किशोर की मौत की जांच को लेकर सड़क पर उतरे लोग, डीएम ने एसआईटी गठित करने का दिया आश्वासन

चमोली, किशोर की मौत की जांच की मांग को लेकर दशोली ब्लाक के विभिन्न गांवों के ग्रामीण और जनप्रतिनिधि सड़क पर उतर आए। उन्होंने कलक्ट्रेट परिसर तक जुलूस निकालकर न्याय की गुहार लगाई और कलक्ट्रेट में धरने पर बैठ गए। डीएम ने मामले में एसआईटी गठित करने का आश्वासन दिया लेकिन वह नहीं माने। ग्रामीणों के आक्रोश को देखते हुए पुलिस ने मामले में मृतक के पिता की तहरीर पर एक किशोरी और उसके परिजनों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया, जिसके बाद लोग शांत हुए। प्रदर्शन और लोगों की भीड़ को देखते हुए कलक्ट्रेट परिसर छावनी में तब्दील रहा।
13 फरवरी को गोपेश्वर-पोखरी मार्ग पर बालखिला नदी किनारे एक किशोर संदिग्ध परिस्थितियों में मृत मिला था। ग्रामीण मामले में हत्या की आशंका जताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। बुधवार को सुबह ग्यारह बजे दशोली ब्लाक के मंडल घाटी, देवर, खडोरा, नैल-कुडाव, डुंग्री, कुजौं-मैकोट, गैर, टंगसा, रौली, ग्वाड़ के साथ ही विभिन्न गांवों के सैकड़ों ग्रामीण गोपीनाथ मंदिर के समीप इकट्ठा हुए। पीजी कॉलेज के छात्र-छात्राएं भी जुलूस में शामिल हुए। लोग हाथ में ‘न्याय चाहिए’ की तख्ती लेकर मुख्य बाजार से होते हुए थाना क्षेत्र से कलक्ट्रेट परिसर पहुंचे और प्रदर्शन कर धरने पर बैठ गए। परिसर में लोगों की भीड़ को देखते हुए कलक्ट्रेट को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया। साथ ही फायर वाहन भी तैनात किया गया। जनप्रतिनिधियों ने डीएम स्वाति एस भदौरिया से मामले में अभी तक चल रही कार्रवाई से अवगत कराने की मांग उठाई। डीएम ने कहा कि मामले में पुलिस ने दोबारा जांच शुरू कर दी है और शासन से एसआईटी गठित करने की सिफारिश की है। इसके बाद भी लोग नहीं माने और ग्रामीणों की मांग पर पुलिस की ओर से मृतक के पिता की तहरीर पर एक किशोरी और उसके परिजनों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस अधीक्षक यशवंत सिंह चौहान ने बताया कि मामले की जांच जोशीमठ थाना इंस्पेक्टर जसपाल सिंह नेगी को सौंपी है। इसके बाद लोग शांत हुए और चले गए। धरना-प्रदर्शन करने वालों में पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य देवेंद्र सिंह, महेंद्र सिंह, एनएसयूआई के पूर्व अध्यक्ष दुर्गा प्रसाद मैठाणी, चंद्रकला तिवारी, पूर्व जिला पंचायत सदस्य भागीरथी कुंजवाल, गणजेश्वर विकास समिति के सचिव ताजबर सिंह और मुराली लाल आदि मौजूद थे। आंदोलन को अधिकांश वकीलों ने भी समर्थन दिया।
यह हैं लोगों के सवाल ग्रामीणों का कहना है कि घटना की रात क्षेत्र की एक किशोरी ने किशोर को अपने घर बुलाया था। पुलिस की जांच में भी यह बात सामने आई है कि किशोर उसके घर पर रात तीन बजे तक रुका था। उसके बाद वह कहां गया, किसके साथ था उसके साथ क्या हुआ इन सब पहलुओं की जांच होनी चाहिए। यदि उसने आत्महत्या की तो घटना की रात को वह जिस जगह पर बताया जा रहा है, वहां से अलकनंदा नदी नजदीक है, तो वह लगभग तीन किमी दूर बालखिला नदी में क्यों गया।
आरोपी किशोरी ने चमोली थाने में दी तहरीर
गोपेश्वर। किशोर की मौत के मामले में आरोपी किशोरी ने भी चमोली थाने में तहरीर दी है। तहरीर में किशोरी ने कहा कि उसे सोशल मीडिया के जरिए धमकी भरे और अश्लील मैसेज भेजे जा रहे हैं। फोन पर भी धमकी दी जा रही है। उसने आरोप लगाया है कि उसका मानसिक उत्पीड़न किया जा रहा है। इस संबंध में एसपी चमोली यशवंत सिंह चौहान का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।