नदी एवं पर्यावरण बचाओ अभियान…

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Uttarakhand-Samajik-Manch

मेरे प्यारे उत्तराखंडियों हम उत्तराखंड सामाजिक मंच के कार्यकर्ता आप सभी उत्तराखंडियों से विनती करते हैं हम सभी की आराध्या माँ धारी देवी और धरोहर अलकनंदा नदी को बचाने की मुहिम मैं साझीदार बने।

नदी का सिल्ट (गाद) लेबल १ मीटर तक हर साल बढ़ रहा है। जिससे नदी की जल धारण करने की छमता लगभग समाप्त हो चुकी है।

इस कारण नदी के जीव जंतु लगभग समाप्ति की और हैं। नदी के तट पर ५०० मीटर के अंदर स्टोन क्रेसर कार्यरत है। जिस की वजह से आस पास के गांव प्रभावित हो रहे हैं। २ किलोमीटर रेडियस मैं ४ से ५ स्कूल प्रभावित हो रहे हैं। इससे निकलने वाली धूल से वायु प्रदूषण हो रहा है और पर्यावरण पूरी तरह से प्रभावित हो रहा है।

धारी मंदिर: इस फोटो में गाद के स्तर का अंदाजा लगाया जा सकता है !

हरी वनस्पति वायु प्रदूषण के कारण सफ़ेद नज़र आ रही है। स्टोन क्रेसर पूरी रात और दिन ध्वनि प्रदुषण फैला कर आस पास के ग्रामीणों का जीवन प्रभावित कर रहा है।

शासन और प्रसाशन से विनती है की इस स्टोन क्रेसर को घनी आबादी वाले क्षेत्र से बिना आबादी वाले क्षेत्र में स्तनांतरित किया जाये।

उत्तराखंड सामाजिक मंच के कार्यकर्त्ता नागेंद्र चमोली ने ग्राउंड जीरो पे जाके स्वयं स्थिति का नजदीकी जायज़ा लिया !

Ground zero reporting by Nagedra Chamoli

मेरा सभी युवाओं से अनुरोध है , इस मुहीम मैं हमारे साथ जुड़े। और अपने – अपने छेत्रों मैं इस तरह की गतिविधियों का पुरजोर विरोध करें ताकि जन जीवन और पर्यावरण को बचाया जा सके।

अंत में, हम विकास के विरोधी नहीं हैं , पर विकास की आड़ मैं मुट्ठी भर लोगो को पर्यावरण का विनाश करने नहीं देंगे। अगर स्थानिक स्तर पर प्रसाशन द्वारा कोई कारवाई नहीं की गई तो हमे मजबूरन नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल से न्याय की गुहार लगानी पड़ेगी।

नागेन्द्र चमोली ने वहाँ जाके स्थानीय लोगों से मुलाकात करके समस्याओं को करीब से स्वयं महसूस किया ! स्थानीय लोगों में पुजारी श्री लक्ष्मी प्रसाद पाण्डेय, अचलानंद चमोली, सकलानन्द चमोली, बिस्वेन्द् प्रसाद पाण्डेय एवं समस्त धमक गांव की माताओं और बहनों ने समस्याएं गिनायी ! 

निवेदनकर्ता : उमेश पुरोहित, कार्यकर्त्ता उत्तराखंड सामाजिक मंच

इस मुहिम से जुड़ने के लिये आप नागेन्द्र चमोली (9821346825) और उमेश पुरोहित (8779499921) से सम्पर्क कर सकते हैं !