यूपी में पुलिसकर्मियों को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा, सिपाही की मौत

आरक्षण की मांग करने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली में जाने से रोकने पर निषाद पार्टी के कार्यकर्ताओं ने शनिवार की शाम जमकर बवाल काटा। आगजनी कर चक्काजाम कर दिया। कई वाहनों में तोड़फोड़ करने के बाद पुलिसकर्मियों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। पिटाई में एक सिपाही की मौत हो गई। फोर्स के साथ पहुंचे आला अधिकारियों ने बवाल करने वालों को खदेड़ने के साथ कई लोगों को हिरासत में लिया है। देर शाम वाराणसी से एडीजी जोन पीवी रामा शास्त्री भी पहुंचे। दावा किया कि सिपाही की मौत के जिम्मेदार उपद्रवी जल्द पकड़े जाएंगे।

निषाद पार्टी के लोग काफी दिनों से आरक्षण की मांग कर रहे हैं। शनिवार को प्रदेश अध्यक्ष संजय निषाद के साथ आरक्षण की मांग करने के लिए कार्यकर्ता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आरटीआई मैदान में आयोजित रैली में जाने के लिए कठवा मोड़ पुल के पास जुटे थे। इसी दौरान पीएम की सभा में जा रही गाड़ियों को सकुशल गुजारने के लिए पुलिस ने निषाद पार्टी के कार्यकर्ताओं को सड़क से हटाना चाहा तो गुस्सा फूट पड़ा। पुलिस के बल प्रयोग पर भीड़ उग्र हो गई और सड़क पर आगजनी कर चक्काजाम कर दिया। पुलिस पर पथराव करते हुए दौड़ा-दौड़ाकर पीटना शुरू कर दिया। पथराव में भाजपा नेताओं की कई गाड़ियां क्षतिग्रस्त हो गई। कार्यकर्ताओं की पिटाई से हेडकान्स्टेबल सुरेन्द्र वत्स गंभीर रूप से घायल हो गए।

अस्पताल ले जाते समय उनकी मौत हो गई। एसपी यशवीर सिंह समेत एएएसपी सिटी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस के जवानों ने हल्का बल प्रयोग कर जाम को समाप्त किया। मारे गए सिपाही सुरेंद्र वत्स प्रतापगढ़ के लक्षीपुर-रानीपुर के मूल निवासी थे।