महाराष्ट्र सरकार की नई योजना बना रही शराब की होम डिलिवरी की जाएगी

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महाराष्ट्र सरकार की नई योजना उन लोगों के लिए खुशखबरी है जिन्हें शराब की दुकान पर लाइन में लगकर शराब खरीदनी पड़ती है। सरकार एक नई योजना बना रही है जिसके अंतर्गत अब शराब की होम डिलीवरी की जाएगी। यानी कुल मिलाकर अब आपको घर बैठे ही अपनी मनपसंद शराब मिल जाएगी। राजस्व राज्यमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने शनिवार को इस योजना के बारे में कहा कि यह शराब उद्योग में बदलाव लाएगा। इस तरह की नीति लाने वाला महाराष्ट्र देश का पहला राज्य है। राज्य के मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा कि जिस तरह से ई कॉमर्स कंपनियां देश में काम करती हैं शराब की होम डिलेवरी का तंत्र भी उसी तरह काम करेगा.

सामाजिक कार्यककर्ताओं की कड़ी प्रतिक्रियाओं के बाद रविवार को महाराष्ट्र सरकार शराब की होम डिलेवरी की अपनी योजना से पीछे हट गई. इससे पहले कहा गया कि नशे में ड्राइविंग के बढ़ते मामलों को रोकने के लिए महाराष्ट्र सरकार शराब की होम डिलेवरी की योजना बना रही है. अगर ऐसा होता तो महाराष्ट्र ऐसा करने वाले देश का पहला राज्य बन जाता.

मंत्री ने कहा कि शराब की बोतलों पर जियो-टैग लगाया जाएगा जिससे कि उनके विक्रेता और उसकी बिक्री को ट्रैक किया जा सके। यह टैगिंग बोतलों के ढक्कन पर की जाएगी। जिसके जरिए विक्रेता से ग्राहक तक जाने की प्रक्रिया को ट्रैक किया जाएगा। सरकार के इस फैसले पर हाईकोर्ट के एक नामी वकील श्रीरंग भंडारकर ने कहा कि इससे लोगों का काफी समय बचेगा और व्यस्त लोगों को राहत मिलेगी। शराब पीकर गाड़ी चलाने वालों की संख्या घटाने के साथ ही इससे युवाओं को रोजगार मिलेगा जो शराब की डिलीवरी करेंगे।

उन्होंने कहा कि जिस तरह से ई कॉमर्स कंपनियां देश में काम करती हैं शराब की होम डिलेवरी का तंत्र भी उसी तरह काम करेगा. चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा, “जिस तरह से लोगों को ग्रॉसरीऔर सब्जियां घर पर मिलती हैं उसी तरह शराब भी मिलेगी.”

हालांकि इस खबर पर सामाजिक कार्यकर्ताओं की कड़ी प्रतिक्रिया आई जिसके बाद चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा है कि सरकार की ऐसी कोई योजना नहीं है.

कि यह सुनिश्चित करने के लिए भी कदम उठाए जाएंगे कि जिन्होंने शराब ऑर्डर की है वह शराब पीने के लिए न्यूनतम आयु की शर्त को पूरा करते हैं. शराब विक्रेता को आधार नंबर के जरिए खरीददार की पहचान करनी होगी. रिपोर्ट के अनुसार मंत्री ने यह भी कहा कि बोतलों पर जियो टैग (किसी वस्तु के स्थान का पता लगाने के लिए तंत्र) किया जाएगा.
“टैगिंग बोतल के ढक्कन पर की जाएगी. हम मैन्युफैक्चरर से लेकर ग्राहक तक बोतल को ट्रैक कर सकते हैं. यह नकली शराब और तस्करी की बिक्री को रोकने में मदद करेगा.”

नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो की एक रिपोर्ट के अनुसार साल 2015 में सभी सड़क दुर्घटनाओं में से 1.5% के लिए नशे में ड्राइविंग जिम्मेदार थी. ऐसी घटनाओं में मौत की भी सबसे ज्यादा संख्या थी. तेजी और लापरवाही से वाहन चलाने में हुई दुर्घटनाओं में जहां 30% और 33% लोगों की मौत हुई वहीं नेश में ड्राइविंग में हुई दुर्घटना में 42% की मौत हुई थी.