IMF : 2021 में भारत 11.5 प्रतिशत की दर से बढ़ेगा, आईएमएफ ने जताया वृद्धि का अनुमान

International Monetary Fund : अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने मंगलवार को भारत की अर्थव्यवस्था को अगले वित्तीय वर्ष (2021-22) में 11.5 प्रतिशत तक उछाल देने का अनुमान लगाया। इसके बाद इसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था में एक माना जा सकता है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने अपनी ताजा वर्ल्ड इकोनॉमिक आउटलुक रिपोर्ट में यह दर्शाया है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ने रिपोर्ट में बताया कि उन्होंने साल 2021 के लिए वैश्विक ग्रोथ 5.5 फीसद रहने का अनुमान लगाया है। साथ ही आईएमएफ ने कहा कि यह वायरस और वैक्सीन के आउटकम पर अधिक निर्भर करेगा। आईएमएफ ने साल 2021 के लिए जिन अर्थव्यवस्थाओं की ग्रोथ का अनुमान जारी किया है, उनमें सबसे अधिक ग्रोथ अनुमान भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए ही है।

साल 2021 में आईएमएफ ने यूएस के लिए 5.1, जापान के लिए 3.1, यूके के लिए 4.5, चीन के लिए 8.1, रूस के लिए 3.0, और सऊदी अरब के लिए 2.6 फीसद जीडीपी ग्रोथ रहने का अनुमान व्यक्त किया है। आईएमएफ ने साल 2022 के लिए यूएस की अर्थव्यवस्था में 2.5 फीसद ग्रोथ रहने का अनुमान व्यक्त किया है। इसके अलावा आईएमएफ ने साल 2022 के लिए फ्रांस की अर्थव्यवस्था में 4.1 फीसद, इटली में 3.6 फीसद, स्पेन में 4.7 फीसद, जापान में 2.4 फीसद, यूके में 5 फीसद, कनाडा में 4.1 फीसद, चीन में 5.6 फीसद, सऊदी अरब में 4 फीसद, ब्राजील में 2.6 फीसद और दक्षिणी अफ्रीका में 1.4 फीसद की ग्रोथ रहने का अनुमान जताया है।

रिपोर्ट में मौजूदा वित्त वर्ष में भारत की अर्थव्यवस्था में गिरावट कोविड -19 महामारी की वजह से 8 फीसदी दर्शाई गई है। बीते तीन महीनों में कुछ देशों में टीकों को अप्रत्याशित रूप से मजबूत सफलता मिली है और कुछ देशों ने महत्वाकांक्षी टीकाकरण अभियान शुरू किया है। वैक्सीन की इस दौड़ के परिणाम पर निर्भर करता है कि महामारी को समाप्त करने के लिए, और नीतियों के प्रभावी होने तक प्रभावी सहायता प्रदान करने की क्षमता पर जबरदस्त अनिश्चितता बनी हुई है और देशों में संभावनाएं बहुत भिन्न हैं।

 

आईएमएफ ने कहा है कि हमारे नवीनतम विश्व आर्थिक आउटलुक पूर्वानुमान में हम 2021 के लिए वैश्विक विकास का अनुमान 5.5 प्रतिशत, हमारे अक्टूबर के पूर्वानुमान से 0.3 प्रतिशत अधिक है, 2022 में 4.2 प्रतिशत है। 2021 के लिए कुछ देशों में टीकाकरण की शुरुआत के सकारात्मक प्रभावों को दर्शाता है। संयुक्त राज्य अमेरिका और जापान जैसी अर्थव्यवस्थाओं में 2020 के अंत में अतिरिक्त नीति समर्थन और स्वास्थ्य संकट के रूप में गतिविधियों में अपेक्षित वृद्धि हुई है।