गोवा में कांग्रेस के दो विधायक ने बीजेपी में शामिल

दिल्ली में बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह से मुलाकात के बाद विधायकों ने यह बड़ा ऐलान किया है। गोवा में सीएम मनोहर पर्रिकर के खराब स्वास्थ्य के बाद शुरू हुई राजनीतिक उथल-पुथल में कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है। कुछ दिनों पहले गोवा में सरकार बनाने का मौका मांग रही कांग्रेस के दो विधायकों ने बीजेपी में शामिल होने का ऐलान कर दिया है। आपको बता दें कि एम्स में इलाज करा रहे सीएम पर्रिकर को अभी रविवार को ही गोवा लाया गया है। कांग्रेस छोड़ने का ऐलान करने वाले एक विधायक ने यह भी दावा किया है कि दूसरे कांग्रेस विधायक भी उनके संपर्क में हैं।

मंगलवार को गोवा कांग्रेस के दो विधायक राजधानी दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष अमित शाह के घर मिलने पहुंचे. अब दोनों विधायक मंगलवार शाम को ही भारतीय जनता पार्टी ज्वाइन करेंगे. विधायकों का कहना है कि उनके अलावा 2-3 अन्य MLA भी BJP ज्वाइन कर सकते हैं. साफ है कि अगर कांग्रेस के विधायक बीजेपी ज्वाइन करते हैं तो गोवा सरकार पर मंडरा रहा खतरा टल सकता है.

गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर की तबीयत पिछले काफी दिनों से खराब है. उनके खराब स्वास्थ्य का साइड इफेक्ट गोवा में दिख रहा है.लेकिन कुछ ही देर बाद पूरा गेम ही पलट गया. जब दोनों कांग्रेस विधायकों दयानंद सोपते और सुभाष शिरोदकर ने गोवा विधानसभा के स्पीकर को अपना इस्तीफा सौंप दिया. और कुछ ही देर में ये स्वीकार भी हो गया. इन दो विधायकों के इस्तीफे के साथ ही कांग्रेस से सबसे बड़े दल का तमगा भी छिन गया है.

गोवा में कुल 40 विधानसभा सीटें हैं यानी बहुमत के लिए 21 सीटों का समर्थन चाहिए. BJP के पास अभी तक 23 विधायकों का समर्थन था, जबकि कांग्रेस के पास कुल 16 विधायक थे. NDA के 23 में BJP के 14, गोवा फारवार्ड पार्टी तथा महाराष्ट्र गोमांतक पार्टी के 3-3 विधायक और 3 निर्दलीय विधायक हैं.

अब इनमें से दो कांग्रेस विधायक इस्तीफा दे चुके हैं. यानी अब विधानसभा में कुल विधायकों की संख्या 38 हो गई है और बहुमत के लिए 21 नहीं 20 की संख्या की जरूरत है. कांग्रेस के पास अब कुल 14 विधायक ही बचे हैं.

 

कांग्रेस विधायक दयानंद सोपते और सुभाष शिरोदकर मंगलवार को ही अमित शाह से मिलने पहुंचे. दोनों MLA सोमवार रात को ही दिल्ली के लिए रवाना हुए थे. जिस समय दोनों विधायक दिल्ली के लिए रवाना हुए तब वहां गोवा के हेल्थ मिनिस्टर विश्वजीत राणे भी मौजूद रहे.

इस मुलाकात से पहले गोवा कांग्रेस के प्रभारी का कहना था कि दोनों विधायकों ने उन्हें भरोसा दिया है कि वह पार्टी विरोधी कोई काम नहीं करेंगे. लेकिन अब विधायकों का ये फैसला दर्शाता है कि उन्होंने अपनी पार्टी का साथ छोड़ने का मन बना ही लिया था और उन्होंने ऐसा ही किया.