शहीद नजीर के रोते पिता को अफसर ने लगाया गले, भावुक हुए लोग

रविवार को जम्मू और कश्मीर के शोपियां जिले में आतंकियों से हुई मुठभेड़ में नजीर शहीद हो गए। उनके सुपुर्द-ए-खाक (अंतिम संस्‍कार) में सैन्‍य जवान से लेकर अफसर और कई लोग शामिल हुए थे। परिवार के हर सदस्य की आंखें नम थी। उनके बूढे़ पिता के आंसू नहीं थम रहे थे, तभी एक सैन्‍य अफसर उन्हें गले लगा लिया और सांत्वना दी। इसी लम्हे की तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है।

इंडियन आर्मी ने इस फोटो को ट्वीट भी किया। अबतक हजारों लाइक मिल चुके हैं। कुछ ट्विटर यूजर्स ने लिखा है, ‘इस फोटो की संवेदनशीलता को शब्‍दों में बयां नहीं किया जा सकता।’ गौरतलब है कि रविवार को ऑपरेशन ऑलआउट में सुरक्षाबलों ने 6 आतंकी मार गिराए। इसी ऑपरेशन में राष्‍ट्रीय रायफल्‍स के लांसनायक नजीर अहमद वानी शहीद हो गए।

लांसनायक वानी को वर्ष 2007 में उनकी वीरता के लिए सेना ने मेडल दिया गया था। वह कुलगाम तहसील के चेकी अश्‍मूजी गांव के रहने वाले थे। बता दें, दक्षिण कश्‍मीर में स्थित कुलगाम जिला आतंकवादियों का गढ़ माना जाता है। सेना के प्रवक्‍ता ने बताया कि लांसनायक नजीर अहमद वानी के परिवार में उनकी पत्‍नी और दो बच्‍चे हैं।

नजीर ने करियर की शुरुआत साल 2004 में टेरिटोरियल आर्मी से की थी। उन्‍हें सोमवार को 21 तोपों की सलामी दी गई। उनके पार्थिव शरीर को तिरंगे में लपेटकर कुलगाम में उनके पैतृक गांव अशमुजी लाया गया और उनके परिजनों को सौंपा गया था।