Makar Sankranti Khichdi Recipe : मकर सक्रांति पर खिचड़ी का है खास महत्व

मकर संक्रांति हिंदुओं के सबसे बड़े त्योहारों में से एक है. यह कई कारणों से महत्वपूर्ण मानी जाती है. ग्रेगोरियन कैलेंडर के अनुसार मकर संक्रांति त्योहारों की सूची में पहले स्थान पर है क्योंकि यह जनवरी में आता है. इस लोग सूर्य देव (सूर्य देवता) को श्रद्धा सुमन अर्पित करते हैं. सूर्य की गर्मजोशी और सुकून देने वाली किरणों के लिए लोग धन्यवाद देते हैं. कहते हैं कि सूर्य के बिना इस ग्रह पर जीवन नहीं होगा.

मकर संक्रांति को भारत भर में अलग-अलग नामों से मनाया जाता है. इसे तमिलनाडु में पोंगल, पंजाब में माघी, असम में भोगली बिहू और गुजरात में उत्तरायण के रूप में जाना जाता है. यह हिंदू कैलेंडर के सबसे शुभ दिनों में से एक है और यह सूर्य के मकर राशि में संक्रमण के पहले दिन को दर्शाता है.

खिचड़ी का है महत्त्व

उत्तर प्रदेश और बिहार के कुछ हिस्सों में मकर संक्रांति को सूर्य देव को खिचड़ी अर्पित की जाती है. उत्तर भारत में मकर संक्रांति के दिन, चावल, उड़द की दाल के साथ खिचड़ी बनाई जाती है, जिसे सुगंधित मसाले और शुद्ध घी के साथ बनाया जाता है.

भारत के अधिकांश हिस्सों में तिल या तिल के बीज, मकर संक्रांति के अनुष्ठानों के लिए महत्वपूर्ण हैं. मकर संक्रांति के दिन पतंग उड़ाना महत्वपूर्ण हिस्सा है. इस दिन, भक्त नदियों, विशेष रूप से गंगा, यमुना, गोदावरी, कृष्णा और कावेरी में पवित्र डुबकी लगाते हैं. ऐसा माना जाता है कि स्नान करने से पिछले पापों का नाश होता है.