रिलायंस जियो ने 195 करोड़ रुपए के एजीआर का भुगतान किया

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देश की सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी रिलायंस जियो ने समायोजित सकल राजस्व (एजीआर) की मद में दूरसंचार विभाग को गुरुवार को 195 करोड़ रुपए का भुगतान कर दिया. यह जानकारी आधिकारिक सूत्रों ने दी है.

23 जनवरी तक करना था 177 करोड़ रुपए का भुगतान

सुप्रीम कोर्ट की न्यायमूर्ति मिश्रा की पीठ ने 24 अक्टबर को सरकार के पक्ष में फैसला देते हुए एजीआर के आकलन के लिए दूरसंचार विभाग के फॉर्मूले को बरकरार रखा था. सरकार ने टेलीकॉम कंपनियों से इस राशि का 23 जनवरी तक भुगतान करने के लिए कहा था. दूरसंचार विभाग के फॉर्मूले के अनुसार रिलायंस जियो को 23 जनवरी तक बकाया के रूप में 177 करोड़ रुपए का भुगतान करना था. आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि अब जियो ने 31 जनवरी 2020 तक के लिए सभी प्रकार के बकाया का भुगतान कर दिया है.

वोडाफोन, एयरटेल और टाटा ने मांगी है मोहलत

एजीआर भुगतान को लेकर तीन प्रमुख टेलीकॉम कंपनियों वोडाफोन-आइडिया, भारती एयरटेल और टाटा टेलीसर्विसेज ने सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दायर कर भुगतान करने के लिए मोहलत मांगी है. सुप्रीम कोर्ट ने यह याचिका स्वीकार कर ली है. इस याचिका पर अगले सप्ताह न्यायमूर्ति अरुण मिश्रा की पीठ ही सुनवाई करेगी.

सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने तक कार्रवाई नहीं करेगा डीओटी

वोडाफोन-आइडिया, भारती एयरटेल ने गुरुवार को कहा कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने तक वह दूरसंचार विभाग (डीओटी) को एजीआर की मद में कोई भुगतान नहीं करेंगी. इसकी सूचना डीओटी को दे दी गई है. वहीं डीओटी ने कहा है कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने तक वह एजीआर बकाया भुगतान के संबंध में कोई आवश्यक कार्रवाई नहीं करेगा.