द्वितीय केदार मद्धमहेश्वर के कपाट खुलने की तैयारी शुरु

पूजा अर्चना के बाद मद्धमहेश्वर की मूर्ति को सभा मंडप मे लाया गया

(देवेन्द्र चमोली)
रुद्रप्रयाग-पंच केदारों में द्वितीय केदार भगवान मद्धमहेश्वर के कापट खुलने की प्रक्रिया शूरु हो गयी गुरुवार को ऊखीमठ स्थित पंचकेदारेश्वर गद्धी स्थल ओकारेश्वर मन्दिर में भगवान मद्महेश्वर की मूर्ति को वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ गर्भ गृह के सभा मडंप में लाया गया। कोरोना संक्रमण के प्रावधानों के तहत प्रशासन द्वारा नियुक्त स्थानीय गावों की महिलाओं ने परंम्परा नुशार भगवान मदमहेश्वर को नये अनाज का भोग अर्पित किया।
बतादें कि द्वितीय केदार मद्धमहेश्वर के कपाट खुलने की तिथि 11 मई को तय हुई है । कोरोना महामारी के चलते सभी धामों के कपाट खोलने की प्रक्रिया में केवल परम्पराओं के निर्वहन किया जा रहा है। इस प्रक्रिया का अनुशरण कर गुरुवार को पंरम्पराओं के अनुसार तय सिमित लोगो की उपस्थिति में भगवान मदमहेश्वर की मूर्ति को सभा मडण्प में विराजमान किया गया शनिवार को भगवान मदमहेश्वर की डोली ऊखीमठ से अपने धाम के लिए रवाना होगी। लॉकडाउन को देखते हुये केदारनाथ की डोली की तरह भगवान मदमहेश्वर की डोली को भी मंगोलचारी से रासी तक वाहन से ले जाया जा सकता है ।   गुरुवार को ओकारेश्वर मन्दिर के प्रधान पुजारी बागेश्वर लिंग व मदमहेश्वर धाम के पुजारी गंगाधर लिंग द्वारा भगवान ओकारेश्वर सहित पंचनाम देवी – देवताओं की पूजा अर्चना कर जलाभिषेक किया गया तथा भगवान मदमहेश्वर की चल विग्रह उत्सव भोग मूर्तियों को परम्परानुसार सभा मडण्प लाया गया तत्पश्चात बाह्मणो, वैद पाठियों द्वारा भगवान मदमहेश्वर की मूर्तियों की विशेष पूजा की गयी तथा डगवाडी, बाह्मणखोली व पजपाणी की दो – दो महिलाओं द्वारा भगवान मदमहेश्वर को नये अनाज का भोग अर्पित किया गया इस दौरान प्रदेश के पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज के भी सपरिवार भगवान मदमहेश्वर की मूर्तियों के दर्शन करने की खबर है। प्रशासन के सूत्रों की माने तो भगवान मदमहेश्वर की डोली मंगोलचारी तक परम्परा के अनुसार पैदल रास्ते से जायेगी वहां से वाहन द्वारा राकेश्वरी मन्दिर रांसी तक पहुंचेगी। इस दौरान  लॉकडाउन के नियमों का सख्ती से पालन किया जायेगा इस मौके पर देवास्थानम बोर्ड के वीडी सिह, विश्व मोहन जमलोकी आदि भी मौजूद थे।