पर्वतों – फूलों और हिमालयी भरल के बीच का एक सुन्दर स्थान है तपोवन

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तपोवन का अर्थ होता है तप का वन, पर यहां वन नहीं अपितु सुन्दर हिमालयी घास के मैदान और ग्लेसियर हैं। घास के मैदान में सुन्दर खिले हुए फूल इसकी सुंदरता और भी बड़ा देते हैं। तपोवन का यह क्षेत्र गढ़वाल हिमालय के उत्तरकाशी जिले में पड़ता है। गंगोत्री से गोमुख और फिर गोमुख से तपोवन एक ट्रैकिंग रुट है है जो साहसिक पर्यटकों के लिए मनपसंद जगह है।

भागीरथी पर्वत और शिवलिंग पर्वत के सामने का यह क्षेत्र हिमालयी भरल के लिए भी प्रसिद्द है। हिमालय की दुर्लभ जड़ीबूटियां यहां आसानी से मिल जाती हैं। गंगोत्री ग्लेशियर के साथ साथ चलता यह क्षेत्र बेहद मनोरम है। पर्वतारोहियों के लिए तपोवन बेस कैंप रहता है। अगर आप पहली बार पहुँच रहे हैं तो गाइड का सहारा जरूर लें। भागीरथी नदी की यह घाटी प्रकृति प्रेमियों के साथ साहसिक पर्यटन के लिए भी प्रसिद्द है। वन्य जीव प्रेमियों और शोध छात्रों के लिए भी अवसरों से भरपूर। कुछ सालों से यहां पर पक्षी प्रेमी भी देखे गए हैं।

साहसिक प्रकृति प्रेमियों के लिए यहां से केदारनाथ का एक दुर्लभ और कठिन रास्ता है। गोमुख से एक दिन में केदारनाथ पंहुचा जा सकता है । कई भक्त गोमुख का जल केदारनाथ में सावन में महीने में चढ़ाते हैं। यहां अभी भी कई कुछ खोज बाकी है। बाहरी दुनिया इस क्षेत्र के बारे में बहुत काम जानती है।

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