खास खबर : जेलों में बंद कैदियों को मिलेगी अन्तरिम जमानत

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(देवेन्द्र चमोली)

वैश्विक संकट कोरोना वायरस के संक्रमण से देश के कारगारो में निरुद्ध कैदियों के बचाव हेतु सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुशार जिन कैदियों को किसी मामले में सात साल या उससे कम की सजा दी गई है और वे जेल में बंद हैं ऐसे में उन्हें पैरोल या अंतरिम जमानत दी जा सकती है।
इस संबंध में उत्तराखंड हाइकोर्ट द्वारा उच्चस्तरीय समिति गठित कर दी गई है जिनके द्वारा सजायाफ्ता और विचाराधीन कैदियों को फिलहाल कुछ समय के लिए रिहा किया जा सकता है।
उत्तराखंड हाइकोर्ट द्वारा बताया गया कि उत्तराखंड में कुल 855 कैदी है जो कि उनके अपराध और व्यवहार के आधार पर फिलहाल पैरोल या अंतरिम जमानत दिए जाने की परिधि में आते है। साथ ही 36 कैदी ऐसे पाए गए जो कि अस्वस्थ है व जिन्हें अभी पैरोल व अंतरिम ज़मानत दिया जाना उचित नही है।
बताया कि पैरोल या अंतिम जमानत का प्रार्थना पत्र जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सहायता से राज्य सरकार को भेजा जाएगा। प्रार्थना पत्र ऑनलाइन भरा जाएगा जिससे सामाजिक दूरी के नियमो का पालम हो सके। जनपद न्यायाधीश द्वारा लाभान्वित कैदियों से प्राप्त प्रार्थना पत्रो की ऑनलाइन सुनवाई की जाएगी। जनपद से रिहा होने वाले कैदियों की जांच संबंधित मुख्यचिकत्साधिकारी द्वारा की जाएगी कि वे पूर्ण चिकित्सीय जांच की जाएगी। साथ ही जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक द्वारा पैरोल पर रिहा होने वाले कैदियों को सुरक्षित गंतव्य तक सामाजिक दूरी के अनुपालन में पहुँचाया जाएगा।