नवाज मामले में मन मुताबिक जजमेंट के लिए प्रेशर बना रही ISI – इस्लामाबाद HC के जज का आरोप

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पाकिस्तानी हाईकोर्ट के एक न्यायाधीश ने शनिवार(21 जुलाई) को आरोप लगाया कि देश की गुप्तचर एजेंसी आईएसआई पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ सहित अन्य मामलों में अनुकूल फैसले के लिए मुख्य न्यायाधीश और अन्य न्यायाधीशों पर दबाव डाल रही है. इस्लामाबाद हाईकोर्ट के न्यायाधीश शौकत सिद्दिकी रावलपिंडी बार एसोसिएशन में बोल रहे थे. उन्होंने न्यायपालिका और मीडिया पर ‘‘ नियंत्रण ’’ को लेकर आईएसआई को आड़े हाथ लिया. उन्होंने कहा, ‘‘आज न्यापालिका और मीडिया बंदूकवाला (सेना) के नियंत्रण में आ गए हैं.

न्यायपालिका स्वतंत्र नहीं है. यहां तक कि मीडिया को भी सेना से निर्देश मिल रहे हैं. मीडिया सच नहीं बोल रहा है क्योंकि वह दबाव में है और उसके अपने हित हैं. ’’ उन्होंने कहा , ‘‘ अलग अलग मामलों में आईएसआई वांछित परिणाम हासिल करने के लिए अपनी पसंद की पीठें गठित कराती है. आईएसआई ने मुख्य न्यायाधीश से यह सुनिश्चित करने के लिए कहा है कि नवाज शरीफ और उनकी बेटी मरियम नवाज 25 जुलाई को होने वाले चुनाव से पहले जेल से बाहर नहीं आयें. उसने उनसे यह भी कहा है कि एवेनफील्ड मामले में नवाज शरीफ और उनकी पुत्री की अपील की सुनवायी कर रही पीठ में मुझे शामिल नहीं करें.

मुख्य न्यायाधीश ने आईएसआई से कहा कि वह उसकी पसंद की पीठ बनाएंगे. ’’ पीठ ने शरीफ परिवार के सदस्यों की अपील पर सुनवायी चुनाव से बाद करना तय किया. शरीफ और मरियम दोनों एवेनफील्ड भ्रष्टाचार मामले में रावलपिंडी स्थित अडियाला जेल में क्रमश : 10 वर्ष और सात वर्ष की सजा काट रहे हैं. दोनों को गत 13 जुलाई को लंदन से स्वदेश पहुंचने पर गिरफ्तार कर लिया गया था. दोनों को एक जवाबदेही अदालत ने ब्रिटेन की राजधानी लंदन में परिवार के चार फ्लैटों के स्वामित्व को लेकर दोषी पाया था.

सीपीजे शोधकर्ता आलिया इफ्तिकार ने अपनी इस रिपोर्ट में कई पाकिस्तानी पत्रकारों का हवाला दिया है जिन्होंने कहा है कि न्यायपालिका की चुप्पी से ‘ भय और आत्म सेंसरशिप का माहौल’ बढ़ता जा रहा है.