Zomato के डिलीवरी बॉय हड़ताल पर, कम्पनी पर लगाया धार्मिक भावनायें आहत करने का आरोप

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कोलकाता । भागदौड़ भरी  जिन्‍दगी में आज हर इंसान समय बचाने के फेर में रोजमर्रा की वस्‍तुओं को ऑनलाइन बुक करा कर बाजार के झंझट से मुक्त होना चाहता है। कई क्षेत्रों में इस तरह ऑनलाइन लाइन खरीद पर ग्राहकों को कम्पनी द्‍वारा छूट प्रदान कर बिक्री को बढा़ने का सार्थक प्रयास किया जाता है, जिसमें काफी हद तक इस क्षेत्र में कार्य करने वाली कम्पनी मोटा मुनाफा अर्जित कर लेती है, जहाँ देखा गया कि आन लाइन डिलेवरी करने वाली इस तरह की कम्पनी खुद उत्पादन की कोई खेप अपने यहाँ तैयार नहीं करती, मात्र एक बिजनेस ऐप बनाकर बाजार से लिंक कर अपना व्‍यापार चला रही हैं, खरीददार या ग्राहक का इस ओर ध्‍यान बरबस नहीं जाता। डिलेवरी बाॅय भी कम सेलरी में दिनभर दौड़ते रहते हैं। इसी परिणीति के तहत खाना डिलीवरी करने वाली कंपनी जोमैटो एक नए विवाद में आ गई है. यह विवाद कोलकाता में उठा है और विवाद भी कंपनी के अंदर का है. Zomato से जुड़े डिलीवरी स्टाफ का आरोप है कि उन्हें ऐसे खाने की डिलीवरी कराई जा रही है जिससे उनकी धार्मिक भावनाएं आहत हो रही हैं. जोमैटो के डिलीवरी ब्वॉय पिछले सोमवार से हड़ताल पर हैं. उन्होंने ऐलान किया है कि बकरीद के दौरान वे उस खाने की डिलीवरी नहीं करेंगे जिसमें बीफ पड़ा हो. इसके अलावा इनका ये भी कहना है कि कंपनी से जुड़े डिलीवरी ब्वॉय पोर्क फूड की भी डिलीवरी नहीं करेंगे.

ऑनलाइन फूड डिलीवरी करने वाली कंपनी जोमैटो एक बार फिर विवाद में है। इस बार विवाद कंपनी के भीतर का है और यह विवाद कोलकाता में उठा है। जोमैटो के डिलीवरी स्टाफ का आरोप है कि कंपनी उन्हें ऐसे खाने की डिलीवरी करा रही है, जिससे उनकी धार्मिक भावनाएं आहत हो रही हैं। वे इस वजह से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर है।

डिलीवरी स्टाफ का आरोप है कि उनसे बीफ और पोर्क का डिलीवरी कराया जा रहा है, जो उनकी इच्छा के खिलाफ है। स्टाफ ने कहा है कि कंपनी उनकी मांगों को नहीं सुन रही है और उनकी इच्छा के विरुद्ध बीफ और पोर्क डिलीवर करने के लिए मजबूर कर रही है। इसको लेकर वे एक हफ्ते से हड़ताल पर हैं।

जानकारी के अनुसार कर्मचारियों की दो मांगें हैं। उनकी पहली मांग यह है कि कंपनी इनकी धार्मिक भावनाओं से खिलवाड़ नहीं करे। इसके अलावा उन्होंने अपनी तनख्वाह भी बढ़ाने की मांग की है। कर्मचारियों ने इसे लेकर कथित रूप से अपने उच्च अधिकारियों को सूचित किया है, लेकिन अभी तक उनकी ओर से कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

जोमैटो फूड डिलीवरी स्टाफ मौसिन अख्तर ने कहा, ‘हाल ही में कुछ मुस्लिम रेस्तरां ऑनलाइन खाद्य वितरण ऐप में जोड़े गए हैं। लेकिन हमारे पास कुछ हिंदू डिलीवरी बॉय हैं जो बीफ और पोर्क की डिलीवरी करने से इनकार कर रहे हैं। यह भी सुनने में आया है कि कुछ दिनों में हमें भी पोर्क की डिलीवरी देनी पड़ेगी, लेकिन हम इसकी डिलीवरी नहीं करेंगे।’

ममता बनर्जी सरकार में मंत्री राजीब बनर्जी ने इसे लेकर कहा कि संगठन को किसी भी व्यक्ति को अपने धर्म के खिलाफ जाने के लिए मजबूर नहीं करना चाहिए। यह गलत है। अब जब मुझे इस संबंध में जानकारी मिली है, तो मैं इस मामले को देखूंगा।