स्कूल बसों में कैमरे व जीपीएस लगवाने के निर्देश

सीओ और कोतवाल ने नगर और देहात क्षेत्र के निजी स्कूल संचालकों की बैठक ली। उन्होंने साफ कहा कि जिन स्कूलों के पास बसें हैं, उन्हें अपनी बसों पर चालक के साथ परिचालक भी रखना जरूरी है। उन्होंने 15 दिन के भीतर बसों में जीपीएस (ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम) के साथ ही कैमरे लगवाने के भी निर्देश दिए।

जीपीएस के लिए इमेज परिणाम
टिहरी में स्कूल वैन खाई में गिरने से हुई नौ बच्चों की मौत के बाद से हरिद्वार जिले में भी पुलिस प्रशासन सतर्क है। गुरुवार को सीओ राजन सिंह व कोतवाल विरेंद्र सिंह नेगी ने निजी स्कूल संचालकों की बैठक ली। सीओ ने कहा कि बसें बच्चों के लिए पूरी तरह सुरक्षित हों, यह तय करना स्कूल संचालकों की जिम्मेदारी है। कहा कि सुप्रीम कोर्ट स्कूल बसों के संचालन के नियम तय कर चुका है। इसके मुताबिक बसों में वर्दीधारी चालक के साथ परिचालक होना चाहिए। साथ ही बस के भीतर कैमरों के अलावा जीपीएस सिस्टम भी लगाया जाना जरूरी है। उन्होंने 15 दिन के भीतर ये सारे मानक पूरे करने के निर्देश दिए। उन्होने ऐसे बच्चों के अभिभावक को नोटिस देने के निर्देश दिए दिए, जिनके बच्चे पशु चालित वाहनों में बैठकर स्कूल आ रहे हैं। कोतवाल विरेंद्र सिंह नेगी ने कहा कि किसी भी वाहन को मोडिफाई करके स्कूल वाहन के तौर पर प्रयोग नहीं किया जा सकता है। स्कूल वाहन में बच्चों के साथ ही आम सवारी बिठाना भी कानून का उल्लंघन है। बैठक में अरुण कुमार, आदित्य मावी, राजेश गौतम, पंकज त्यागी, सोनु कुमार, संदीप कुमार, नीतु, सरिता आर्य, राजेश चौधरी, राजकुमार, विनय भार्गव, अनिल कुमार आदि स्कूल संचालक मौजूद रहे।