शिव कल्याणकारी हैं: साध्वी विश्वेश्वरी

हरिद्वार, दिसम्बर। 06(कुल भूषण शर्मा) श्रीरामचरित मानस कथा के दूसरे दिन कथा मंे भगवान शिव को नमन करते हुए कथा व्यास साध्वी विश्वेश्वरी देवी ने कहा कि विश्वास ही शिव हैं और शिव कल्याणकारी है, मां भगवती श्रद्धा स्वरूपा है जो चराचर जगत के आधार है। उन्होंने ने कहा कि बुद्धि और विवेक में अंतर होता है जो सत्य को स्वीकार कर संमार्ग दिखाऐ वही विवेक हैं। उन्होंने कहा कि भगवान राम इतिहास में निहित राजा नहीं है वे सोलह कलाओं से परिपूर्ण जन-जन के नायक और कुशल रणनीतिकार है। जिन्होंने बाल्यावस्था से लेकर वनवास तक के समय में दीनहीन, वनवासियों को जाग्रत कर असत्य का प्रतिकार करने के लिए प्रेरित किया और वानर, भालूआंे और भीलांे को संगठित कर असत्य के प्रतीक रावण का वध कर सत्य की स्थापना की।
कथा व्यास साध्वी विश्वेश्वरी देवी ने कहा कि जीवन में विजयी होने के लिए सत्य, संयम, शील और क्षमा का गुण होना चाहिए। जीवन रूपी रथ को नियंत्रित करने के लिए काम, क्रोध, मद, मोह, लोभ रूपी लगाम को कसकर रखना चाहिए। कथा के मध्य मंगलमय परिवार के सदस्य विमल कुमार, ब्रजभूषण विद्यार्थी, बालकृष्ण शास्त्री, सुदीप बनर्जी, अनिल गुप्ता, एडवोकेट मंजू कश्यप, संजय वर्मा, निशा रानी आदि उपस्थित रहे मंच का संचालन डॉ. नरेश मोहन ने करते हुए कथा के सहयोगियों का परिचय कराया। द्वितीय दिवस की कथा विश्राम के अवसर पर यजमान परिवार और संरक्षक महंत रूपेन्द्र प्रकाश, मुख्य संयोजक अनिल कुमार, अध्यक्ष जगदीश लाल पाहवा, महासचिव रविन्द्र शर्मा, मुकेश कौशिक, नरेश शर्मा, प्रमोद शर्मा, विश्वास सक्सेना, सहित विशिष्ट अतिथियों ने आरती में प्रतिभाग किया।।