अच्छी खबर : ॠषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना का काम शुरू, मौजूदा मजदूरों से लिया जा रहा काम

ऋषिकेश, कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण को रोकने के लिए पूरे देश में पिछले करीब एक माह से लॉकडाउन जारी है। लॉक डाउन के कारण तमाम विकास परियोजनाओं पर भी ब्रेक लगा हुआ है। मगर, अब लॉकडाउन के बीच अच्छी खबर यह है कि ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना के कार्य को अनुमति मिल गई है और रेल विकास निगम ने देहरादून, टिहरी व पौड़ी जनपद में रेल परियोजना का काम शुरू कर दिया है। हालांकि, अभी मौजूदा मजदूरों से ही काम लिया जा रहा है, लॉक डाउन खुलने के बाद ही परियोजना के कार्य के लिए बाहर से मजदूर आ सकेंगे। ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना भारतीय रेल की सबसे महत्वकांक्षी रेल परियोजना है। ऋषिकेश से कर्णप्रयाग (सेवाई) तक 126 किमी लंबी रेल लाइन बिछाई जानी है, जबकि इस बीच 11 नए रेलवे स्टेशनों का निर्माण भी किया जाना है। परियोजना के पहले रेलवे स्टेशन यानी योग नगरी ऋषिकेश का निर्माण पूरा हो चुका है।
योग नगरी ऋषिकेश स्टेशन तथा यहां से वीरभद्र स्टेशन के बीच बिछाई गई रेल लाइन को कमिश्नर रेल सेफ्टी संचालन के लिए मंजूरी भी प्रदान कर चुके हैं। इसके साथ ही योग नगरी ऋषिकेश स्टेशन पर 18 पटरियां लाइनें बिछाई जानी हैं, जिनमें से आठ लाइनें अब तक बिछ चुकी हैं। साथ ही ऋषिकेश से आगे चंद्रभागा में रेल पुल के निर्माण का कार्य भी जारी है। मगर, बीती 22 मार्च को देश भर में जनता क‌र्फ्यू के बाद जारी लॉकडाउन से ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना काम भी ठप हो गया था। परियोजना के कार्य में लगे कई श्रमिक अपने राज्यों के लिए चले गए थे। जबकि अधिकांश श्रमिक कार्यस्थलों में ही रह रहे हैं। इस स्वप्निल परियोजना के काम को समय पर पूरा करने और आगे बढ़ाने के लिए रेल विकास निगम ने कार्यस्थलों पर मौजूदा श्रमिकों के साथ आवश्यक सावधानी बरतते हुए काम शुरू करने की इजाजत मांगी थी।

वर्तमान में ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना के कार्य देहरादून जनपद के ऋषिकेश, टिहरी जनपद के ढालवाला, शिवपुरी, मलेथा तथा पौड़ी जनपद से लगे क्षेत्रों में चल रहा है। रेल विकास निगम के परियोजना प्रबंधक ओमप्रकाश मालगुड़ी ने बताया कि देहरादून, टिहरी व पौड़ी जनपद में संबंधित जनपदों के जिलाधिकारियों की ओर से कार्य की अनुमति मिल चुकी है। जिसके बाद कुछ जगहों पर 20 अप्रैल से काम भी शुरू कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि फिलहाल मौजूदा संसाधनों और मैन पावर के साथ काम शुरू कर दिया गया है। निर्माण क्षेत्रों में फिजिकल डिस्टेंसिंग और अन्य सावधानियों के साथ काम शुरू कर दिया गया है। लॉक डाउन खुलने के बाद बाहर गए मजदूर वापस आ जाएंगे। जिसके बाद कार्य को और तेज गति दी जाएगी। (जेएनएन से साभार)