दिनेश के जज्बे को सलाम, पर्यावरण संरक्षण की अनूठी मिसाल

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देहरादून(सुनील घिल्डियाल) । आज की भाग दौड़ भरी जिन्दगी में मनुष्य अपने परिवार तक ही सिमट गया है, उसे न तो सामाजिक सरोकार से कुछ लेना है न ही अपने आसपास घटित होती दैनिक घटनाओं से कुछ सीखना है । समसामयिक रूप मनुष्य सिर्फ अपने लिए और परिवार की सुख सुविधाओं के चक्कर में बोना बना फिर रहा है । प्रकॄति के प्रति उसकी उदासीनता,समाज के प्रति उसका दायित्व मात्र दिखावे के रुप झलकता है ।

ऐसे कोई अपनी नौकरी के साथ साथ क्रियात्‍मक कार्य के रुप कुछ ऐसा करे कि लोग उसकी सकारात्मक सोच के दीवाने हो जायें। हम बात कर रहे हैं दिनेश खन्ना जी की । सिविल मानचित्रकार के पद नगर निगम देहरादून में कार्यरत खन्ना जी के दफ्‍तर में घुसते ही प्रकॄति का सुखद अहसास उनकी सार्थक सोच का सम्‍बल प्रदान करता है ।

दिनेश भाई द्वारा वेस्‍टमटीरियल से किस तरह से पुरानी खाली प्‍लास्‍टिक की वस्तुओं को गमलों का स्‍वरुप देते हुए अपने घर, आफिस को सुन्दर बना सकते हैं, उनका कहना है कि इस कार्य में न कोई खर्चा और न कोई योग्यता,बस मन में लगन और प्रकॄति के प्रति लगाव होना आवश्यक है ।

हमारे घरों में काफी मात्रा में प्‍लास्‍टिक की बोतलें तथा अन्य सामान पडा रहता उसका उपयोग हम गमलों के रूप में कर सकते हैं । जिससे पर्यावरण भी सुरक्षित रह सकता है और हमारा आफिस और घर भी। है न गजब की सोच दिनेश खन्ना जी की। जिन्हें इस सकारात्मक सोच और जज्बे के लिए साधुवाद। अगर यही सोच सार्थक रूप में आगे बढे तो दून को हम प्‍लास्‍टिक मुक्त बनाने में सक्रिय योगदान कर सकते है ।