स्कूल खुलने पर NCERT की इन गाइड लाइनों का संस्थानों और अभिभावकों को करना होगा पालन

🅰️bitfar राजेन्द्र नेगी/एल. मोहन लखेड़ा

अनलॉक.1 में केंद्र द्वारा लगभग सभी क्षेत्रों में दी गयी ढील के बाद अब सबकी निगाहें भावी पीढ़ी की शिक्षा से जुड़े संस्थानों पर पर टिक गयी हैं | प्रत्येक अभिभावक के मन में ये सवाल रह रह कर कौंध रहा होगा कि उनके नौनिहालों के स्कूल कॉलेज कब खुलेंगे और जब खुलेंगे तो वहां उनके बच्चें जानलेवा कोरोना से किस तरह सुरक्षित रह पाएंगे ? वह कौन कौन सी सावधानियां और नियम होंगे जिनका पालन उन्हें करना होगा ? इससे सम्बंधित अनिगिनत सवालों का सभी माता पिता के मन में आना स्वाभाविक है | अब ऐसे में यहाँ तमाम शिक्षण संस्थानों के खुलने की तिथि की जानकारी तो देना मुश्किल है लेकिन बाकी अन्य सभी सवालों से जुडी महत्वपूर्ण जानकारी हम यहाँ देने जा रहे है | क्योंकि मानव संसाधन मंत्रालय के निर्देशों पर NCERT ने शिक्षण संस्थानों में कोरोना से सुरक्षा हेतु दिशा निर्देशों का मसौदा तैयार किया है | जिनका पालन सभी सरकारी और निजी शिक्षण संस्थानों को करना होगा |

क्या है प्रारूप की मुख्य बातें :

शिक्षण संसथान छह चरणों में खोले जाएंगे जिनमे बड़ी कक्षाएं यानी कक्षा 11 व् 12 पहले खोले जाएंगे । वहीँ एक सप्ताह के बाद कक्षा 9 से 10 शुरू होंगी | कक्षा 6 से 8 को दो सप्ताह के बाद शुरू किया जाएगा तथा कक्षा 3 से 5 में पढ़ाई तीन सप्ताह के बाद शुरू की जायेगी | कक्षा 1 से 2 तक चार सप्ताह के बाद और नर्सरी कक्षाएं तो पांच सप्ताह बाद ही खुलेंगी जब सम्बंधित अभिभावक पक्ष में होंगे।

छात्रों को सम विषम आधार पर स्कूलों में बुलाया जाएगा । ताकि संख्या पर नियंत्रण कर सामाजिक दूरी की शर्तों का पालन करना आसान हो | लेकिन उन्हें हर दिनघर का काम सौंपना होगा।
प्रत्येक कक्षा में मात्र 30 से 35 छात्र होंगे, जिनके मध्य सामाजिक दूरी के नियमों के तहत 6 फीट की दूरी बनाए रखनी होगी |
स्कूल परिसर में कोई भी सामूहिक कार्य नहीं होगा जिसमें सुबह की प्रार्थना सभा भी शामिल है ।
छात्र, शिक्षक व् अन्य सभी स्टाफ को अनिवार्य मास्क का प्रयोग करना होगा | रोज़ाना सभी छात्रों और स्टाफ सदस्यों की स्क्रीनिंग और संक्रमण लक्षण होने पर स्कुल प्रवेश निषेध होगा ।
कक्षाओं में AC का प्रयोग वर्जित होगा | सभी दरवाजे और खिड़कियां खुली रखनी होगी ।
छात्रों के नाम डेस्क पर लिखे जाएंगे ताकि वे हमेशा एक ही जगह पर बैठें।
विद्यालय के अधिकारी सुनिश्चित करेंगे कि छात्रों के बीच भोजन एवं पीने के पानी का कोई बंटवारा नहीं हो ।
स्कूल के बाहर किसी भी तरह खाने के स्टॉल नहीं होंगे।
गाइडलाइन में स्पष्ट किया गया है कि खुले स्थानों में कक्षाएं आयोजित करना भी एक विकल्ल्प हो सकता है।
एचआरडी मंत्रालय ने राज्य सरकारों और अन्यहितधारकों के साथ शैक्षणिक संस्थानों को फिर से खोलने पर विचार विमर्श शुरू किया हुआ है | सबकी राय जानने के बाद इन दिशा निर्देशों को गृह मंत्रालय को भेजा जाएगा ताकि अंतिम गाइड लाइन निर्धारित की जाए | जहाँ तक स्कूल कालेजों के खुलने की तारीख की बात हो तो स्वयं शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल ने घोषणा की है कि इन्हें संभवत 15 अगस्त के बाद ही पुनः शुरू किया जाएगा ।