवाइडर्स उपलब्ध करवाएंगे। इनकी कीमतों को लेकर अभी भी असमंजस बना हुआ है। लेकिन ट्राई के स्पष्टीकरण के बाद उन्हें थोड़ी राहत जरूर मिली होगी।

यह तो साफ है कि अब तक आप जो फ्री टू एयर चैनल्स मुफ्त में देख रहे थे अब वो मुफ्त में नहीं मिलेंगे और उसके लिए आपको 130 रुपए चुकाने होंगे जिस पर 18 प्रतिशत जीएसटी लगने वाला है। इसके अलावा हिंदी में देखे जाने वाले ज्यादातर चैनल्स सोनी, जी, स्टार व कलर्स के होते हैं। साथ ही कुछ अन्य भी है जिनके न्यूज चैनल्स देखे जाते हैं।

अगर ब्रॉडकास्टर्स द्वारा घोषित किए गए आ ला कार्टे और बैक्वेट चैनल्स की कीमतों पर नजर डालें तो लगता है कि जहां तक अपनी पसंद के चैनल चुनने की बात है तो इसमें कुछ चैनल्स के पैकेज सस्ते हैं वहीं कुछ चैनल्स आ ला कार्टे के माध्यम से चुनना फायदेमंद होगा। हालांकि, डीटूएच सर्विस प्रोवाइडर्स ने इसे लेकर अब तक कोई जानकारी अपने ग्राहकों को उपलब्ध नहीं करवाई है कि उन्हें कैसे अपने पैक अपडेट करवाने होंगे।

बताया जा रहा है आपका खर्च बढ़ेगा, यह संभव है लेकिन तब जब वर्तमान के हिसाब से उन चैनल्स को भी सबस्क्राइब करें जिन्हें आप खबी देखते भी नहीं। वहीं ट्राई का नया नियम कहता है कि अब आप वही चैनल्स देखेंगे जो आप चाहते हैं और उन्हीं का पैसा चुकाना होगा। इस आधार पर ब्रॉडकास्टर्स ने अपनी वेबसाइट्स पर बैंक्वेट और आ ला कार्टे के आधार पर चैनल्स की कीमतें दी हैं। बैंक्वेट्स में उन चैनल्स का शामिल किया गया है जो यूजर द्वारा सबसे ज्यादा देखे जाते हैं।