रेरा ने दिये आदेश, बिना पंजीकरण के नहीं कर सकते प्रॉपर्टी डीलर खरीद फरोख्त

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अब उत्तराखंड रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी ने प्रॉपर्टी डीलरों के अनिवार्य पंजीकरण को लेकर सख्ती बरतने का निर्णय लिया है। ऐसे में पंजीकरण के बगैर जमीन की खरीद-फरोख्त नहीं होगी।

देहरादून:  आप कहीं भी किसी की जमीन को बिकवाने या खरीदवाने में बिचौलिए का काम करते हैं, तो इस खबर पर गौर करना आपके लिए जरूरी है. जी हाँ जमीन या मकान की खरीद-फरोख्त में कहीं कोई धोखाधड़ी होती है, तो प्रॉपर्टी डीलर अब आप बच नही सकते. अब उत्तराखंड रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी(रेरा) ने प्रॉपर्टी डीलरों के अनिवार्य पंजीकरण को लेकर सख्ती करते हुए आदेश जारी किये हैं कि जो भी प्रॉपर्टी डीलर रेरा में पंजीकरण कराए बिना जमीनों की खरीद-फरोख्त करते हैं, उन पर पांच फीसद तक का जुर्माना लगाया जाएगा. अर्थात किसी जमीन या भवन की जो भी लागत होगी, उसके हिसाब से पांच फीसद तक की गणना की जाएगी.

दरअसल उत्तराखंड रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (रेरा) को यह कदम इसलिए उठाना पड़ा क्योंकि कि रियल एस्टेट (रेगुलेशन एंड डेवपलमेंट) एक्ट मई 2017 में लागू हो गया था और  उत्तराखंड रेगुलेटरी अथॉरिटी के स्थायी रूप से 13 मार्च 2018 से काम करना शुरू कर दिया था, लेकिन तब से अब तक देहरादून समेत पूरे प्रदेश में मात्र 278 प्रॉपर्टी डीलरों ने ही पंजीकरण कराया है. इससे पहले रेरा सचिवालय के रूप में काम कर रहे उत्तराखंड आवास एवं नगर विकास प्राधिकरण (उडा) के दौरान ही 175 डीलरों का पंजीकरण हो गया था. यानी कि इसके बाद के 19 महीने में महज 103 डीलरों का ही पंजीकरण हो पाया. रेरा अध्यक्ष विष्णु कुमार का कहना है कि अब बिना पंजीकरण जमीनों की खरीद-फरोख्त करने वाले प्रॉपर्टी डीलरों के खिलाफ सख्ती से निपटा जाएगा. यदि किसी 500 वर्गमीटर से अधिक की जमीन पर प्लॉटिंग की जा रही है या किसी भवन परियोजना का क्षेत्रफल 500 वर्गमीटर या आठ अपार्टमेंट से अधिक हैं, तो उसका रेरा में पंजीकरण कराना अनिवार्य है. लिहाजा, रेरा ने तय किया है कि जो भी रियल एस्टेट ब्रोकर इस तरह की किसी भी परियोजना की खरीद-फरोख्त में बिचौलिए का काम कर रहे हैं तो वह पहले यह सुनिश्चित कर लें कि उनका पंजीकरण कराया गया है, या नहीं. देहरादून समेत अन्य क्षेत्रों में धड़ल्ले से रेरा में अपंजीकृत परियोजनाओं के सौदे भी करा रहे हैं. इस दशा में भी संबंधित प्रॉपर्टी डीलरों पर कार्रवाई की जाएगी. फिर चाहे डीलर का स्वयं का पंजीकरण ही रेरा में क्यों न हो.

रियल एस्टेट एजेंट या प्रॉपर्टी डीलरों की जिम्मेदारी तय 

अब रियल एस्टेट एजेंट या प्रॉपर्टी डीलर अपनी जिम्मेदारी से नहीं बच पाएंगे। संपत्ति की खरीद-फरोख्त में किसी भी तरह की धोखाधड़ी पर निवेशक उसकी शिकायत रेरा में कर सकेंगे. रेरा में कुछ मामले ऐसे भी आए हैं, जिससे जमीन दिखाने वाले प्रॉपर्टी डीलर पंजीकृत नहीं थे और रजिस्ट्री न होने पर उसने क्रेता से पल्ला झाड़ दिया था. लिहाजा, लोगों को भी चाहिए कि वह किसी भी प्रॉपर्टी डीलर पर आंख मूंदकर भरोसा करने से पहले यह जरूर देख लें कि उसका रेरा में पंजीकरण है भी या नहीं. यही नही अनिवार्य पंजीकरण का यह निर्णय सिर्फ निवेशकों के हितों को ध्यान में रखकर नही किया गया है, बल्कि इससे एजेंटों के हितों की भी रक्षा हो पाएगी. यदि किसी सौदे को लेकर क्रेता व विक्रेता से निर्धारित कमीशन तय किया गया है और बाद में वह राशि नहीं मिल पाती है तो एजेंट इसकी शिकायत रेरा से कर पाएंग. यह शिकायत जमीन विक्रेता के साथ ही खरीदार के खिलाफ भी की जा सकती है. हालांकि, इसके लिए एजेंट का रेरा में पंजीकरण होना जरूरी है.

जिम्मेदारी से नहीं बच पाएंगे एजेंट

रियल एस्टेट एजेंट या प्रॉपर्टी डीलर यदि पंजीकृत होंगे तो वह अपनी जिम्मेदारी से नहीं बच पाएंगे। संपत्ति की खरीद-फरोख्त में किसी भी तरह की धोखाधड़ी पर निवेशक उसकी शिकायत रेरा में कर सकेंगे। रेरा में कुछ मामले ऐसे भी आए हैं, जिससे जमीन दिखाने वाले प्रॉपर्टी डीलर पंजीकृत नहीं थे और रजिस्ट्री न होने पर उसने क्रेता से पल्ला झाड़ दिया था। लिहाजा, लोगों को भी चाहिए कि वह किसी भी प्रॉपर्टी डीलर पर आंख मूंदकर भरोसा करने से पहले यह जरूर देख लें कि उसका रेरा में पंजीकरण है भी या नहीं।