धरना प्रदर्शन के 11 घंटे पहले सुलझ गया इनर लाइन पास देने का मामला, आज से बनने शुरू हो गये हैं इनर लाइन परमिट

पिथौरागढ़, 30 मई। सीमांत के भेड़पालको को इनर लाइन पास देने का मामला आंदोलन के दबाल में 22 वें दिन सुलझ गया.धरना प्रदर्शन शुरु होने के 11 घंटे पहले एसड़ीएम एके शुक्ला ने फोन कर बताया कि इनर लाइन परमिट आज शनिवार से बनने शुरु हो जाएंगे. एक सूत्रीय मांग पूरी हो जाने पर घोषित आंदोलन को स्थिगित कर दिया गया है. जिप सदस्य जगत मर्तोलिया ने मांग पूरी हो जाने पर क्षेत्रवासियों के साथ कुमांऊ कमीश्नर अरविंद सिंह ह्ंयाकी, पूर्व मुख्य सचिव नृप सिंह नपलच्याल, वरिष्ठ आईएएस अधिकारी व उत्तराखंड जनजाति कल्याण समिति के अध्यक्ष अजय सिंह नबियाल का आभार व्यक्त किया.
धारचूला व मुनस्यारी तहसील के भेड़पालक तराई भावर से सीमांत क्षेत्र के माइग्रेशन गांवो की तरफ पहुंच गए थे, अब इन्हे इनर लाइन पार कर उच्च हिमालयी क्षेत्र के चारा क्षेत्र में जाना था. शरदकाल में तराईभावर तथा ग्रीष्मकाल में उच्चहिमालयी क्षेत्र में आना जाना सदियों से चल रहा है. दोनो तहसीलो में इनर लाइन के पास सामान्यतह जारी हो जाते थे, लेकिन इस बार लांकडाउन के कारण पास जारी होने के मामले में प्रशासन भी हाथ पीछे खींच रहा था. एक क्षेत्र में लंबे समय तक भेड़ो के लिए चारा मिलना असंभव है. भेड़ पहली बार भुखमरी का शिकार भी हो सकते थे, इस बात से परेशान भेड़पालको ने जिप सदस्य मर्तोलिया को अपनी व्यथा बताई. बीस दिनों से पत्राचार करते करते समाधान की आश न दिखाई देने पर जिप सदस्य ने कुमांऊ कमीश्नर अरविंद सिंह ह्ंयाकी, उत्तराखंड शासन के पूर्व मुख्यसचिव नृप सिंह नपलच्याल, वरिष्ठ आईएएस अधिकारी तथा उत्तराखंड जनजाति कल्याण समिति के अध्यक्ष अजय सिंह नबियाल के सम्मुख भी यह मामला उठाया था. जिप सदस्य मर्तोलिया ने तीस मई को घर घर में लांकडाउन के नियम को फालो करते हुए धरना प्रदर्शन की घोषणा भी की थी. सीमांत क्षेत्र के तीनो आईएएस अधिकारियों ने सचिव, पशुपालन से लेकर डीएम से तक बात की. चौतरफा दबाव के बाद एसडीएम एके शुक्ला शुक्रवार के सुबह से ही जिप सदस्य मर्तोलिया से सम्पर्क कर रहे थे, पल पल की जानकारी दे रहे थे, ताकि आंदोलन न हो. धरने से 11 घंटे पहले एसडीएम शुक्ला ने जिप सदस्य मर्तोलिया को बताया कि जिलाधिकारी डां विजय कुमार जौगदंडे ने इनर लाइन पास बनाने की सहमति दे दी है. एसडीएम शुक्ला ने बताया कि मुनस्यारी में मिलम व धारचूला में छियालेख से आगे के चुगान स्थलो के लिए भेडपालको के लिए भेड़ व अन्य मवेशियों के लिए चुगान हेतु विशेष इनर पास जारी किया जाएगा. आज से इसकी प्रक्रिया शुरु कर दी गई है. जिप सदस्य ने बताया कि भेड़पालक तो माइग्रेशन गांवो के आस पास है, इसलिए मुनस्यारी में मल्ला जोहार विकास समिति, ग्राम प्रधानगण तथा धारचूला में रं कल्याण संस्था, अनवाल समिति , ग्राम प्रधानगणो को सूचि बनाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है. मर्तोलिया ने कहा कि हम प्रोसेजर की निगरानी कर रहे है, थौड़ी भी चूक नहीं होने देंगे.