PPF: आपने भी खुलवा रखा है ये सरकारी खाता तो जान लें ये 4 जरूरी बातें, नहीं तो…!

नई दिल्ली: पब्लिक प्रोविडेंट फंड (Public Provident Fund) पर सरकार ने तीसरी तिमाही (अक्टूबर-दिसंबर) में ब्याज दरों (Interest Rates) में कोई बदलाव नहीं किया है. ब्याज दर फिलहाल 7.9 फीसदी पर ही बनी हुई हैं. बता दें पीपीएफ (PPF) लंबे निवेश के लिए एक अच्छा और बेहतर विकल्प है. ये स्कीम की सरकार की ओर से चलाई जाती है इसलिए इसमें निवेश को सुरक्षित माना जाता है. इस स्कीम में आपको टैक्स में छूट का फायदा भी मिलता है. इनकम टैक्स एक्ट की धारा 80 सी के तहत एक साल में आप 1.5 लाख रुपये तक के योगदान पर टैक्स छूट का फायदा मिलता है. इसके अलावा इसमें मैच्योरिटी और ब्याज से होने वाली इनकम भी टैक्स फ्री होती है. पीपीएफ खातों से जुड़ी हम आपको वो 4 अहम बातें बताने जा रहे हैं जो आपको पता होना जरूरी है-

कौन खुलवा सकता है PPF अकाउंट
>> भारत में रहने वाला कोई भी व्यक्ति पीपीएफ अकाउंट खुलवा सकते हैं.
>> कोई भी पेरेंट्स अपने नाबालिग बच्चे के नाम पर भी यह खाता खुलवा सकते हैं.>> बच्चे की उम्र 18 साल होने पर स्टेटस बदलने के लिए एक फॉर्म भरना होगा.
>> पीपीएफ खातों को संयुक्त नाम (Joint Account) पर नहीं खोल सकते.

मैच्योरिटी की तारीख
किसी भी पीपीएफ अकाउंट को मैच्योरिटी की अवधि 15 साल होने के बाद बिना किसी योगदान के भी आगे बढ़ाया जा सकता है. बता दें कि पीपीएफ खाता बंद होने तक ब्याज देता रहता है. यदि खाताधारक 15 साल बाद भी इसे जारी रखना चाहता है तो इसके लिए मैच्योरिटी की तारीख से एक साल के भीतर फॉर्म ‘एच’ भरकर जमा करना होगा.

ब्याज की गणना
पीपीएफ नियम के अनुसार, निवेशकों को अपनी किश्तों को हर महीने की पांचवीं तारीख या उससे पहले जमा करना होता है. क्योंकि इस खाते में ब्याज की गणना पांचवीं और आखिरी तारीख के बीच के न्यूनतम बैलेंस पर की जाती है. इसलिए अधिकतम ब्याज पाने के लिए खाताधारक को अपना योगदान या एकमुश्त राशि हर महीने की 5 तारीख से पहले जमा करा देनी चाहिए.

समय से पहले निकासी और लोन
पीपीएफ खातों में 7वें वित्तीय वर्ष से 50 फीसदी की निकासी की जा सकती है. बता दें कि पीपीएफ खातों में आंशिक निकासी भी कर मुक्त होती है. पीपीएफ खातों को 15 सालों से आगे बढ़ाने जाने की स्थिति में भी 50 फीसदी निकासी की जा सकती है. वहीं, लोन को उस वर्ष के अंत से एक वर्ष की समाप्ति के बाद लिया जा सकता है जिस वर्ष प्रारंभिक सदस्यता लगी गई थी लेकिन उस वर्ष के अंत से (जिसमें प्रारंभिक सदस्यता ली गई थी) पांच वर्ष की समाप्ति से पहले भी लोन लिया जा सकता है.