प्राईवेट स्कूल बना रहे फीस देने का दबाव, शिक्षा सचिव ने दिये कड़े निर्देश, अभिभावकों को बेवजह न करें परेशान

देहरादून। कोरोना संक्रमण के बीच राज्य के प्राईवेट स्कूल संचालक अभिभावकों पर फीस जमा कराने का दबाव बना रहे हैं। अभिभावकों ने स्कूलों का संदेश सोशल मीडिया पर वायरल किया तो सरकार ने इसका संज्ञान लिया। बुधवार को शिक्षा सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम ने सभी बोर्ड से मान्यता प्राप्त स्कूलों को निर्देश जारी करते हुए स्कूल खुलने के बाद सभी तरह की फीस जमा कराने को कहा है। इसके अलावा बेवजह अभिभावकों को परेशान न करने के भी कड़े निर्देश दिए हैं।

राज्य में प्राइवेट स्कूलों की मनमानी और करतूत अक्सर सुर्खियों में रहती है। एडमिशन से लेकर फीस वसूलने तक स्कूल के संचालक न केवल नियमों की धज्जियां उड़ाते हैं, बल्कि मानवता को भी शर्मसार कर देते हैं। इन दिनों जहां दुनिया के लोग कोरोना वायरस जैसी महामारी से जूझ रहे हैं, वहीं देहरादून और पूरे राज्य के प्राइवेट स्कूल अपनी मनमानी पर उतर रखे हैं। पहले सरकार के स्कूल बंद करने के आदेश का मख़ौल उड़ाया गया। अब स्कूल संचालक लोगों को मैसेज भेजकर फीस जमा करने का दबाव बना रहे हैं। शिमला बायपास, डालनवाला, राजपुर रोड समेत अन्य जगह संचालित छोटे बड़े स्कूलों पर ऐसे आरोप लगाए जा रहे हैं कि वह अभिभावकों पर फीस जमा कराने का दबाव बना रहे हैं। स्कूलों का यह मामला सोशल मीडिया में वायरल होने पर सरकार ने संज्ञान लिया है। शिक्षा सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम ने स्कूल संचालकों की इस करतूत पर सख्त आदेश दिए कि स्कूल खुलने तक किसी भी तरह की फीस न वसूली जाए। उन्होंने सीबीएसई, आईसीएसई, उत्तराखंड बोर्ड समेत अन्य मान्यता प्राप्त सरकारी और गैर सरकारी स्कूलों के संचालकों को आदेश का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए हैं। उल्लंघन पर सम्बन्धित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

कुछ इस तरह मैसेज भेज रहे स्कूल

सोशल मीडिया पर स्कूलों के मैसेज पर लोग इस तरह प्रतिक्रिया दे रहे हैं कि…प्राइवेट स्कूल के अमीर मालिकों को प्रधानमंत्री पर भी भरोसा नहीं। इन्हें ऐसे समय में भी पहले अपनी फीस चाहिए। अभी नया सेशन भी शुरू होने पर असमंजस है और ये पहले ही फीस के लिए अभिभावकों की गर्दन काटने की तैयारी में लग गए हैं। गजब हाल।