’ओपन गार्बेज फ्री इण्डिया’ का संकल्प लें : स्वामी चिदानन्द

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ऋषिकेश ( ओम रतूड़ी)। स्वाधीनता दिवस और रक्षाबंधन के मौके पर ध्वजारोहण के पश्चात पेड़ों को राखी बांधकर वृक्षारोपण का संकल्प लिया गया।
वहीं, परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष स्वामी चिदानन्द ने कहा कि इस दिन हम ’ओपन गार्बेज फ्री इण्डिया’ का भी संकल्प लें।
परमार्थ निकेतन में संतों,सैलानियों, आचार्यों, ऋषिकुमारों तथा परमार्थ परिवार के सदस्यों ने देश भक्ति की भावना से ओतप्रोत होकर स्वाधीनता दिवस मनाया। स्वामी चिदानन्द सरस्वती ने ध्वजारोहण किया तथा साध्वी आभा माता और ऋषिकुमारों द्वारा गायें देशभक्ति गीतों से पूरा वातावरण देशभक्तिमय हो उठा।
स्वामी चिदानन्द सरस्वती के पावन सान्निध्य में साध्वी भगवती सरस्वती , साध्वी आभा माता, नन्दबाला, नन्दिनी, देशी-विदेशी बहनों ने ऋषिकुमारों की कलाई पर रक्षासूत्र बांध कर रक्षाबंधन मनाया। साथ ही परमार्थ गंगा तट पर वेद मंत्रों के साथ ऋषिकुमारों का उपनयन संस्कार सम्पन्न हुआ।

रक्षाबन्धन के साथ वृक्षाबन्धन को चरितार्थ करते हुये सभी ने वृक्षों को राखी बांधकर धरती को हरा-भरा करने का संकल्प लिया।
स्वामी चिदानन्द ने कहा कि प्रतिवर्ष श्रावण पूर्णिमा को पूरा विश्व ’’विश्व संस्कृत दिवस’’ मनाता है और आज महर्षि अरविन्द का जन्म दिवस भी है। वास्तव में कई मायनों में आज की तिथि विशेष है। रक्षाबंधन के दिन से वृक्षाबंधन का संकल्प लें। पौधों के रोपण और संवर्द्धन का संकल्प लें। दोनों भाई-बहन मिलकर वृक्षोें को राखी बांधे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से ’ओपन डेफिकेशन फ्री इन्डिया’ का संकल्प लिया था मुझे तो लगता है इस स्वाधीनता दिवस पर हम सभी को ’ओपन गार्बेज फ्री इण्डिया’ का संकल्प लेना होगा ताकि जो जगह-जगह कूड़ा कचरा पड़ा हुआ है उससे मुक्ति मिले।

स्वामी चिदानन्द ने 370 और 35 ए का समर्थन करते हुये कहा कि अगले 5 वर्षो में जम्मू-कश्मीर और लद्दाख की जनता महसूस करेगी कि उनके लिये कितना वरदान सिद्ध हुआ यह फैसला क्योकि इससे राज्य के विकास के साथ लोगों का व्यापार बढ़ेगा, प्यार बढ़ेगा, देश का आधार बढ़ेगा और एकता का आधार बढ़ेगा। साथ ही पूरे विश्व के लिये यह एक संदेश है कि भारत किसी भी समस्या को हल कर सकता है। लोग कई बार ऐसे मसलों का मसाला बनाने की कोशिश करते है परन्तु मसलों का मसाला न बनायें बल्कि मशाल जलाकर एक नयी मिशाल कायम करे यह बहुत जरूरी है इसका हमें ध्यान रखना होगा। मुझे पूरा विश्वास है कि आने वाला नया भारत कश्मीर से कन्याकुमारी तक एक भारत जो पूरे विश्व के लिये एक माॅडल बनेगा और एक उदाहरण बनेगा।

आईये देश में अमन और चमन बनाये रखने के लिये हम सब मिलकर कार्य करेंगे ऐसा संकल्प करे। हम इसी माटी की संतान है इस माटी पर हमें गर्व है। हमें गर्व है कि हम भारतीय है और इस माटी के ऋण को हम सभी मिलकर चुकाये और इसका एक ही तरीका है मिलकर विकास करे उसी की शुरूआत है 370, 35 ए को समाप्त करना यही नये भारत की शुरूआत है। स्वामी चिदानन्द ने कहा कि स्वाधीनता दिवस और रक्षाबंधन पर संकल्प ले कि हम पेड़ों को राखी बांधकर उसकी रक्षा करेंगे तथा अपनी गलियों और मोहल्लों को कचरा मुक्त रखेंगे।