अब जेपी नड्डा संभालेंगे भाजपा के अध्यक्ष की कुर्सी

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नई दिल्ली, भाजपा की कमान निर्विरोध चुनाव के बाद जगत प्रकाश नड्डा को सौंप दी गयी है। श्री जेपी नड्डा अब अमित शाह की जगह पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष होंगे। सोमवार को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष की घोषणा दीन दयाल उपाध्याय मार्ग स्थित पार्टी मुख्यालय से हुई है। इसके मद्देनजर मुख्यालय में पार्टी के नेताओं के साथ भाजपा नेता अमित शाह, राजनाथ सिंह, नितिन गडकरी मौजूद रहे। इस दौरान उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने श्री नड्डा जी का अभिवादन किया और उन्हें पार्टी की कमान सौंपे जाने पर ख़ुशी व्यक्त की है। पार्टी मुख्यालय में इस दौरान संगठनात्मक चुनाव प्रक्रिया के प्रभारी वरिष्ठ भाजपा नेता राधामोहन सिंह ने पार्टी मुख्यालय में इसकी घोषणा की। निवर्तमान अध्यक्ष अमित शाह और अन्य वरिष्ठ नेताओं ने नड्डा को बधाई दी, जो पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में कार्य कर रहे थे। वह तीन साल तक इस पद पर रहेंगे।

गौरतलब हो कि जेपी आंदोलन से सुर्खियों में आए जगत प्रकाश नड्डा विश्व की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चुन लिए गए हैं। स्थापना के बाद पहली बार ऐसा मौका आया है जब भाजपा की कमान हिमाचल का कोई नेता संभालेगा।
एक नजर श्री नड्डा के व्यक्तित्व पर :-
जेपी नड्डा 1977 से 1979 तक रांची में रहे। उनके पिता रांची विश्वविद्यालय के कुलपति व पटना विवि के प्रोफेसर रहे। 1975 में जेपी आंदोलन में भाग लेने के बाद जगत प्रकाश नड्डा बिहार में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद में शामिल हुए।

1977 में छात्र संघ का चुनाव लड़ा और सचिव बने थे। पटना से स्नातक के बाद नड्डा ने हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय से एलएलबी की पढ़ाई की। 1983 में पहली बार हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के छात्र संघ चुनाव में वह विद्यार्थी परिषद के अध्यक्ष चुने गए।

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष की कुर्सी तक पहुंचने वाले जगत प्रकाश नड्डा 1993 में हिमाचल विधानसभा चुनाव लड़ने के बाद भाजपा विधायक दल के नेता बने थे। 1998 में विधानसभा चुनाव जीतने के बाद नड्डा को पार्टी सीएम बनाना चाह रही थी लेकिन उनके पीछे हटने से प्रेम कुमार धूमल का नाम प्रस्तावित किया गया। 2009 में मंत्री पद छोड़कर वह दिल्ली चले गए।

जेपी नड्डा
बीजेपी की कमान जेपी नड्डा के हाथों में जेपी नड्डा को अमित शाह के गृहमंत्री बनने के बाद कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया था। वहीं, राष्ट्रीय अध्यक्ष चुने जाने के बाद उन्होंने अपना कार्यभार भी संभाल लिया। पार्टी मुख्यालय में उन्होंने अपने भाई से भी मुलाकात की। बीजेपी की कमान संभालने के साथ ही जेपी नड्डा के सामने दिल्ली और उसके बाद बिहार विधानसभा चुनाव जैसी बड़ी चुनौतियां होंगी। अमित शाह ने अध्‍यक्ष पद पर रहते हुए भाजपा को नयी बुलंदियों तक पहुंचाया है। ऐसे में जेपी नड्डा को ये बड़ी जिम्मेदारी मिलने पर खुद को साबित करने की चुनौतियां भी होंगी।

अमित शाह
पीएम मोदी-शाह के हैं भरोसेमंद

जेपी नड्डा की राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और संगठन में पैठ रही है। वे बीजेपी के पुराने नेताओं के साथ भी रहे हैं और वर्तमान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ-साथ अमित शाह के भी भरोसेमंद माने जाते हैं। मूलत: हिमाचल प्रदेश से ताल्लुक रखने वाले जेपी नड्डा का जन्म 2 दिसंबर, 1960 में पटना में हुआ था। उनकी प्राथमिक शिक्षा पटना के ही सेंट जेवियर स्कूल में हुई और बीए उन्होंने पटना यूनिवर्सिटी से किया। नड्डा छात्र राजनीति के दौरान एबीवीपी से जुड़ने के बाद बीजेपी के युवा मोर्चा से होते हुए हिमाचल की राजनीति में आए।